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Agra Nagar Nikay Chunav: आपत्तियों में नहीं दम..., 12 निकायों में नहीं बदलेगा आरक्षण
Sun, 11 Dec 2022 03:30 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 11 Dec 2022 03:30 PM IST
सार
नगर निगम के 100 वार्डों के आरक्षण पर प्राप्त 298 आपत्तियों की जांच नगर निगम करेगा। नगर निगम के महापौर और 12 निकायों के अध्यक्ष पद के आरक्षण के संबंध में आपत्तियां शासन में सीधे दर्ज हुई हैं।
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आगरा नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा की पांच नगर पालिकाओं और सात नगर पंचायतों के वार्डों के लिए आईं 33 आपत्तियों में प्रशासन को दम नजर नहीं आया। शनिवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व यशवर्धन श्रीवास्तव, एसडीएम व निकायों के अधिशासी अधिकारियों की जांच में सभी आपत्तियां खारिज कर दी गईं। ऐसे में 12 निकायों के वार्ड आरक्षण में कोई बदलाव नहीं होगा। यह रिपोर्ट प्रशासन की ओर से शासन को भेजी जा रही है। 12 निकायों के वार्डों में जातिगत आरक्षण में परिवर्तन के लिए 33 आपत्तियां जिला निर्वाचन कार्यालय नगर निकाय को प्राप्त हुई थीं।
इधर, नगर निगम के 100 वार्डों के लिए 298 आपत्तियां आई हैं। कुल 331 आपत्तियों में नगर पंचायत व नगर पालिका के वार्ड आरक्षण की आपत्तियों की जांच के लिए शनिवार को कलक्ट्रेट में बैठक हुई। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम वित्त ने बताया कि सभी आपत्तियों में बढ़ी हुई आबादी के आधार पर जातिगत आरक्षण में बदलाव की मांग की गई थी। निर्वाचन आयोग ने आरक्षण निर्धारण के लिए वर्ष 2011 की जनगणना को आधार माना था। वर्ष 2011 जनगणना के आधार पर ही आरक्षण तय हुआ। वर्ष 2022 तक 11 साल में कई वार्डों में जनगणना में बदलाव हुआ है, लेकिन इस आधार पर आरक्षण में बदलाव नहीं किया जा सकता। सभी आपत्तियां खारिज किए जाने के योग्य हैं।
बैठक में सभी निकायों के अधिशासी अधिकारी, तहसीलों के एसडीएम भी मौजूद रहे। एडीएम वित्त ने बताया कि आपत्तियों की जांच रिपोर्ट सोमवार को शासन को भेजी जाएगी। अंतिम निर्णय शासन करेगा। वहीं नगर निगम के 100 वार्डों के आरक्षण पर प्राप्त 298 आपत्तियों की जांच नगर निगम करेगा। नगर निगम के महापौर और 12 निकायों के अध्यक्ष पद के आरक्षण के संबंध में आपत्तियां शासन में सीधे दर्ज हुई हैं। ऐसे में इनका ब्योरा भी प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं है।
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इधर, नगर निगम के 100 वार्डों के लिए 298 आपत्तियां आई हैं। कुल 331 आपत्तियों में नगर पंचायत व नगर पालिका के वार्ड आरक्षण की आपत्तियों की जांच के लिए शनिवार को कलक्ट्रेट में बैठक हुई। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम वित्त ने बताया कि सभी आपत्तियों में बढ़ी हुई आबादी के आधार पर जातिगत आरक्षण में बदलाव की मांग की गई थी। निर्वाचन आयोग ने आरक्षण निर्धारण के लिए वर्ष 2011 की जनगणना को आधार माना था। वर्ष 2011 जनगणना के आधार पर ही आरक्षण तय हुआ। वर्ष 2022 तक 11 साल में कई वार्डों में जनगणना में बदलाव हुआ है, लेकिन इस आधार पर आरक्षण में बदलाव नहीं किया जा सकता। सभी आपत्तियां खारिज किए जाने के योग्य हैं।
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बैठक में सभी निकायों के अधिशासी अधिकारी, तहसीलों के एसडीएम भी मौजूद रहे। एडीएम वित्त ने बताया कि आपत्तियों की जांच रिपोर्ट सोमवार को शासन को भेजी जाएगी। अंतिम निर्णय शासन करेगा। वहीं नगर निगम के 100 वार्डों के आरक्षण पर प्राप्त 298 आपत्तियों की जांच नगर निगम करेगा। नगर निगम के महापौर और 12 निकायों के अध्यक्ष पद के आरक्षण के संबंध में आपत्तियां शासन में सीधे दर्ज हुई हैं। ऐसे में इनका ब्योरा भी प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं है।
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