लापरवाही: मैनपुरी में लैब लोकार्पण के 15 दिन बाद भी शुरू नहीं हुई आरटीपीसीआर जांच
विशेषज्ञ कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन और संभावित तीसरी लहर को लेकर आगाह कर रहे हैं, लेकिन मैनपुरी में अब तक आरटीपीसीआर जांच की सुविधा ही नहीं शुरू हो पाई है, जबकि लैब का लोकार्पण 15 दिन पहले ही हो चुका है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिले में कोरोना की जांच के लिए लैब की व्यवस्था नहीं थी जिसके चलते जिले में कोरोना संदिग्धों के नमूने लेकर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज सैफई और आगरा भेजे जा रहे थे। शासन ने जिले में आरटीपीसीआर लैब की स्थापना के लिए 50 लाख की धनराशि दी। कोविड लेवल टू अस्पताल (पुराना महिला अस्पताल) के दक्षिणी तरफ के भवन में आरटीपीसीआर लैब की स्थापना कराई गई।
आरटीपीसीआर लैब का चार दिसंबर को ड्राई रन किया गया। पांच दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑनलाइन लैब का लोकार्पण किया। लोकार्पण के 15 दिन बाद भी यहां जांच शुरू नहीं हो सकी है। जिसके चलते जिले में कन्फर्म जांच के लिए लोगों के नमूने लेकर मेडिकल कॉलेज सैफई और आगरा भेजे जा रहे हैं।
डीप फ्रीजर और अन्य मशीनें नहीं कर रही काम
लैब में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि लैब में लगी कुछ मशीनें और डीप फ्रीजर काम नहीं कर रहा है। जिसके चलते अभी तक आरटीपीसीआर जांच शुरू नहीं की जा सकी है। उम्मीद है कि शीघ्र ये मशीनें ठीक कराई जाएंगी जिसके बाद जांच शुरू करा दी जाएगी।
तीन से चार दिन बाद मिलती है रिपोर्ट
जिले में आरटीपीसीआर जांच की व्यवस्था न होने के कारण बाहर जाने वाले लोगों को कोरोना की कन्फर्म जांच के लिए तीन से चार दिन का इंतजार करना पड़ता है। सैफई और आगरा से तीन से चार दिन बाद जांच की रिपोर्ट मिल रही है।
सीएमओ डॉ. पीपी सिंह ने बताया कि डीप फ्रीजर में कुछ कमी थी जिसे दूर कराया जा रहा है। शीघ्र ही लैब में जांच का कार्य शुरू कराया जाएगा।