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ढाई घंटे तक चलाया गया रेसक्यू ऑपरेशन
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कासगंज। प्रभुपार्क रोड पर लिंटर गिरने के हुए दर्दनाक हादसे के बाद जैसे ही मलबे में दबे श्रमिकों की चीखपुकार गूंजी आसपास के लोगों द्वारा रेसक्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। कुछ ही देर में पुलिस और नगरपालिका की टीम आ गई और राहत व बचाव कार्य में तेजी आ गई। करीब ढाई घंटे तक अभियान चला।
ढाई घंटे के ऑपरेशन की कमान एसडीएम ललित कुमार और तहसीलदार अजय कुमार के हाथों में रही। वे मौके पर पहुंचे और दुर्घटनास्थल का छत से जायजा लिया। लकड़ी की सीढ़ियों के सहारे वे छत पर चढ़े और पहले अंदर से ऑपरेशन चलवाया गया। उसके बाद जेसीबी और हाइड्रा मशीन को बुलवाकर दीवारें व शटर आदि तोड़े गए। छत के ऊपर से दोनों अधिकारी बागडोर संभाले रहे। वहीं नीचे सड़क की ओर से एएसपी आदित्य वर्मा और सीओ आरके तिवारी कोतवाली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस के साथ रेसक्यू ऑपरेशन में सहभागी थे।
प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारी माइक के माध्यम से एक-दूसरे से बातचीत करते हुए ऑपरेशन के दिशा निर्देश दे रहे थे। यह नजारा काफी देर तक बना रहा। इस दौरान लोगों की काफी भीड़ एकत्रित थी। आस पास के भवनों में रहने वाले लोग छतों पर चढ़े हुए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए घटनास्थल के चारों ओर रस्सियां बांध दी गईं। पुलिस बार बार लोगों को हटा रही थी। 4 एंबूलेंस घटनास्थल पर खड़ी रहीं। जो मजदूर बाहर निकलकर आता उसे अस्पताल लेकर जा रहीं थीं। पौने 10 बजे रेसक्यू ऑपरेशन पूरा हुआ। मलबे की तलाशी के लिए ऑपरेशन 11 बजे तक चलाया गया। जब पूरी तरह से यह सुनिश्चित हो गया कि मलबे में अब कोई और नहीं है तब अधिकारी वहां से गए। इस दौरान आस पास के लोग भी सहयोग करते नजर आए।
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ढाई घंटे के ऑपरेशन की कमान एसडीएम ललित कुमार और तहसीलदार अजय कुमार के हाथों में रही। वे मौके पर पहुंचे और दुर्घटनास्थल का छत से जायजा लिया। लकड़ी की सीढ़ियों के सहारे वे छत पर चढ़े और पहले अंदर से ऑपरेशन चलवाया गया। उसके बाद जेसीबी और हाइड्रा मशीन को बुलवाकर दीवारें व शटर आदि तोड़े गए। छत के ऊपर से दोनों अधिकारी बागडोर संभाले रहे। वहीं नीचे सड़क की ओर से एएसपी आदित्य वर्मा और सीओ आरके तिवारी कोतवाली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस के साथ रेसक्यू ऑपरेशन में सहभागी थे।
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प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारी माइक के माध्यम से एक-दूसरे से बातचीत करते हुए ऑपरेशन के दिशा निर्देश दे रहे थे। यह नजारा काफी देर तक बना रहा। इस दौरान लोगों की काफी भीड़ एकत्रित थी। आस पास के भवनों में रहने वाले लोग छतों पर चढ़े हुए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए घटनास्थल के चारों ओर रस्सियां बांध दी गईं। पुलिस बार बार लोगों को हटा रही थी। 4 एंबूलेंस घटनास्थल पर खड़ी रहीं। जो मजदूर बाहर निकलकर आता उसे अस्पताल लेकर जा रहीं थीं। पौने 10 बजे रेसक्यू ऑपरेशन पूरा हुआ। मलबे की तलाशी के लिए ऑपरेशन 11 बजे तक चलाया गया। जब पूरी तरह से यह सुनिश्चित हो गया कि मलबे में अब कोई और नहीं है तब अधिकारी वहां से गए। इस दौरान आस पास के लोग भी सहयोग करते नजर आए।
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