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एसपी ने रकरी चौकी के सिपाहियों को किया लाइन हाजिर
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भोगांव (मैनपुरी)। पुलिस चौकी रकरी पर तैनात दो सिपाहियों को मंगलवार देररात एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया। सिपाहियों पर दशरथ कठेरिया के परिजन ने रुपये न मिलने पर पीटने व आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। एसपी के आश्वासन पर ही परिजन ने देरशाम शव का अंतिम संस्कार किया था। अभी तक मामले में पुलिस द्वारा कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
थाना क्षेत्र के गांव रकरी निवासी दशरथ कठेरिया द्वारा खुदकुशी किए जाने के बाद मंगलवार देरशाम पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया गया। परिजन दशरथ को रुपये न मिलने पर पीटने वाले आरोपी सिपाही पुष्पेंद्र व अजीत के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मामले में देररात एसपी कमलेश दीक्षित ने चौकी पर तैनात दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। आदेश मिलते ही थाने से दोनों को कार्यमुक्त कर लाइन भेज दिया। मामले में दशरथ की बहन रंगोली की शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है। सीओ भोगांव चंद्रकेश सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन किया जाएगा उसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
यह था मामला
गांव रकरी निवासी भाई दशरथ और ब्रजेश के बीच सोमवार को झगड़ा हुआ था। आरोप है चौकी पुलिस दोनों को चौकी ले गई और समझौते को लेकर हुई पंचायत में पांच हजार रुपये मांगे गए। तीन हजार रुपये दे दिए गए। रुपये की मांग पूरी न होने पर चौकी के सिपाही पुष्पेंद्र व अजीत सिंह ने जातिसूचक गालियां देने के साथ थाने ले जाकर शांतिभंग में चालान कर दिया। दशरथ की पिटाई भी की गई। शाम को जमानत पर आने के बाद सिपाही पुष्पेंद्र ने फोन कर धमकाते हुए चौकी पर बुलाया। आरोप है कि चौकी पर फिर से उसकी पिटाई की गई। परिजन व ग्रामीणों के सामने भी पीटा गया था। इसी से क्षुब्ध होकर दशरथ ने देररात खुदकुशी कर ली। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर आक्रोशित परिजन ने मंगलवार को शव नहीं उठने दिया था।
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डीएम, एसपी से सात दिन में मांगी रिपोर्ट
मैनपुरी। थाना भोगांव के गांव रकरी निवासी दशरथ सिंह कठेरिया द्वारा पुलिस की पिटाई से क्षुब्ध होकर फांसी लगाने के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, डीएम, एसपी से सात दिन में रिपोर्ट मांगी है। समय सीमा में रिपोर्ट नहीं देने पर व्यक्तिगत रूप से सम्मन भेजने की चेतावनी दी है।
‘अमर उजाला’ ने दस अगस्त के अंक में पुलिस की पिटाई से क्षुब्ध युवक ने फांसी लगाई, परिजन ने नहीं उठाने दिया शव, पुलिस ने हुई झड़प शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इसका स्वत: संज्ञान लिया है। शासन के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, डीएम, एसपी से सात दिन में घटनाक्रम तथा की गई कार्रवाई की निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट देने को कहा है। आयोग के निदेशक कौशल किशोर ने पत्र में कहा है कि अन्यथा की स्थिति में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए सम्मन भेजा जाएगा।
घटनाक्रम की जानकारी ली
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के निदेशक कौशल किशोर ने बुधवार को अखिल भारतीय कठेरिया समाज विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विपिन कठेरिया से घटनाक्रम की फोन से जानकारी ली। कठेरिया ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं बुधवार को सपा के पूर्व विधायक आलोक शाक्य ने दशरथ के परिजन से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने एसडीएम कुलदेव सिंह से मुलाकात कर परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।
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थाना क्षेत्र के गांव रकरी निवासी दशरथ कठेरिया द्वारा खुदकुशी किए जाने के बाद मंगलवार देरशाम पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया गया। परिजन दशरथ को रुपये न मिलने पर पीटने वाले आरोपी सिपाही पुष्पेंद्र व अजीत के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मामले में देररात एसपी कमलेश दीक्षित ने चौकी पर तैनात दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। आदेश मिलते ही थाने से दोनों को कार्यमुक्त कर लाइन भेज दिया। मामले में दशरथ की बहन रंगोली की शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है। सीओ भोगांव चंद्रकेश सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन किया जाएगा उसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
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यह था मामला
गांव रकरी निवासी भाई दशरथ और ब्रजेश के बीच सोमवार को झगड़ा हुआ था। आरोप है चौकी पुलिस दोनों को चौकी ले गई और समझौते को लेकर हुई पंचायत में पांच हजार रुपये मांगे गए। तीन हजार रुपये दे दिए गए। रुपये की मांग पूरी न होने पर चौकी के सिपाही पुष्पेंद्र व अजीत सिंह ने जातिसूचक गालियां देने के साथ थाने ले जाकर शांतिभंग में चालान कर दिया। दशरथ की पिटाई भी की गई। शाम को जमानत पर आने के बाद सिपाही पुष्पेंद्र ने फोन कर धमकाते हुए चौकी पर बुलाया। आरोप है कि चौकी पर फिर से उसकी पिटाई की गई। परिजन व ग्रामीणों के सामने भी पीटा गया था। इसी से क्षुब्ध होकर दशरथ ने देररात खुदकुशी कर ली। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर आक्रोशित परिजन ने मंगलवार को शव नहीं उठने दिया था।
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डीएम, एसपी से सात दिन में मांगी रिपोर्ट
मैनपुरी। थाना भोगांव के गांव रकरी निवासी दशरथ सिंह कठेरिया द्वारा पुलिस की पिटाई से क्षुब्ध होकर फांसी लगाने के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, डीएम, एसपी से सात दिन में रिपोर्ट मांगी है। समय सीमा में रिपोर्ट नहीं देने पर व्यक्तिगत रूप से सम्मन भेजने की चेतावनी दी है।
‘अमर उजाला’ ने दस अगस्त के अंक में पुलिस की पिटाई से क्षुब्ध युवक ने फांसी लगाई, परिजन ने नहीं उठाने दिया शव, पुलिस ने हुई झड़प शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इसका स्वत: संज्ञान लिया है। शासन के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, डीएम, एसपी से सात दिन में घटनाक्रम तथा की गई कार्रवाई की निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट देने को कहा है। आयोग के निदेशक कौशल किशोर ने पत्र में कहा है कि अन्यथा की स्थिति में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए सम्मन भेजा जाएगा।
घटनाक्रम की जानकारी ली
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के निदेशक कौशल किशोर ने बुधवार को अखिल भारतीय कठेरिया समाज विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विपिन कठेरिया से घटनाक्रम की फोन से जानकारी ली। कठेरिया ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं बुधवार को सपा के पूर्व विधायक आलोक शाक्य ने दशरथ के परिजन से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने एसडीएम कुलदेव सिंह से मुलाकात कर परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।