फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   recovery of home scam will be from retired worker

आवास घोटाले में सेवानिवृत्त लेखाकार से होगी 11.57 लाख की रिकवरी

Fri, 05 Feb 2021 10:32 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 05 Feb 2021 10:32 PM IST
विज्ञापन
recovery of home scam will be from retired worker
मैनपुरी। विकास खंड बरनाहल की एक ग्राम पंचायत में चार साल पहले हुए प्रधानमंत्री आवास घोटाले में रिकवरी के आदेश जारी किए गए हैं। सेवानिवृत्त लेखाकार से 11.57 लाख रुपये की वसूली की जाएगी। इसके लिए खंड विकास अधिकारी की ओर से पत्र जारी किया गया है। सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले भुगतान से इसकी भरपाई की जाएगी।
विज्ञापन

ग्राम पंचायत कसौली में वर्ष 2017 के प्रधानमंत्री आवासों में फर्जीवाड़ा किया गया। छह आवासों की धनराशि अपात्रों के खाते में भेज दी गई। इसमें छह अपात्रों को आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त के रूप में 40 हजार रुपये की दर से कुल 2.40 लाख और द्वितीय किस्त के रूप में 70 हजार की दर से 4.20 लाख रुपये का भुगतान किया गया। एक आवास की तृतीय किस्त के रूप में दस हजार रुपये का भुगतान किया गया। इस प्रकार कुल 6.70 लाख रुपये की धनराशि अपात्रों के खाते में भेजी गई।
विज्ञापन

वर्ष 2019 में शिकायत पर हुई जांच के बाद मामला सामने आया था। इसके बाद धनराशि की रिकवरी नहीं की जा सकी। अब तत्कालीन प्रधान लेखाकार ओम ओमाधार से रिकवरी के आदेश खंड विकास अधिकारी बरनाहल धीरेंद्र कुमार ने जारी किए हैं। 31 जनवरी को ही प्रधान लेखाकार सेवानिवृत्त हुए हैं, ऐसे में अब उनके सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली धनराशि से रिकवरी की धनराशि वसूल की जाएगी। उनसे 6.70 लाख मूलधन के अलावा 18 प्रतिशत ब्याज की दर से 4.87 लाख समेत कुल 11.57 लाख की रिकवरी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस की जांच में ठहराया गया था दोषी
सेवानिवृत्त प्रधान लेखाकार ओम ओमाधार से रिकवरी के आदेश को पुलिस जांच को आधार बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार मामले में थाना बरनाहल में दर्ज एफआईआर में पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें तत्कालीन प्रधान लेखाकार को ही दोषी बताया गया है। इसी के आधार पर प्रशासन ने रिकवरी का निर्णय लिया है।
तत्कालीन बीडीओ के निलंबन की भेजी थी संस्तुति
वर्ष 2019 में कसौली में आवास फर्जीवाड़ा सामने आया था। इसमें प्रशासन द्वारा वर्ष 2017-18 में बरनाहल में तैनात रहीं तत्कालीन खंड विकास अधिकारी सुप्रिया मिश्रा के निलंबन की भी संस्तुति भेजी गई थी। वर्तमान में वे भी सेवानिवृत्त हो चुकी हैं।

मेरे कार्यकाल से पूर्व प्रधानमंत्री आवास की धनराशि का फर्जीवाड़ा किया गया था। पुलिस जांच में तत्कालीन प्रधान लेखाकार दोषी पाए गए हैं। इसी आधार पर उनसे धनराशि वसूल करने का आदेश जारी किया गया है।
धीरेंद्र कुमार, खंड विकास अधिकारी बरनाहल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed