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Agra News: भक्त नरसी की लाज रखने खुद आए सांवरिया सेठ
Mon, 14 Sep 2026 02:33 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 14 Sep 2026 02:33 AM IST
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कमला नगर स्थित अग्रसेन सीए सदन के स्थापना दिवस पर सदन की निर्देशिका का विमोचन करती कथा व्यास कृ
आगरा। महाराजा अग्रसेन सेवा सदन के 36वें स्थापना दिवस पर अग्रसेन सेवा सदन कमला नगर में नानी बाई का मायरा कथा चल रही है। रविवार को वृंदावन से आईं कथाव्यास कृष्णप्रिया दीदी ने नरसी भक्त की अटूट भक्ति और भगवान श्रीकृष्ण की भक्तवत्सलता का वर्णन किया।
कथाव्यास ने कहा कि भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा और विश्वास रखने वाले भक्त की लाज भगवान हर परिस्थिति में रखते हैं। नरसी की अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर स्वयं श्रीकृष्ण को नानी बाई का मायरा भरने के लिए धरती पर आना पड़ा। कथा में बताया गया कि बेटी का भात भरने के लिए नरसी के पास कुछ भी नहीं था। वह सहायता मांगने अपने भाइयों के पास पहुंचे, लेकिन उनकी दीनहीन स्थिति के कारण परिवार के लोग भी साथ जाने को तैयार नहीं हुए।
नरसी ने श्रीकृष्ण का स्मरण करते हुए कहा कि प्रभु अब मेरी लाज आपके हाथ है। इसके बाद वह 16 अंधे साधुओं के साथ बैलगाड़ी से मायरा भरने के लिए निकल पड़े। रास्ते में बैलगाड़ी टूट गई। भक्त की पुकार सुनकर सांवरिया सेठ स्वयं उनकी लाज रखने को आगे आए। मुख्य यजमान मुरारीलाल अग्रवाल व ब्रजलता अग्रवाल रहे।
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इससे पहले सेवा सदन के सदस्यों की निर्देशिका का विमोचन किया गया। इस मौके पर दिलीप गोयल, आकाश अग्रवाल, रूपकिशोर अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, चेतन अग्रवाल, अंबरीश मित्तल, कृष्ण गोपाल अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, विवेक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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कथाव्यास ने कहा कि भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा और विश्वास रखने वाले भक्त की लाज भगवान हर परिस्थिति में रखते हैं। नरसी की अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर स्वयं श्रीकृष्ण को नानी बाई का मायरा भरने के लिए धरती पर आना पड़ा। कथा में बताया गया कि बेटी का भात भरने के लिए नरसी के पास कुछ भी नहीं था। वह सहायता मांगने अपने भाइयों के पास पहुंचे, लेकिन उनकी दीनहीन स्थिति के कारण परिवार के लोग भी साथ जाने को तैयार नहीं हुए।
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नरसी ने श्रीकृष्ण का स्मरण करते हुए कहा कि प्रभु अब मेरी लाज आपके हाथ है। इसके बाद वह 16 अंधे साधुओं के साथ बैलगाड़ी से मायरा भरने के लिए निकल पड़े। रास्ते में बैलगाड़ी टूट गई। भक्त की पुकार सुनकर सांवरिया सेठ स्वयं उनकी लाज रखने को आगे आए। मुख्य यजमान मुरारीलाल अग्रवाल व ब्रजलता अग्रवाल रहे।
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इससे पहले सेवा सदन के सदस्यों की निर्देशिका का विमोचन किया गया। इस मौके पर दिलीप गोयल, आकाश अग्रवाल, रूपकिशोर अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, चेतन अग्रवाल, अंबरीश मित्तल, कृष्ण गोपाल अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, विवेक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।