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नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम खोलकर प्लेसमेंट सुनिश्चित किया जाए
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आगरा। विश्वविद्यालय परिसर के आवासीय संस्थानों के सभी विभाग में नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे। सभी पाठ्यक्रम सेल्फ फाइनेंस होंगे। प्रभारी कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बृहस्पतिवार को संस्कृति भवन के प्रेक्षागृह में नियमित, संविदा शिक्षकों के साथ संवाद किया। उन्होंने सभी विभागों से पाठ्यक्रमों के प्रस्ताव मांगे हैं। आवासीय संस्थानों में छात्रोें की संख्या 2000 और बढ़ाने पर जोर दिया।
प्रो. विनय कुमार पाठक ने सभी विभागों से पाठ्यक्रमों के प्रस्ताव तत्काल तैयार करके देने के लिए कहा है। 15 दिन बाद विद्या परिषद की बैठक बुलाई जानी हैं। इसमें नए पाठ्यक्रमों के प्रस्तावों को रखा जाएगा। पाठ्यक्रमों में संविदा शिक्षक रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों से इतनी आय होनी चाहिए कि उसके संचालन का खर्च निकल सके। संविदा दीर्घकालीन होगी। जिससे शिक्षक अपना बेहतर देने की कोशिश करें। संवाद का संचालन डीन एकेडमिक प्रो. संजीव कुमार ने किया। मंच पर प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा भी मौजूद रहे।
प्रभारी कुलपति ने कहा कि जल्द ही आवासीय इकाई में संचालित सभी विभागों का पुनर्गठन किया जाएगा। जिससे विषयों में एकरूपता सुनिश्चित की जा सके। एक तरह के पाठ्यक्रम अलग-अलग के बजाय एक ही विभाग में संचालित किए जाएंगे।
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विश्वविद्यालय के डीन रिसर्च प्रो. विनीता सिंह के साथ तीन और शिक्षकों को सहयोग के लिए लगाया गया है। इसमें प्रो. बीपी सिंह, प्रो. मोहम्मद अरशद, डॉ. राजीव वर्मा हैं। जल्द ही शोध निर्देशक बनने के लिए स्नातक स्तर पर पढ़ाने वाले शिक्षकों के आवेदन लिए जाने हैं।
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प्रो. विनय कुमार पाठक ने सभी विभागों से पाठ्यक्रमों के प्रस्ताव तत्काल तैयार करके देने के लिए कहा है। 15 दिन बाद विद्या परिषद की बैठक बुलाई जानी हैं। इसमें नए पाठ्यक्रमों के प्रस्तावों को रखा जाएगा। पाठ्यक्रमों में संविदा शिक्षक रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों से इतनी आय होनी चाहिए कि उसके संचालन का खर्च निकल सके। संविदा दीर्घकालीन होगी। जिससे शिक्षक अपना बेहतर देने की कोशिश करें। संवाद का संचालन डीन एकेडमिक प्रो. संजीव कुमार ने किया। मंच पर प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा भी मौजूद रहे।
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प्रभारी कुलपति ने कहा कि जल्द ही आवासीय इकाई में संचालित सभी विभागों का पुनर्गठन किया जाएगा। जिससे विषयों में एकरूपता सुनिश्चित की जा सके। एक तरह के पाठ्यक्रम अलग-अलग के बजाय एक ही विभाग में संचालित किए जाएंगे।
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विश्वविद्यालय के डीन रिसर्च प्रो. विनीता सिंह के साथ तीन और शिक्षकों को सहयोग के लिए लगाया गया है। इसमें प्रो. बीपी सिंह, प्रो. मोहम्मद अरशद, डॉ. राजीव वर्मा हैं। जल्द ही शोध निर्देशक बनने के लिए स्नातक स्तर पर पढ़ाने वाले शिक्षकों के आवेदन लिए जाने हैं।