फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Roshni Charitable Trust honored five Aparajita women of the Agra

आगरा गौरव सम्मान: रोशनी चैरिटेबल ट्रस्ट ने शहर की पांच 'अपराजिताओं' को किया सम्मानित

Mon, 20 Dec 2021 10:56 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 20 Dec 2021 10:56 AM IST
सार

रोशनी चैरिटेबिल ट्रस्ट की ओर से पंक्चर बनाने वाली राजकुमारी, खाने की ठेल लगाने वाली गीता गोस्वामी, ब्यूटी पार्लर चलाने वाली सरिता सत्संगी के साथ राज्य स्तरीय क्रिकेटर पूजा राजपूत और एथलीट मनीषा कुशवाहा को सम्मानित किया गया।

विज्ञापन
Roshni Charitable Trust honored five Aparajita women of the Agra
नारी शक्ति को मिला आगरा गौरव सम्मान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में संघर्ष की गाथा लिख रहीं ताजनगरी की पांच अपराजिताओं को सेंट पीटर्स कॉलेज में आयोजित समारोह में रविवार को ‘आगरा गौरव सम्मान’ प्रदान किया गया तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक आए। बोलीं कि विपरीत परिस्थितियों में भी कभी नहीं टूटेंगी, अपराजिता संबोधन मिलने पर उन्हें गर्व है।

विज्ञापन


रोशनी चैरिटेबिल ट्रस्ट की ओर से आयोजन में पंक्चर बनाने वाली राजकुमारी, खाने की ठेल लगाने वाली गीता गोस्वामी, ब्यूटी पार्लर चलाने वाली सरिता सत्संगी के साथ राज्य स्तरीय क्रिकेटर पूजा राजपूत और एथलीट मनीषा कुशवाहा को उनके संघर्ष के लिए सम्मानित किया गया। संघर्ष की गाथा सुन मुख्य अतिथि सीडीओ ए. मनिकंडन भी भावुक हो गईं। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि इन युवतियों की गाथा यथार्थ है। इनसे सीख लेनी चाहिए। ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी सरोज प्रशांत, अध्यक्ष मनोज बल ने कहा कि हमारा मकसद उन खास लोगों से परिचय कराना है, जिनसे शहर के लोग अनजान हैं। रामानंद चौहान, फादर शिबू, मनीष राय, बिन्नी कुमार, शालिनी आडवाणी, चंदा कुमार, अंकित खंडेलवाल, विमल कुमार आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

राजकुमारी 
संघर्ष: पंक्चर बनाकर परिवार का भरण पोषण कर रही हैं। पढ़ाई भी कर रही हैं। डीइआई से बीए प्रथम वर्ष की छात्रा हैं।  
संदेश: मैंने कभी हार नहीं मानी। मेरा मानना है कि निराशा से आगे आशा है। मजबूत इरादे हमें आगे बढ़ाते हैं।  

गीता गोस्वामी 
संघर्ष : कोरोनाकाल में प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका थीं। नौकरी छूट गई। हार नहीं मानी। संजय प्लेस में खाने की ठेल लगा रही हैं।
संदेश : कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता। इसलिए समय के साथ समझौता करना चाहिए। हार नहीं माननी चाहिए। 

सरिता सत्संगी 
संघर्ष : कोरोना काल के बाद ब्यूटी पार्लर शुरू किया। उनका कहना है कि सम्मान ने मेरी जिम्मेदारी और बढ़ा दी है। 
संदेश : जो युवतियां सक्षम हैं, वह अपने पैरों पर जरूर खड़ी हों। हमें कोई न कोई काम जरूर करना चाहिए।   

पूजा राजपूत 
संघर्ष : यूपी अंडर-19 की सदस्य पूजा राजपूत अपनी मां के साथ सब्जी की ठेल लगाती हैं। पिता कोमल सिंह लकवा ग्रस्त हैं। 
संदेश : काम में संकोच कैसा। परिवार की जरूरत पूरी करने के साथ ही अपने मकसद की ओर पूर्ण समर्पण रखें।

मनीषा कुशवाहा 
संघर्ष : नेपाल में सन 2019 में हुए साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल विजेता पिता के साथ खेतों में काम भी करती हैं।  
संदेश : सब हमारी सोच पर निर्भर है। युवतियों को कोई काम करने में हिचक महसूस नहीं करनी चाहिए।

संस्था के पदाधिकारियों का सम्मान करेंगे
सेवा आगरा के संस्थापक अध्यक्ष मुरारीलाल गोयल ने बताया कि रोशनी संस्था और एक पहल संस्था के पदाधिकारियों को उनके इस विशेष तरह के सम्मान के लिए अपराजिता खोज गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed