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शबरी संकल्प फेल, अब सुपोषित गांव की तैयारी शुरू
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एटा। गांवों को कुपोषण मुक्त बनाने की पहल को लेकर जिला प्रशासन ने शबरी संकल्प योजना से किनारा कर लिया है। अब गांवों को सुपोषित बनाने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए शासन ने जिले के 27 राजस्व गांवों का चयन किया है। इन्हें ग्रेडिंग और अंकों के आधार पर सुपोषित बनाया जाएगा।
जिले में दो साल पहले महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शबरी संकल्प योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत गांव को कुपोषण मुक्त किया जाना था लेकिन जिले में योजना परवान नहीं चढ़ सकी। अब सुपोषित गांव की योजना से गांव से कुपोषण को दूर किया जाएगा। इन गांव की सूची बनाकर अधिकारियों को गोद दिया गया है। अधिकारी गांव में विभिन्न विभागों की योजनाओं का समन्वय कर पोषण अभियान को रफ्तार देंगे।
ऐसे काम करेगी योजना
चिह्नित गांव से कुपोषण को दूर किया जाएगा। इसके लिए गांवों की ग्रेडिंग की जाएगी। ग्रेडिंग में पास होने वाले गांव ही सुपोषित गांव घोषित किए जाएंगे। स्वास्थ्य तथा महिला बाल विकास एवं पोषाहार विभाग द्वारा गांवों में अनेक अभियान चलाए जाएंगे। अभियान के बाद गांवों को अभियान के आधार पर अंक मिलेंगे। 100 में से 80 अंक प्राप्त करने वाले गांव को सुपोषित घोषित किया जाएगा। गांवों को सुपोषित करने के लिए छह माह का समय दिया जाएगा।
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ऐसे मिलेंगे अंक
अभियान में गांवों को 100 में से 80 नंबर लाने होंगे। गांवों में 10 प्रतिशत महिलाओं के एनीमिया से ग्रसित न होने और कुपोषित बच्चा न मिलने पर 15 अंक, गांव में हर तीन महीने में स्वास्थ्य जांच होने पर 15, बालिकाओं को आयरन और विटामिन की गोली बांटे जाने पर 15, गुड़, चने, सहजन, आंवले आदि के सेवन के लिए आंगनबाड़ी द्वारा प्रोत्साहित करने पर 15, पोषाहार समय से बांटने पर दस अंक निर्धारित किए गए हैं। डीएम द्वारा गठित कमेटी गांव वालों से सत्यापन कर गांवों को सुपोषित घोषित करेगी।
एटा के 27 गांव चयनित
शीतलपुर का गाजीपुर पहोर, चोंचा बनगांव, असरौली, चमकरी, सकीट का सकतपुर, छछैना, मुबारिकपुर सराय, हरचंद्रपुर खुर्द, निधौलीकलां का जावड़ा, मनौरा, बिजौरी, मारहरा का सुपैती, सूरतपुरमाफी, चाठी, अलीगंज का असदनगर, इमैदपुर, अंगदपुर, बनी, जैथरा का सरौंठ पछायां, फगनौल, सुक टीखेड़ा, अवागढ़ का चुरथरा, सरानी, हिनौना, जलेसर का महानमई, गोपालपुर, देवकरनपुर शामिल है।
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जिले में दो साल पहले महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शबरी संकल्प योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत गांव को कुपोषण मुक्त किया जाना था लेकिन जिले में योजना परवान नहीं चढ़ सकी। अब सुपोषित गांव की योजना से गांव से कुपोषण को दूर किया जाएगा। इन गांव की सूची बनाकर अधिकारियों को गोद दिया गया है। अधिकारी गांव में विभिन्न विभागों की योजनाओं का समन्वय कर पोषण अभियान को रफ्तार देंगे।
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ऐसे काम करेगी योजना
चिह्नित गांव से कुपोषण को दूर किया जाएगा। इसके लिए गांवों की ग्रेडिंग की जाएगी। ग्रेडिंग में पास होने वाले गांव ही सुपोषित गांव घोषित किए जाएंगे। स्वास्थ्य तथा महिला बाल विकास एवं पोषाहार विभाग द्वारा गांवों में अनेक अभियान चलाए जाएंगे। अभियान के बाद गांवों को अभियान के आधार पर अंक मिलेंगे। 100 में से 80 अंक प्राप्त करने वाले गांव को सुपोषित घोषित किया जाएगा। गांवों को सुपोषित करने के लिए छह माह का समय दिया जाएगा।
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ऐसे मिलेंगे अंक
अभियान में गांवों को 100 में से 80 नंबर लाने होंगे। गांवों में 10 प्रतिशत महिलाओं के एनीमिया से ग्रसित न होने और कुपोषित बच्चा न मिलने पर 15 अंक, गांव में हर तीन महीने में स्वास्थ्य जांच होने पर 15, बालिकाओं को आयरन और विटामिन की गोली बांटे जाने पर 15, गुड़, चने, सहजन, आंवले आदि के सेवन के लिए आंगनबाड़ी द्वारा प्रोत्साहित करने पर 15, पोषाहार समय से बांटने पर दस अंक निर्धारित किए गए हैं। डीएम द्वारा गठित कमेटी गांव वालों से सत्यापन कर गांवों को सुपोषित घोषित करेगी।
एटा के 27 गांव चयनित
शीतलपुर का गाजीपुर पहोर, चोंचा बनगांव, असरौली, चमकरी, सकीट का सकतपुर, छछैना, मुबारिकपुर सराय, हरचंद्रपुर खुर्द, निधौलीकलां का जावड़ा, मनौरा, बिजौरी, मारहरा का सुपैती, सूरतपुरमाफी, चाठी, अलीगंज का असदनगर, इमैदपुर, अंगदपुर, बनी, जैथरा का सरौंठ पछायां, फगनौल, सुक टीखेड़ा, अवागढ़ का चुरथरा, सरानी, हिनौना, जलेसर का महानमई, गोपालपुर, देवकरनपुर शामिल है।