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दो कीटनाशक दवाओं के नमूने जांच में हुए फेल, लाइसेंस निलंबित
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मैनपुरी। कृषि रक्षा विभाग द्वारा जांच के लिए भेजे गए कीटनाशक दवाओं के दो नमूने जांच में फेल पाए गए। नमूने फेल होने पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। साथ ही विक्रेता को नोटिस भेजकर संबंधित दवा के स्टॉक का विक्रय करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. सूर्यप्रताप सिंह ने हिमांशू कृषि सेवा केंद्र नगला जते से दस सितंबर को मेंकोजेब 75 प्रतिशत (कीटनाशक) का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। जांच रिपोर्ट में नमूना फेल पाया गया। इस पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने 21 अक्तूबर को विक्रेता नोटिस भेजकर जवाब मांगा था। लेकिन अब तक जवाब नहीं दिया गया। न ही संबंधित दवा के क्रय बिल उपलब्ध कराए गए। इस पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने विक्रेता का लाइसेंस निलंबित कर दिया।
वहीं दूसरा मामला खुशी खाद भंडार घिरोर का है। यहां से 23 सितंबर को कोर्बेंडाजिम 12 प्रतिशत मेंकोजेब 63 प्रतिशत का नमूना जांच के लिए भेजा गया था। ये नमूना भी जांच रिपोर्ट में फेल हो गया। जांच रिपोर्ट आने के बाद विक्रेता को नोटिस जारी कर संबंधित दवा का स्टॉक विक्रय करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही तीन दिन में दवा के क्रय वाउचर और जवाब भी मांगा गया है। जवाब न देने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
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दो कीटनाशक दवाओं के नमूने जांच में फेल पाए गए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। वहीं एक अन्य विक्रेता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। दवा का विक्रय प्रतिबंधित कर दिया गया है।
डॉ. सूर्यप्रताप सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. सूर्यप्रताप सिंह ने हिमांशू कृषि सेवा केंद्र नगला जते से दस सितंबर को मेंकोजेब 75 प्रतिशत (कीटनाशक) का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। जांच रिपोर्ट में नमूना फेल पाया गया। इस पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने 21 अक्तूबर को विक्रेता नोटिस भेजकर जवाब मांगा था। लेकिन अब तक जवाब नहीं दिया गया। न ही संबंधित दवा के क्रय बिल उपलब्ध कराए गए। इस पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने विक्रेता का लाइसेंस निलंबित कर दिया।
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वहीं दूसरा मामला खुशी खाद भंडार घिरोर का है। यहां से 23 सितंबर को कोर्बेंडाजिम 12 प्रतिशत मेंकोजेब 63 प्रतिशत का नमूना जांच के लिए भेजा गया था। ये नमूना भी जांच रिपोर्ट में फेल हो गया। जांच रिपोर्ट आने के बाद विक्रेता को नोटिस जारी कर संबंधित दवा का स्टॉक विक्रय करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही तीन दिन में दवा के क्रय वाउचर और जवाब भी मांगा गया है। जवाब न देने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
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दो कीटनाशक दवाओं के नमूने जांच में फेल पाए गए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। वहीं एक अन्य विक्रेता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। दवा का विक्रय प्रतिबंधित कर दिया गया है।
डॉ. सूर्यप्रताप सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी