राम मंदिर को लेकर आरपार के मूड में मथुरा और अयोध्या के संत, दिल्ली में 5 अक्टूबर को है बैठक
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर बार-बार आवाज बुलंद करने वाले मथुरा और अयोध्या के संत अब आरपार के मूड में हैं। मीटिंग करके विहिप के साथ मिलकर सरकार पर दबाव बनाने का फैसला किया गया है। पांच अक्टूबर को दिल्ली में विहिप कार्यालय पर होने वाली संतों की मीटिंग में देशभर से 36 संत बुलाए गए हैं, जिनमें छह संत और एक कथावाचक मथुरा-वृंदावन से जाएंगे।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार स्तर पर कोई पहल न होने से संत समाज खफा है। जन्माष्टमी पर जब श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास आए थे तब भी कई संतों ने उनसे मुलाकात कर इस मुद्दे को उठाने के लिए कहा था।
31 अगस्त को वृंदावन में आयोजित संत सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने भी संतों ने मुद्दा उठाया था लेकिन उन्हें कोई उम्मीद नजर नहीं आई। अब विहिप ने इस मुद्दे को उठाते हुए पांच अक्तूबर को दिल्ली में आरकेपुरम पर स्थित विहिप कार्यालय पर संतों की मीटिंग बुलाई है।
देशभर से 36 संत बुलाए गए हैं। इनमें छह संत और कथावाचक मथुरा-वृंदावन से जाएंगे। संतों ने मंगलवार को इस संबंध में विहिप के क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ मीटिंग भी की है। मीटिंग में बताया गया कि संतों-धर्माचार्यों की उच्चाधिकार प्राप्त समिति में मंदिर निर्माण को लेकर अगली रणनीति तय की जानी है।
गाय संरक्षण का मुद्दा भी इस मीटिंग में शिद्दत के साथ उठाया जाएगा। सरकार इसके लिए क्या कर रही है और आगामी क्या योजनाएं हैं इस मुद्दे पर भी चर्चा होगी।
हमसे लोग पूछते हैं कि मंदिर का क्या हुआ
21 और 22 सितंबर को विहिप की मीटिंग दिल्ली कार्यालय में हुई थी। इस मीटिंग में विहिप के पदाधिकारियों ने कहा था कि वह लोग जब पब्लिक के बीच में जाते हैं तो उनसे पूछा जाता है कि मंदिर का क्या हुआ। अब तो दिल्ली और लखनऊ में भाजपा की सरकार है फिर क्यों खामोश हैं।
विहिप के उत्तर प्रदेश धर्माचार्य संपर्क प्रमुख कैप्टन हरिहर शर्मा ने बताया कि इस मीटिंग में राम मंदिर मुद्दे को लेकर ही चर्चा होनी है। संत समाज अपना मत रखेगा। दो दिवसीय मीटिंग होगी। कई दूसरे मुद्दों को भी उठाया जा रहा है।
विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज वर्मा ने बताया कि इस मीटिंग में संत समाज को बुलाया गया है। संत जो भी निर्णय लेंगे उसी आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। अगर कार सेवा का एलान होता है तो सभी मिलकर कारसेवा भी करेंगे। अब हर तरफ मंदिर निर्माण को लेकर माहौल बन रहा है।