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फाइलें पूरी कराने के लिए दबाव बना रहे ब्लॉक के अधिकारी
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04एमएनपी-23-घिरोर ब्लॉक के प्राइमरी विद्यालय कठेंगरा में खोदा गया रिचार्ज पिट के लिए गड्ढा।
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। विकास खंड घिरोर की ग्राम पंचायतों में हुए रिचार्ज पिट फर्जीवाड़े पर पर्दा डालने के लिए ब्लॉक स्तरीय अधिकारी पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। अब वे फाइलें पूर्ण कराने के लिए अधीनस्थों पर दबाव बना रहे हैं, लेकिन कोई भी अब अपनी कलम फंसाने को तैयार नहीं है।
दिसंबर 2021 में विकास खंड घिरोर की ग्राम पंचायतों में 73 रिचार्ज पिट का भुगतान कर लिया गया, लेकिन 20 प्रतिशत पिट भी नहीं बनाए गए। अमर उजाला ने इस फर्जीवाड़ा का खुलासा किया तो सीडीओ विनोद कुमार ने जांच शुरू करा दी। जांच में ये फर्जीवाड़ा कई ग्राम पंचायतों में साबित भी हुआ। सीडीओ ने अपने आदेश में रिचार्ज पिट निर्माण संबंधी पत्रावली भी चेक करने के आदेश दिए थे। पत्रावली पर ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक या तकनीकी सहायक के हस्ताक्षर न होने से अब सीधे ब्लॉक स्तरीय अधिकारी कार्रवाई के घेरे में हैं। ऐसे में वे सचिव, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायकों पर फाइल पर हस्ताक्षर करने का दबाव बना रहे हैं। इसके लिए प्रतिदिन ब्लॉक में मीटिंग भी बुलाई जा रही है, जिसमें अधीनस्थों को हर तरीके से राजी करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन मामला इतना बढ़ चुका है कि अब अधीनस्थ भी अपनी कलम फंसाने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में अब लाख कोशिशों के बाद भी दोषी बच नहीं सकेंगे।
उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे कर्मचारी
ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों द्वारा लगातार दबाव बनाने से पंचायत सचिव, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक परेशान हैं। ऐसे में जल्द ही वे उच्चाधिकारियों से शिकायत करते हुए पूरे मामले से अवगत कराएंगे। सूत्रों के अनुसार जिला प्रशासन ने मामले में कार्रवाई का खाका तैयार कर लिया है।
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वर्जन
मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर आठ अधिकारियों ने घिरोर ब्लॉक में बने रिचार्ज पिट का सत्यापन कर लिया है। अधिकांश रिपोर्ट प्राप्त हो गई हैं। जल्द ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
- पीसी राम, उपायुक्त मनरेगा।
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दिसंबर 2021 में विकास खंड घिरोर की ग्राम पंचायतों में 73 रिचार्ज पिट का भुगतान कर लिया गया, लेकिन 20 प्रतिशत पिट भी नहीं बनाए गए। अमर उजाला ने इस फर्जीवाड़ा का खुलासा किया तो सीडीओ विनोद कुमार ने जांच शुरू करा दी। जांच में ये फर्जीवाड़ा कई ग्राम पंचायतों में साबित भी हुआ। सीडीओ ने अपने आदेश में रिचार्ज पिट निर्माण संबंधी पत्रावली भी चेक करने के आदेश दिए थे। पत्रावली पर ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक या तकनीकी सहायक के हस्ताक्षर न होने से अब सीधे ब्लॉक स्तरीय अधिकारी कार्रवाई के घेरे में हैं। ऐसे में वे सचिव, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायकों पर फाइल पर हस्ताक्षर करने का दबाव बना रहे हैं। इसके लिए प्रतिदिन ब्लॉक में मीटिंग भी बुलाई जा रही है, जिसमें अधीनस्थों को हर तरीके से राजी करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन मामला इतना बढ़ चुका है कि अब अधीनस्थ भी अपनी कलम फंसाने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में अब लाख कोशिशों के बाद भी दोषी बच नहीं सकेंगे।
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उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे कर्मचारी
ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों द्वारा लगातार दबाव बनाने से पंचायत सचिव, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक परेशान हैं। ऐसे में जल्द ही वे उच्चाधिकारियों से शिकायत करते हुए पूरे मामले से अवगत कराएंगे। सूत्रों के अनुसार जिला प्रशासन ने मामले में कार्रवाई का खाका तैयार कर लिया है।
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मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर आठ अधिकारियों ने घिरोर ब्लॉक में बने रिचार्ज पिट का सत्यापन कर लिया है। अधिकांश रिपोर्ट प्राप्त हो गई हैं। जल्द ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
- पीसी राम, उपायुक्त मनरेगा।