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Agra: एमजी रोड से हटाई जा रही मजार, पुलिस के सामने शुरू हुई कार्रवाई; देखें वीडियो
Tue, 16 Jun 2026 09:55 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 16 Jun 2026 09:55 AM IST
सार
एमजी रोड पर आगरा कॉलेज के सामने सड़क के बीच बनी विवादित मजार को हटाने की प्रक्रिया प्रशासन ने शुरू कर दी है। यातायात बाधा और सुरक्षा कारणों से की जा रही इस कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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एमजी रोड
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
एमजी रोड पर आगरा कॉलेज के सामने स्थित हजरत रुस्तम शहीद शाह बाबा की मजार को प्रशासन और पुलिस ने हटा दिया। मजार को नादिर अली शाह उर्फ नौगजे साहब की दरगाह परिसर नागरी प्रचारिणी में स्थापित किया गया है। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। दोनों तरफ रोड पर यातायात रोकना पड़ा।
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एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव के साथ नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और अन्य विभागों के अधिकारियों की टीम मंगलवार को सुबह करीब 8 बजे मौके पर पहुंची। भारी फोर्स की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से मजार को हटाने का कार्य शुरू किया गया। कार्रवाई के दौरान डीएम मनीष बंसल के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट अमित शुक्ला भी मौजूद रहे।
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इस दौरान एसएन इमरजेंसी तिराहे से नालबंद की ओर जाने वाले वाहनों काे रोक दिया गया। कुछ समय के लिए एमजी रोड की दोनों तरफ की रोड बंद करनी पड़ी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दरगाह से जुड़े अकीदतमंद भी मौजूद रहे। करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर करीब 1 बजे मजार को स्थानांतरित किया गया। खादिम प्रदीप तिवारी ने बताया कि मजार करीब 390 वर्ष पुरानी है। पहले सड़क के किनारे थी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामला दीवानी न्यायालय में भी विचाराधीन हो गया था। इसके बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मजार को स्थानांतरित करने की पहल की। मजार के खादिम समेत अन्य अकीदतमंदों से बात की गई। छह माह में कई बार बैठकें हुईं। शहर के विकास के लिए सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए कमेटी के सदस्यों ने एक जून की बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष मजार को स्थानांतरित करने पर सहमति जताई।
मुस्लिम से ज्यादा हिंदू अकीदतमंद, खादिम हैं ब्राह्मण
स्थानीय निवासी और मुस्लिम समाज के नेता सुहैल कुरैशी ने बताया कि हजरत रुस्तम शहीद शाह बाबा की मजार के खादिम प्रदीप तिवारी हैं। करीब 50 वर्षों से मजार और दरगाह की सेवा से जुड़े हैं। यहां मुस्लिम से ज्यादा हिंदू धर्म के लोगों की आस्था है। खादिम प्रदीप तिवारी ने बताया कि 1978 में संजय गांधी ने एमजी रोड को चौड़ा कराया था। तब इसे ठंडी सड़क कहते थे। उस समय मजार को हटाने की जरूरत नहीं हुई थी। वर्तमान में जरूरत को देखते हुए यह फैसला लिया गया।
शासन के फैसले का किया स्वागत
एमजी रोड से हजरत रुस्तम शाह बाबा की मजार के स्थानांतरण फैसले का जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया है। राज्यसभा सांसद नवीन जैन, मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह, एमएलसी विजय शिवहरे आदि ने आपसी सौहार्द की भावना की प्रशंसा की है। उनका कहना है कि सभी की सहमति से स्थानांतरण होने के बाद एमजी रोड पर यातायात की समस्या का समाधान होगा।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि मेट्राे निर्माण कार्य के कारण मजार को स्थानांतरित करना आवश्यक हो गया था। सड़क के बीच होने के कारण लंबे समय से यातायात बाधित हो रहा था। सर्व समाज के लोगों ने आपसी सौहार्द और सहयोग का परिचय देते हुए स्थानांतरण की प्रक्रिया को शांतिपूर्वक संपन्न कराया।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामला दीवानी न्यायालय में भी विचाराधीन हो गया था। इसके बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मजार को स्थानांतरित करने की पहल की। मजार के खादिम समेत अन्य अकीदतमंदों से बात की गई। छह माह में कई बार बैठकें हुईं। शहर के विकास के लिए सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए कमेटी के सदस्यों ने एक जून की बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष मजार को स्थानांतरित करने पर सहमति जताई।
मुस्लिम से ज्यादा हिंदू अकीदतमंद, खादिम हैं ब्राह्मण
स्थानीय निवासी और मुस्लिम समाज के नेता सुहैल कुरैशी ने बताया कि हजरत रुस्तम शहीद शाह बाबा की मजार के खादिम प्रदीप तिवारी हैं। करीब 50 वर्षों से मजार और दरगाह की सेवा से जुड़े हैं। यहां मुस्लिम से ज्यादा हिंदू धर्म के लोगों की आस्था है। खादिम प्रदीप तिवारी ने बताया कि 1978 में संजय गांधी ने एमजी रोड को चौड़ा कराया था। तब इसे ठंडी सड़क कहते थे। उस समय मजार को हटाने की जरूरत नहीं हुई थी। वर्तमान में जरूरत को देखते हुए यह फैसला लिया गया।
शासन के फैसले का किया स्वागत
एमजी रोड से हजरत रुस्तम शाह बाबा की मजार के स्थानांतरण फैसले का जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया है। राज्यसभा सांसद नवीन जैन, मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह, एमएलसी विजय शिवहरे आदि ने आपसी सौहार्द की भावना की प्रशंसा की है। उनका कहना है कि सभी की सहमति से स्थानांतरण होने के बाद एमजी रोड पर यातायात की समस्या का समाधान होगा।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि मेट्राे निर्माण कार्य के कारण मजार को स्थानांतरित करना आवश्यक हो गया था। सड़क के बीच होने के कारण लंबे समय से यातायात बाधित हो रहा था। सर्व समाज के लोगों ने आपसी सौहार्द और सहयोग का परिचय देते हुए स्थानांतरण की प्रक्रिया को शांतिपूर्वक संपन्न कराया।
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