फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Resident doctor's indefinite strike patients are getting worried

UP News: रेजिडेंट डॉक्टर की अनिश्चितकालीन हड़ताल, मरीज हो रहे परेशान...स्वास्थ्य सेवाएं हुईं बदहाल

Fri, 16 Aug 2024 06:01 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 16 Aug 2024 06:01 PM IST
सार

कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई घटना के विरोध में डॉक्टरों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले के डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। 

 

विज्ञापन
Resident doctor's indefinite strike patients are getting worried
डॉक्टर की अनिश्चितकालीन हड़ताल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फिरोजाबाद के  रेजिडेंट डॉक्टरों में भी कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म व हत्या किए जाने के विरोध में आक्रोश है। बृहस्पतिवार को स्वशासी मेडिकल कॉलेज के जूनियर व सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने ओपीडी में कामकाज बंद कर दिया। चिकित्सकों की हड़ताल के कारण मरीज परेशान रहे। इधर, वार्डों में भर्ती मरीज सुबह से शाम तक जूनियर रेसीडेंट डॉक्टर (जेआर) के आने का इंतजार करते रहे। सिर्फ इमरजेंसी सेवाओं को चालू रखा गया। यहां भी जेआर एवं प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया।
विज्ञापन






 

बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे के बाद रेजिडेंट डॉक्टर अपनी ओपीडी बंदकर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य कक्ष में पहुंचे। प्राचार्य को आंदोलन की सूचना देते हुए रजिस्ट्रेशन काउंटर के बाद धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। चिकित्सकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल के पोस्टर भी चस्पा कर दिए। अस्पताल के अधिकांश ओपीडी में ताला लटक गया। आपात स्थिति को देखते हुए प्रोफेसरों ने कमान संभालते हुए खुद ओपीडी शुरू कर दी। हालांकि मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण इलाज के लिए आपाधापी रही। अस्पताल आए कई मरीजों को बैरंग वापस जाना पड़ा।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉक्टरों के हड़ताल की सूचना मिलने बाद मरीज पर्चा काउंटर से ही वापस जाने लगे। स्थिति यह रहे कि वार्डों में एक भी रेजिडेंट डॉक्टर नजर नहीं अया। सुबह से शाम तक मरीज वार्डों में दवा के इंतजार में ही बैठे रहे। कई मरीजों की छुट्टी होनी थी, लेकिन चिकित्सक के हड़ताल पर जाने से वह इंतजार में ही बैठे रहे। अंत में स्टाफ ने कई तीमारदारों से लिखवाकर ले लिया कि अपनी मर्जी से ही मरीज को ले जा रहे हैं, इसके बाद मरीज को जाने दिया गया।


 
विज्ञापन

सेफ्टी नहीं तो ड्यूटी नहीं... का दिया नारा
मेडिकल कॉलेज रजिस्ट्रेशन काउंटर के समीप चिकित्सकों ने धरना शुरू कर दिया। सेफ्टी नहीं तो ड्यूटी नहीं... नारे के साथ मृतक डॉक्टर को न्याय दिलाने की मांग की गई। डॉक्टरों ने पीएम को संबोधित मांगपत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा। पोस्टर बनाकर बनाकर कई संदेश दिए। धरने में वी वांट जस्टिस व सेफ्टी नहीं तो ड्यूटी नहीं के नारे गूंजते रहे।


 

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य  डाॅ. बलवीर सिंह ने बताया कि कोलकाता की घटना के बाद चिकित्सक हमारे भयभीत हैं। आज रेजिडेंट डॉक्टर ने 11 बजे तक कार्य किया और फिर हमें सूचना देकर हड़ताल कर दी। हालांकि हमने सीनियर डॉक्टर से ओपीडी चलवाई है। इमरजेंसी सेवाएं भी चल रही हैं। मरीज प्रभावित न हो, इसलिए पूरा प्रयास कर रहे हैं।
 

मरीज राजू अहमद ने बताया कि चार दिन से भर्ती हूं। खून की बोतल चढ़ी है। वैसे तो वार्ड में रोज डॉक्टर देखने आ रहे थे, लेकिन आज कोई डॉक्टर देखने नहीं आए। दवा भी सुबह से नहीं दी गई है। मरीज शफीक का कहना है कि सांस की बीमारी है। तीन दिन से वार्ड में भर्ती हूं। लेकिन, आज कोई डॉक्टर देखने नहीं आए। स्टाफ से पूछा तो बताया कि हड़ताल पर हैं। तीमारदार बुलबुल ने बताया कि बेटी को डायरिया हो गया है, वह वार्ड नंबर पांच में भर्ती है। डॉक्टर के इंतजार में बैठे हैं कि छुट्टी कब होगी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed