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कंपोजिट ग्रांट में भ्रष्टाचार की शिकायत पर जांच हुई शुरू
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मैनपुरी। बेसिक शिक्षा विभाग में स्कूलों के कायाकल्प के लिए भेजी गई कंपोजिट ग्रांट में भ्रष्टाचार की शिकायत पर बीएसए ने जांच शुरू करा दी है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले के 2186 स्कूलों में 6 करोड़ 11 लाख की धनराशि विद्यालय में व्यवस्थाओं और खेलकूद सामग्री उपलब्ध कराने के लिए भेजी गई थी।
बेसिक शिक्षा विभाग में विद्यालयों के रखरखाव और खेलकूद सामग्री के लिए शिक्षा सत्र 2019-20 में 2186 स्कूलों के लिए 6 करोड़ 11 लाख की धनराशि छात्र संख्या के हिसाब से भेजी गई थी। इसमें भ्रष्टाचार की शिकायत बीएसए से की गई है। बीएसए ने जिला समन्वयकों के माध्यम से इसकी जांच शुरू करा दी है।
शिकायत कर्ता ने बताया कि कंपोजिट ग्रांट में सबसे अधिक भ्रष्टाचार खेलकूद सामग्री में किया गया है। प्रधानाध्यापकों ने फर्जी बिल लगाकर खेल किट की व्यवस्था की रिपोर्ट बीएसए को भेजी है। इस बात का खुलासा जिला समन्वयकों और खंड शिक्षाधिकारियों द्वारा बीएसए को समय-समय पर भेजी गई रिपोर्ट में भी हुआ है। रिपोर्ट में कंपोजिट ग्रांट के उपभोग में अनियमितता की बात कही गई है।
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छात्र संख्या के आधार पर भेजी गई थी धनराशि
एक से 15 छात्रों पर- 12500 रुपये
16 से 100 छात्रों पर- 25000 रुपये
101 से 250 छात्रों पर- 50,000 रुपये
250 से 1000 छात्रों पर- 75,000 रुपये
मुख्य रूप से ये होना था काम
- विद्यालय की रंगाई पुताई
- विद्यालय में शिक्षण कार्य के लिए सहायक सामग्री की व्यवस्था
- विद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए खेलकूद सामग्री की व्यवस्था
- विद्यालय में लघु मरम्मत का कार्य
- दरबाजा और खिड़की की मरम्मत का कार्य
कंपोजिट ग्रांट की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इसके अतिरिक्त खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से भी प्रधानाध्यापकों से कंपोजिट ग्रांट के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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बेसिक शिक्षा विभाग में विद्यालयों के रखरखाव और खेलकूद सामग्री के लिए शिक्षा सत्र 2019-20 में 2186 स्कूलों के लिए 6 करोड़ 11 लाख की धनराशि छात्र संख्या के हिसाब से भेजी गई थी। इसमें भ्रष्टाचार की शिकायत बीएसए से की गई है। बीएसए ने जिला समन्वयकों के माध्यम से इसकी जांच शुरू करा दी है।
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शिकायत कर्ता ने बताया कि कंपोजिट ग्रांट में सबसे अधिक भ्रष्टाचार खेलकूद सामग्री में किया गया है। प्रधानाध्यापकों ने फर्जी बिल लगाकर खेल किट की व्यवस्था की रिपोर्ट बीएसए को भेजी है। इस बात का खुलासा जिला समन्वयकों और खंड शिक्षाधिकारियों द्वारा बीएसए को समय-समय पर भेजी गई रिपोर्ट में भी हुआ है। रिपोर्ट में कंपोजिट ग्रांट के उपभोग में अनियमितता की बात कही गई है।
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छात्र संख्या के आधार पर भेजी गई थी धनराशि
एक से 15 छात्रों पर- 12500 रुपये
16 से 100 छात्रों पर- 25000 रुपये
101 से 250 छात्रों पर- 50,000 रुपये
250 से 1000 छात्रों पर- 75,000 रुपये
मुख्य रूप से ये होना था काम
- विद्यालय की रंगाई पुताई
- विद्यालय में शिक्षण कार्य के लिए सहायक सामग्री की व्यवस्था
- विद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए खेलकूद सामग्री की व्यवस्था
- विद्यालय में लघु मरम्मत का कार्य
- दरबाजा और खिड़की की मरम्मत का कार्य
कंपोजिट ग्रांट की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इसके अतिरिक्त खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से भी प्रधानाध्यापकों से कंपोजिट ग्रांट के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए