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Agra: जल्द प्रचलित होगी ब्रेन की रोबोटिक सर्जरी, नसों में टांके लगाने में आसानी, बेहतर परिणाम मिलेंगे

Thu, 08 Dec 2022 10:40 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला माई सिटी रिपोर्टर, आगरा
अमर उजाला माई सिटी रिपोर्टर, आगरा Published by: Digvijay Singh Updated Thu, 08 Dec 2022 10:40 PM IST
सार

न्यूरो सर्जरी में रोबोट की एंट्री पर विशेषज्ञों में अभी भी बहस छिड़ी है। इससे सर्जरी के अच्छे रिजल्ट होने के साथ न्यूरो सर्जरी के दौरान नसों को नुकसान पहुंचने की संभावनाओं पर भी चर्चा चल रही है। रोबोटिक सर्जरी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बहुत जरूरी है। समय के साथ तकनीक में विकास हो रहा है।

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Robotic surgery of the brain will soon become popular ease of stitching veins in Agra
डॉ. अक्यो मोरिता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के अधिवेशन में जापान न्यूरोसर्जिकल सोसाइटी का नेतृत्व कर रहे डॉ. अक्यो मोरिता ने ‘मेडिकल इंजीनियरिंग एंड रोबोटिक्स इन न्यूरो सर्जरी’ विषय पर प्रस्तुती दी। उन्होंने बताया कि जापान में ब्रेन की रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हो चुकी है। जल्द यह दुनिया भर में प्रचलित हो जाएगी। इससे नसों के टांके लगाने में आसानी होगी और बेहतर परिणाम मिलेंगे।

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न्यूरो सर्जरी में रोबोट की एंट्री पर विशेषज्ञों में अभी भी बहस छिड़ी है। इससे सर्जरी के अच्छे रिजल्ट होने के साथ न्यूरो सर्जरी के दौरान नसों को नुकसान पहुंचने की संभावनाओं पर भी चर्चा चल रही है। रोबोटिक सर्जरी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बहुत जरूरी है। समय के साथ तकनीक में विकास हो रहा है। न्यूरो सर्जरी के क्षेत्र में मेडिकल इंजीनियरिंग और रोबोटिक्स का इस्तेमाल हो रहा है। 

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आयोजन सचिव डॉ. अरविंद कुमार अग्रवाल ने बताया कि अधिवेशन के पहले दिन एक्यूट स्ट्रोक मैनेजमेंट, न्यूरो इनफेक्शन, न्यूरो इंल्फिमेशन, मूवमेंट डिसऑर्डर, न्यूरो रिहेबिलिटेशन, न्यूरो क्रिटिकल केयर, कार्डियोएंबोलिक स्ट्रोक, केरोटिड ऑर्टिज स्टेंटिंग अपडेट, कांपलेक्स एन्यूरिज्म अपडेट, सिरदर्द व मिर्गी आदि विषयों पर चर्चा हुई।

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रोबोटिक न्यूरो सर्जरी अभी विकास के प्रारंभिक चरण में
आयोजन अध्यक्ष व वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. आरसी मिश्रा ने कहा कि 19वीं सदी के पहले चिकित्सा की पढ़ाई फिजिशियन और सर्जन तक ही सीमित थी पर तकनीक के विकास, सोच और मानव शरीर रचना की बेहतर समझ के कारण इसका विशेषज्ञता में विभाजित होना जरूरी हो गया। विशेषज्ञों ने 20 वीं सदी में इसे सुपर स्पेशियलिटीज में विभाजित किया। 21वीं सदी में एमआरआई, पेट स्कैन और बेहतर रिजॉल्यूशन युक्त सीटी स्कैन हमारे सामने मौजूद हैं। सिलसिला थमा नहीं है मेडिकल इंजीनियरिंग और रोबोटिक्स का क्षेत्र संभावनाओं से भरपूर है। हालांकि रोबोटिक्स एक सर्जन के कौशल का स्थान नहीं ले सकती है। रोबोटिक न्यूरो सर्जरी का क्षेत्र अभी विकास के प्रारंभिक चरण में है।


हर उम्र के लोगों में ब्रेन ट्यूमर की समस्या: डॉ. सुमित

पारस हॉस्पिटल दिल्ली के डॉ. सुमित सिन्हा ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर हर उम्र के लोगों में मिल रहा है। इसके लिए अलग-अलग वजह हैं। की होल एंडोस्कोपी से छोटा सा चीरा लगाकर वह ट्यूमर को निकालते हैं। मरीज दो से तीन दिन में डिस्चार्ज हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि ट्यूमर के लक्षणों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। सिर में दर्द, दिखाई न देने, चलने में मुश्किल, उल्टी आने, लकवा आदि की स्थिति में तत्काल विशेषज्ञ के पास इलाज के लिए पहुंचना चाहिए।

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