फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Reputation of BJP stalwarts also at stake on Mainpuri seat

Agra News: मैनपुरी सीट पर भाजपाई दिग्गजों की भी प्रतिष्ठा दांव पर

Thu, 28 Mar 2024 11:28 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Thu, 28 Mar 2024 11:28 PM IST
विज्ञापन
Reputation of BJP stalwarts also at stake on Mainpuri seat
मैनपुरी। सपा का गढ़ कही जानी वाली मैनपुरी सीट पर मुलायम के बाद अब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की साख दांव पर है। भाजपा के कई दिग्गजों की भी प्रतिष्ठा इस बार मैनपुरी सीट से जुड़ गई है। योगी कैबिनेट में शामिल पर्यटन मंत्री से लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा के टिकट पर जिला पंचायत अध्यक्ष अर्चना भदौरिया को भी इस चुनाव में कोई कारनामा करके दिखाना ही होगा।
विज्ञापन


वर्ष 1996 के चुनाव के बाद से आज तक सपा मैनपुरी लोकसभा सीट पर अजेय रही। भाजपा का कोई भी प्रत्याशी आज तक सपा का ये तिलिस्म नहीं तोड़ सका। मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद ये पहला आम चुनाव होने जा रहा है। ऐसे में अब ये सीट मुलायम की नहीं बल्कि सपा अध्यक्ष अखिलेश की प्रतिष्ठा बन गई है। यहां से उनकी पत्नी डिंपल यादव भी मैदान में हैं।
विज्ञापन

अखिलेश के सामने अपनी साख बचाने की चुनौती है तो भाजपा के दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर हैं। इन नेताओं में सबसे आगे आते हैं योगी सरकार में पर्यटन मंत्री के रूप में शामिल जयवीर सिंह। जयवीर सिंह ने 2022 के विधानसभा चुनाव में मैनपुरी सदर सीट से चुनाव लड़ा था। उन्होंने लगातार दो बार सपा के टिकट पर विधायक रहे राजकुमार यादव उर्फ राजू को हराकर जीत अपने नाम कर ली थी। उन्हें इस जीत के तोहफे के रूप में ही कैबिनेट में जगह मिली थी। उनके पर्यटन मंत्री बनने के बाद 2022 में ही लोकसभा उप चुनाव हुआ था और भाजपा को हार मिली थी। लेकिन तब ये माना जा रहा था कि सपा की ये जीत मुलायम सिंह यादव के निधन पर जनता की श्रृद्धांजलि है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे में अबकी बार पर्यटन मंत्री के कंधों पर कमल खिलाने की बड़ी जिम्मेदारी है। लोकसभा क्षेत्र में जीत के लिए उन्हें मैनपुरी विधानसभा क्षेत्र में भी पार्टी को वोटों की बढ़त दिलानी होगी, जो अब तक भाजपा को कभी नहीं मिली।
दूसरे नंबर पर आते हैं भोगांव से विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री। उन्होंने भी 2017 में सपा से ये सीट छीनी थी। इसका इनाम उन्हें भी 2019 में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में कैबिनेट मंत्री के रूप में मिला था। लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भी उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला। लेकिन कहीं न कहीं उनके लिए भी भोगांव से भाजपा को बढ़त दिलाना एक चुनौती है। भोगांव क्षेत्र से हमेशा भाजपा को ही बढ़त मिलती थी। लेकिन मुलायम सिंह यादव के बाद हुए लोकसभा उप चुनाव में ये रिकॉर्ड बदल गया। सपा ने भोगांव क्षेत्र से भी बढ़त बनाई थी। ऐसी में उन्हें भी इस बार अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए कमल खिलाने के लिए भरसक प्रयास करना होगा। संवाद



जिला पंचायत अध्यक्ष पर भी टिकी हैं निगाहें
2021 में पहली बार भाजपा के टिकट पर अर्चना भदौरिया जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुईं। इससे पहले कभी भी भाजपा के खाते में निर्वाचन से ये सीट नहीं आई। जिला पंचायत अध्यक्ष को भी जिले का प्रतिनिधि माना जाता है। इसके चलते उन पर भी लोगों की निगाहें हैं। उन्हें भी इस बार भाजपा का वोट बैंक और मजबूत करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed