Agra: थाने में नहीं मिल रहा हत्या का रिकॉर्ड, 90 लाख रुपये बीमा राशि हड़पने के लिए हुई थी वारदात
आगरा के रकाबगंज थाने में हत्या का रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। 90 लाख रुपये बीमा राशि हड़पने के लिए वारदात को अंजाम देने का आरोप है।
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ताजनगरी आगरा के रकाबगंज थाना क्षेत्र में 17 साल पहले खंभे से टकराकर कार में आग लगाकर व्यक्ति को जलाकर हत्या के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। गुजरात पुलिस की सूचना पर स्थानीय थाने में फाइलों को खंगाला जा रहा है। हालांकि घटना के संबंध में कोई रिकार्ड नहीं मिला है। पुलिस अब बीमा कंपनी से जानकारी जुटा रही है। आरोपी को रिमांड पर लेकर भी पूछताछ की तैयारी है।
31 जुलाई 2006 को रकाबगंज क्षेत्र में घटना हुई थी। एक कार में खंभे से टकराने के बाद आग लगी थी। पुलिस ने कार से चालक सीट पर एक व्यक्ति की लाश बरामद की थी। वह जल गई थी। मृतक की पहचान गौतमबुद्ध नगर के पारसौल निवासी अनिल मलिक के रूप में की गई थी।
थाना पुलिस ने जीडी में तस्करा डाला था। परिजन शव गांव ले गए। अंतिम संस्कार किया। जिस अनिल मलिक की मौत का दावा किया गया, वह गुजरात के अहमदाबाद में रह रह था। उसने नाम बदल लिया था। पुलिस ने गोपनीय सूचना पर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसने 90 लाख रुपये की बीमा राशि हड़पने के लिए यह घटना कराई थी।
मृतक के बारे में जुटाएंगे जानकारी
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि 17 साल पुरानी घटना का रिकॉर्ड थाने में मौजूद नहीं है। हालांकि घटना के बाद आरोपी के परिजन ने बीमा के लिए दावा किया था। इसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लगाया गया था। इस रिपोर्ट को निकलवाया जा रहा है। इसके के लिए बीमा कंपनी से संपर्क किया गया है।
बीमा राशि गाजियाबाद से मिली थी। साथ ही गुजरात पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद आरोपी को रिमांड पर लाकर पूछताछ की जाएगी। जिस व्यक्ति की हत्या हुई, उसके बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। मृतक के परिजन कौन हैं? उन्होंने गुमशुदगी या कोई मुकदमा दर्ज कराया था या नहीं? यह पता किया जाएगा। पहचान के प्रयास किए जाएंगे, जिससे आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा सके।