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ताजमहल के आसपास सफाई के नाम पर 'घपला', कंपनी ने बिल मांगा 52.78 लाख रुपये
Fri, 27 Sep 2019 05:43 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 27 Sep 2019 05:43 PM IST
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ताजमहल के बाहर कूड़े का ढेर (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कंपनी एसआरएमटी के फर्जीवाड़े पर करार निरस्त करने के बाद भी कंपनियों के रवैये में सुधार नहीं आया। ताजमहल के दो किमी दायरे में सफाई की जिम्मेदारी संभाल रही बीवीजी (भारतीय विकास ग्रुप) कंपनी ने सफाई 54 दिन की, लेकिन नगर निगम से भुगतान पूरे 60 दिनों का मांगा गया है। दो महीने के दौरान अन्य दिनों में निरीक्षण के दौरान भी यहां सफाई नहीं मिली थी।
ताजमहल के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी गेट के साथ दो किमी दायरे में सफाई व्यवस्था में ढिलाई पर कमिश्नर अनिल कुमार मंडलीय बैठक में नाराजगी जता चुके हैं। अपर नगर आयुक्त और अन्य अधिकारियों ने जुलाई-अगस्त के महीने में ताज के आसपास के क्षेत्र में तीन बार निरीक्षण किया। हर बार सफाई की स्थिति खराब पाई गई।
जुलाई और अगस्त में कंपनी के कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने पर छह दिन हड़ताल की थी। तब नगर निगम ने अपने कर्मचारियों को यहां लगाया था। लेकिन बीवीजी ने पूरे दो माह के लिए 52.78 लाख रुपये का भुगतान नगर निगम से मांगा है। हैरतअंगेज रूप से नगर निगम के अधिकारी डॉ. रामेंद्र सिंह ने बिल को सत्यापित भी किया है।
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ताजमहल के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी गेट के साथ दो किमी दायरे में सफाई व्यवस्था में ढिलाई पर कमिश्नर अनिल कुमार मंडलीय बैठक में नाराजगी जता चुके हैं। अपर नगर आयुक्त और अन्य अधिकारियों ने जुलाई-अगस्त के महीने में ताज के आसपास के क्षेत्र में तीन बार निरीक्षण किया। हर बार सफाई की स्थिति खराब पाई गई।
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जुलाई और अगस्त में कंपनी के कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने पर छह दिन हड़ताल की थी। तब नगर निगम ने अपने कर्मचारियों को यहां लगाया था। लेकिन बीवीजी ने पूरे दो माह के लिए 52.78 लाख रुपये का भुगतान नगर निगम से मांगा है। हैरतअंगेज रूप से नगर निगम के अधिकारी डॉ. रामेंद्र सिंह ने बिल को सत्यापित भी किया है।
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बीवीजी ने रोका है कर्मचारियों का वेतन
बीवीजी कंपनी ताज के पास सफाई के लिए नगर निगम से हर महीने 26.39 लाख रुपये ले रही है, लेकिन सफाईकर्मियों को वेतन नहीं दे रही। मई, जुलाई और अगस्त में कंपनी के कर्मचारी हड़ताल पर जा चुके हैं। कर्मचारियों की शिकायत है कि एक माह का वेतन देकर शांत करा देते हैं। चार से पांच महीने का वेतन रोके हुए हैं।
एसआरएमटी ने 5 महीने से नहीं दिया वेतन
लोहामंडी जोन की सफाई का ठेका ग्वालियर की एसआरएमटी कंपनी के नाम पर था, लेकिन पूरा भुगतान देकर कंपनी का करार निरस्त कर दिया गया। कंपनी के कर्मचारी गुरुवार को अपर नगर आयुक्त केबी सिंह से मिले और बताया कि कंपनी ने पांच महीने का वेतन नहीं दिया है। अब कंपनी का कोई अधिकारी न तो फोन उठाता है और न ही कार्यालय पर मिलता है। 25 से ज्यादा कर्मचारी ऐसे हैं जो नगर निगम से वेतन दिलाने की गुहार लगा चुके हैं।
एसआरएमटी ने 5 महीने से नहीं दिया वेतन
लोहामंडी जोन की सफाई का ठेका ग्वालियर की एसआरएमटी कंपनी के नाम पर था, लेकिन पूरा भुगतान देकर कंपनी का करार निरस्त कर दिया गया। कंपनी के कर्मचारी गुरुवार को अपर नगर आयुक्त केबी सिंह से मिले और बताया कि कंपनी ने पांच महीने का वेतन नहीं दिया है। अब कंपनी का कोई अधिकारी न तो फोन उठाता है और न ही कार्यालय पर मिलता है। 25 से ज्यादा कर्मचारी ऐसे हैं जो नगर निगम से वेतन दिलाने की गुहार लगा चुके हैं।
ओम मोटर्स ने यूजर चार्ज जमा करने से किया इंकार
हरीपर्वत जोन के साथ लोहामंडी जोन का अतिरिक्त डोर-टू डोर सफाई का कार्य कर रही कंपनी ओम मोटर्स एंड कंस्ट्रक्शन ने सितंबर से लागू किए गए 70 फीसदी यूजर चार्ज को जमा करने की शर्त का पालन करने से इंकार कर दिया है।
कंपनी ने नगर आयुक्त से कहा है कि मौजूदा माहौल में 40 फीसदी यूजर चार्ज ही कंपनी वसूल नहीं पा रही है। मलिन बस्तियों और कई कॉलोनियों में प्राइवेट सफाईकर्मी ही कार्यरत हैं। इस वजह से यूजर चार्ज वसूलने में दिक्कत है। कंपनी ने मार्च, 2020 तक यूजर चार्ज 40 फीसदी ही रहने देने की मांग नगर आयुक्त से की है।
नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि ताज के पास सफाई का जो बिल कार्यालय भेजा गया है, उस पर सभी बिंदुओं की जांच कराकर ही भुगतान किया जाएगा। हमने पहले ऐसी ही लापरवाही पर 4.50 लाख रुपये की कटौती भी की है।
कंपनी ने नगर आयुक्त से कहा है कि मौजूदा माहौल में 40 फीसदी यूजर चार्ज ही कंपनी वसूल नहीं पा रही है। मलिन बस्तियों और कई कॉलोनियों में प्राइवेट सफाईकर्मी ही कार्यरत हैं। इस वजह से यूजर चार्ज वसूलने में दिक्कत है। कंपनी ने मार्च, 2020 तक यूजर चार्ज 40 फीसदी ही रहने देने की मांग नगर आयुक्त से की है।
नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि ताज के पास सफाई का जो बिल कार्यालय भेजा गया है, उस पर सभी बिंदुओं की जांच कराकर ही भुगतान किया जाएगा। हमने पहले ऐसी ही लापरवाही पर 4.50 लाख रुपये की कटौती भी की है।