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दुर्जनपुर और कठेंगरा में भी हड़प ली रिचार्ज पिट की धनराशि
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03एमएनपी-20-घिरोर ब्लॉक के गांव दुर्जनपुर में आनन फानन में रिचार्ज पिट का निर्माण करते श्रमिक।
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। विकास खंड घिरोर में सरकारी धनराशि के गबन की कहानी हर दिन और लंबी होती जा रही है। अब क्षेत्र के गांव दुर्जन और कठेंगरा में रिचार्ज पिट फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। यहां भी पांच माह पहले धनराशि निकाल ली गई, पर निर्माण नहीं हुई। अब जांच की आंच पहुंची तो गड्ढे खोदने के साथ ही काम शुरू करा दिया।
अमर उजाला ने विकास खंड घिरोर में अब तक मनरेगा में हुआ सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर किया है। यहां जल संरक्षण के नाम पर लाखों रुपये की धनराशि का बंदरबांट कर लिया। अमर उजाला की पड़ताल में एक के बाद एक परतें खुलकर सामने आ रही हैं। अब विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत नाहिल कठेंगरा के गांव दुर्जनपुर और कठेंगरा में रिचार्ज पिट फर्जीवाड़ा सामने आया है। दोनों ही गांवों के प्राथमिक विद्यालयों में 67,713 रुपये की दर से 22 दिसंबर 2021 को ही भुगतान कर लिया गया। भुगतान लेने के पांच माह बाद भी जल संरक्षण के लिए प्रस्तावित रिचार्ज पिट का निर्माण नहीं कराया गया। अब जब पूरे ब्लॉक में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है तो यहां भी जिम्मेदारों की नींद टूटी। ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के दबाव में एक ठेकेदार मंगलवार को गांव पहुंचा। कठेंगरा में जहां रिचार्ज पिट निर्माण के लिए गड्ढे कराए गए तो वहीं दुर्जनपुर में गड्ढे कराने के बाद निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया। अगर ये फर्जीवाड़ा उजागर न होता तो कहीं भी ये निर्माण नहीं कराए जाते। जल्द ही रिचार्ज पिट मामले में प्रशासन जिम्मेदारों पर बड़ी कार्रवाई कर सकता है।
अधिकारियों की जांच में भी हुई फर्जीवाड़े की पुष्टि
अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेकर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने आठ जिला स्तरीय अधिकारियों को घिरोर की सभी ग्राम पंचायतों में रिचार्ज पिट का सत्यापन कराने के आदेश दिए थे। जब अधिकारी गांवों में पहुंचे तो उन्हें कई जगह काम चलता मिला तो कई जगह काम शुरू भी नहीं हुआ था। इसकी रिपोर्ट वे मुख्य विकास अधिकारी को सौंपेंगे।
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निर्माण कराने के बाद भी बच नहीं सकेंगे जिम्मेदार
रिचार्ज पिट निर्माण के नाम पर फर्जीवाड़ा खुलने के बाद अब ब्लॉक प्रशासन और ठेकेदारों ने निर्माण में पूरी ताकत झोंक दी है। मानक के विपरीत रात दिन काम करके निर्माण के नाम पर खानापूरी की जा रही है। ब्लॉक प्रशासन का मानना है कि निर्माण कराने के बाद वे दोष से मुक्त हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। पांच माह पहले धनराशि के भुगतान के बाद भी निर्माण न कराया जाना घोर वित्तीय अनियमितता है। ऐसे में निर्माण के बाद भी हर हाल में उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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अब तक इन गांवों मिला फर्जीवाड़ा
- बुढ़र्रा
- भटानी
- चिकनी
- लपगवां
- नगला बाग
- घिरोर देहात
- ककरैठ
- दुर्जनपुर
- कठेंगरा
विकास खंड घिरोर की जिन ग्राम पंचायतों में भी रिचार्ज पिट का निर्माण हुआ था। सभी की जांच कराई गई है। आठ जिला स्तरीय अधिकारियों ने जांच की है। किसी भी सूरत में फर्जीवाड़ा करने वाले कार्रवाई से बच नहीं सकेंगे।
-विनोद कुमार, मुख्य विकास अधिकारी।
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अमर उजाला ने विकास खंड घिरोर में अब तक मनरेगा में हुआ सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर किया है। यहां जल संरक्षण के नाम पर लाखों रुपये की धनराशि का बंदरबांट कर लिया। अमर उजाला की पड़ताल में एक के बाद एक परतें खुलकर सामने आ रही हैं। अब विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत नाहिल कठेंगरा के गांव दुर्जनपुर और कठेंगरा में रिचार्ज पिट फर्जीवाड़ा सामने आया है। दोनों ही गांवों के प्राथमिक विद्यालयों में 67,713 रुपये की दर से 22 दिसंबर 2021 को ही भुगतान कर लिया गया। भुगतान लेने के पांच माह बाद भी जल संरक्षण के लिए प्रस्तावित रिचार्ज पिट का निर्माण नहीं कराया गया। अब जब पूरे ब्लॉक में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है तो यहां भी जिम्मेदारों की नींद टूटी। ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के दबाव में एक ठेकेदार मंगलवार को गांव पहुंचा। कठेंगरा में जहां रिचार्ज पिट निर्माण के लिए गड्ढे कराए गए तो वहीं दुर्जनपुर में गड्ढे कराने के बाद निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया। अगर ये फर्जीवाड़ा उजागर न होता तो कहीं भी ये निर्माण नहीं कराए जाते। जल्द ही रिचार्ज पिट मामले में प्रशासन जिम्मेदारों पर बड़ी कार्रवाई कर सकता है।
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अधिकारियों की जांच में भी हुई फर्जीवाड़े की पुष्टि
अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेकर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने आठ जिला स्तरीय अधिकारियों को घिरोर की सभी ग्राम पंचायतों में रिचार्ज पिट का सत्यापन कराने के आदेश दिए थे। जब अधिकारी गांवों में पहुंचे तो उन्हें कई जगह काम चलता मिला तो कई जगह काम शुरू भी नहीं हुआ था। इसकी रिपोर्ट वे मुख्य विकास अधिकारी को सौंपेंगे।
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निर्माण कराने के बाद भी बच नहीं सकेंगे जिम्मेदार
रिचार्ज पिट निर्माण के नाम पर फर्जीवाड़ा खुलने के बाद अब ब्लॉक प्रशासन और ठेकेदारों ने निर्माण में पूरी ताकत झोंक दी है। मानक के विपरीत रात दिन काम करके निर्माण के नाम पर खानापूरी की जा रही है। ब्लॉक प्रशासन का मानना है कि निर्माण कराने के बाद वे दोष से मुक्त हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। पांच माह पहले धनराशि के भुगतान के बाद भी निर्माण न कराया जाना घोर वित्तीय अनियमितता है। ऐसे में निर्माण के बाद भी हर हाल में उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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अब तक इन गांवों मिला फर्जीवाड़ा
- बुढ़र्रा
- भटानी
- चिकनी
- लपगवां
- नगला बाग
- घिरोर देहात
- ककरैठ
- दुर्जनपुर
- कठेंगरा
विकास खंड घिरोर की जिन ग्राम पंचायतों में भी रिचार्ज पिट का निर्माण हुआ था। सभी की जांच कराई गई है। आठ जिला स्तरीय अधिकारियों ने जांच की है। किसी भी सूरत में फर्जीवाड़ा करने वाले कार्रवाई से बच नहीं सकेंगे।
-विनोद कुमार, मुख्य विकास अधिकारी।