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UP: आगरा के इन बड़े निजी अस्पतालों के पंजीकरण खतरे में! रद्द होंगे लाइसेंस
Sun, 31 Mar 2024 01:33 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 31 Mar 2024 01:33 PM IST
सार
निजी अस्पतालों में मानक पूरे न होने के कारण पंजीकरण के नवीनीकरण पर रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन्हें एक मौका और दिया गया है। अगर मानक पूरे नहीं होंगे तो इनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।
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विस्तार
आगरा में स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत 1261 अस्पताल, लैब के लाइसेंस 30 अप्रैल तक ही मान्य हैं। इस अवधि तक लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराने पर ये अवैध माने जाएंगे। एक अप्रैल से 2024-25 के लिए लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू हो रही है। 5 विभागों की टीम 17 मानकों पर आकलन कर लाइसेंस का नवीनीकरण करेगी।
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स्वास्थ्य विभाग में 494 अस्पताल, 493 क्लिनिक, 170 पैथोलॉजी लैब और 104 डायग्नोस्टिक सेंटर पंजीकृत हैं। मानक पूरे नहीं होने पर 135 अस्पताल, लैब के लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। लाइसेंस के नवीनीकरण में 17 चिकित्सकीय मानकों को परखा जाएगा। इसमें चिकित्सक को शपथपत्र भी देना होगा।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि 30 अप्रैल के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। संचालक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इनके मानकों का भौतिक सत्यापन पांच विभागों की टीम करेगी। मानक ठीक मिलने पर ही लाइसेंस का नवीनीकरण होगा।
आईएमए भवन में लगाएंगे कैंप
आईएमए सचिव डॉ. पंकज नगायच ने बताया कि लाइसेंस नवीनीकरण के लिए तोता के ताल स्थित कार्यालय में एक अप्रैल से कैंप लगाएंगे। यहां सभी चिकित्सक अपने संस्थानों के लिए जरूरी एनओसी समेत अन्य रिकाॅर्ड जमा करेंगे। यहीं से उनका नवीनीकरण के लिए आवेदन कर दिया जाएगा।
आईएमए सचिव डॉ. पंकज नगायच ने बताया कि लाइसेंस नवीनीकरण के लिए तोता के ताल स्थित कार्यालय में एक अप्रैल से कैंप लगाएंगे। यहां सभी चिकित्सक अपने संस्थानों के लिए जरूरी एनओसी समेत अन्य रिकाॅर्ड जमा करेंगे। यहीं से उनका नवीनीकरण के लिए आवेदन कर दिया जाएगा।
मिलेगी यूनिक आईडी
सीएमओ ने बताया कि आयुष्मान डिजिटल मिशन के तहत पहली बार एचपीआर (हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन) और एचएफआर (हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री) की व्यवस्था की जा रही है। एचपीआर में चिकित्सकीय संस्थान और एचएफआर में चिकित्सक को पंजीकरण कराना होगा। इनको यूनिक आईडी मिलेगी। इससे पंजीकृत संस्थानों की सही जानकारी भी रहेगी।
सीएमओ ने बताया कि आयुष्मान डिजिटल मिशन के तहत पहली बार एचपीआर (हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन) और एचएफआर (हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री) की व्यवस्था की जा रही है। एचपीआर में चिकित्सकीय संस्थान और एचएफआर में चिकित्सक को पंजीकरण कराना होगा। इनको यूनिक आईडी मिलेगी। इससे पंजीकृत संस्थानों की सही जानकारी भी रहेगी।
ये देनी होगी जानकारी :
- चिकित्सक का नाम, डिग्री, विशेषज्ञता, पंजीकरण संख्या।
- नर्सिंग स्टाफ और टेक्नीशियन की डिग्री, अनुभव प्रमाणपत्र।
- एडीए से मान्य नक्शा, नगर निगम की एनओसी।
- अग्निशमन विभाग, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी।
- बायोमेडिकल निस्तारण के लिए संस्था में पंजीकरण रसीद।
- चिकित्सकीय सेवा, शुल्क और चिकित्सकों के नाम का बोर्ड व फोटो।
- एंबुलेंस सेवा है तो उसका पंजीकरण और चिकित्सकीय स्टाफ का विवरण।
- आईसीयू है तो उसमें बेड, विशेषज्ञ चिकित्सक का नाम, उनकी डिग्री।
- रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर में मशीनों की पंजीकरण संख्या।
- चिकित्सक का नाम, डिग्री, विशेषज्ञता, पंजीकरण संख्या।
- नर्सिंग स्टाफ और टेक्नीशियन की डिग्री, अनुभव प्रमाणपत्र।
- एडीए से मान्य नक्शा, नगर निगम की एनओसी।
- अग्निशमन विभाग, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी।
- बायोमेडिकल निस्तारण के लिए संस्था में पंजीकरण रसीद।
- चिकित्सकीय सेवा, शुल्क और चिकित्सकों के नाम का बोर्ड व फोटो।
- एंबुलेंस सेवा है तो उसका पंजीकरण और चिकित्सकीय स्टाफ का विवरण।
- आईसीयू है तो उसमें बेड, विशेषज्ञ चिकित्सक का नाम, उनकी डिग्री।
- रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर में मशीनों की पंजीकरण संख्या।