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'बेटे को दरोगा बनवा देंगे': यूपी पुलिस एसआई में भर्ती का दिया झांसा, पांच लाख रुपये ठगे; वीडियो वायरल
Fri, 26 Jun 2026 12:12 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 26 Jun 2026 12:12 PM IST
सार
दरोगा भर्ती कराने का झांसा देकर जीजा-साले पर पांच लाख रुपये ठगने का आरोप लगा है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि लेनदेन का वीडियो भी सामने आया है।
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ठगी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के थाना एकता के गांव दिगनेर निवासी किसान पूरन सिंह ने दरोगा भर्ती परीक्षा में पास कराने के नाम पर 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शिकायत पर पुलिस ने नई आबादी टुंडपुरा निवासी विनय उर्फ वीनू और उसके साले जितेंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पीड़ित पूरन सिंह ने बताया कि उनका पुत्र विश्वजीत दरोगा भर्ती परीक्षा में शामिल हुआ था। पूरन सिंह के छोटे भाई भीमसेन के साढ़ू राकेश के पड़ोस में रहने वाले विनय उर्फ वीनू का उनके घर आना-जाना था। विनय ने बताया था कि उसका साला जितेंद्र सदर तहसील में तहसीलदार के यहां नाजिर है। वह बेटे की नौकरी लगवा सकता है। उसने भर्ती के लिए 15 लाख रुपये खर्च होने की बात कही और जितेंद्र से मुलाकात कराई। जितेंद्र ने भी अपने प्रभाव का हवाला देकर रुपये देने को कहा और भरोसा दिलाया कि वह अधिकारियों से बात कर कुछ रकम कम करा देगा। एक मार्च को पूरन सिंह ने अपने छोटे भाई भीमसेन के हाथों रूप सिंह के घर पर पवन और रूप की मौजूदगी में पांच लाख रुपये विनय को दिए। इस लेनदेन का वीडियो रूप सिंह ने अपने मोबाइल से बना लिया था।
पीड़ित का आरोप है कि रुपये लेने के बाद विनय टालमटोल करने लगा और फिर घर से भाग गया। बाद में पता चला कि दोनों आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर अन्य लोगों से भी ठगी कर चुके हैं। रुपये वापस मांगने पर दोनों ने गाली-गलौज की और एसडीएम सदर से शिकायत कर झूठे मामले में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी। सदर थाने में सुनवाई न होने पर उन्होंने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से शिकायत की। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि पुलिस आयुक्त के निर्देश पर एकता थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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पीड़ित पूरन सिंह ने बताया कि उनका पुत्र विश्वजीत दरोगा भर्ती परीक्षा में शामिल हुआ था। पूरन सिंह के छोटे भाई भीमसेन के साढ़ू राकेश के पड़ोस में रहने वाले विनय उर्फ वीनू का उनके घर आना-जाना था। विनय ने बताया था कि उसका साला जितेंद्र सदर तहसील में तहसीलदार के यहां नाजिर है। वह बेटे की नौकरी लगवा सकता है। उसने भर्ती के लिए 15 लाख रुपये खर्च होने की बात कही और जितेंद्र से मुलाकात कराई। जितेंद्र ने भी अपने प्रभाव का हवाला देकर रुपये देने को कहा और भरोसा दिलाया कि वह अधिकारियों से बात कर कुछ रकम कम करा देगा। एक मार्च को पूरन सिंह ने अपने छोटे भाई भीमसेन के हाथों रूप सिंह के घर पर पवन और रूप की मौजूदगी में पांच लाख रुपये विनय को दिए। इस लेनदेन का वीडियो रूप सिंह ने अपने मोबाइल से बना लिया था।
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पीड़ित का आरोप है कि रुपये लेने के बाद विनय टालमटोल करने लगा और फिर घर से भाग गया। बाद में पता चला कि दोनों आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर अन्य लोगों से भी ठगी कर चुके हैं। रुपये वापस मांगने पर दोनों ने गाली-गलौज की और एसडीएम सदर से शिकायत कर झूठे मामले में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी। सदर थाने में सुनवाई न होने पर उन्होंने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से शिकायत की। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि पुलिस आयुक्त के निर्देश पर एकता थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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