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Agra: आरटीओ नहीं करा सका ई-रिक्शा की गिनती, कैसे लगे पाबंदी; लापरवाह बने रहे अधिकारी
Sat, 29 Mar 2025 09:57 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 29 Mar 2025 09:57 AM IST
सार
आगरा में ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे लेकर इनकी गिनती कराने का निर्णय लिया गया था, लेकिन ये कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है।
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ई रिक्शा।
- फोटो : mathura
विस्तार
आगरा संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ) दो साल में भी ई-रिक्शा की गिनती नहीं करा सका। इस वजह से ई-रिक्शा नियंत्रण की नीति तैयार नहीं हो पाई। लगातार संख्या बढ़ने से यह निर्णय लिया गया था। वर्ष 2018 से पहले के ई-रिक्शा का विभाग के पास कोई रिकाॅर्ड नहीं है।
ई-रिक्शा की संख्या तेजी से बढ़ने की वजह से आए दिन जाम लग रहा है। आरटीओ के स्तर से पंजीकरण पर रोक भी लगाई गई। इससे ई-रिक्शा कंपनी के संचालक कोर्ट से आदेश ले आए। ई-रिक्शा की गिनती कराने का निर्णय लिया गया।
वर्तमान में करीब 12,950 ई-रिक्शा आरटीओ में पंजीकृत हैं। जबकि जिले में 20 हजार से अधिक ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। गली से मुख्य मार्गों तक जाम लग रहा है। प्रवर्तन दल पर कार्रवाई न करने के आरोप हैं।
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दर्ज होना था रिकाॅर्ड
एआरटीओ (प्रशासन) एनसी शर्मा ने बताया कि ई-रिक्शा की गिनती के साथ उनका रिकाॅर्ड दर्ज होना था। यह जिम्मेदारी प्रवर्तन दल की थी। बिना पंजीकृत ई-रिक्शा पर कार्रवाई करनी है। इसके लिए आरटीओ प्रवर्तन को अवगत कराया जाएगा।
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ई-रिक्शा की संख्या तेजी से बढ़ने की वजह से आए दिन जाम लग रहा है। आरटीओ के स्तर से पंजीकरण पर रोक भी लगाई गई। इससे ई-रिक्शा कंपनी के संचालक कोर्ट से आदेश ले आए। ई-रिक्शा की गिनती कराने का निर्णय लिया गया।
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वर्तमान में करीब 12,950 ई-रिक्शा आरटीओ में पंजीकृत हैं। जबकि जिले में 20 हजार से अधिक ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। गली से मुख्य मार्गों तक जाम लग रहा है। प्रवर्तन दल पर कार्रवाई न करने के आरोप हैं।
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दर्ज होना था रिकाॅर्ड
एआरटीओ (प्रशासन) एनसी शर्मा ने बताया कि ई-रिक्शा की गिनती के साथ उनका रिकाॅर्ड दर्ज होना था। यह जिम्मेदारी प्रवर्तन दल की थी। बिना पंजीकृत ई-रिक्शा पर कार्रवाई करनी है। इसके लिए आरटीओ प्रवर्तन को अवगत कराया जाएगा।