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कचरा व्यवस्था: कागजों पर हर दिन, हकीकत में तीन दिन बाद उठ रहा कचरा, अधिकारियों की खुली पोल
Sun, 18 Jul 2021 11:00 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 18 Jul 2021 11:00 AM IST
सार
बुद्ध विहार चक्कीपाट- सड़क किनारे औलिया रोड चीलघर चौराहे से बुद्ध विहार चक्कीपाट बस अड्डे तक कचरे के ढेर लगे हैं। चक्कीपाट में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किसी ने नहीं देखा।
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आगरा की सड़कों पर पड़ा कूड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कागजों पर नगर निगम हर घर से यानी 3.25 लाख घरों तक पहुंचकर रोज कूड़ा उठा रहा है, लेकिन हकीकत ये है कि 3 से 5 दिन के बाद घरों और डलाबघरों से कचरा उठाया जा रहा है। नगर निगम के पार्षद ही अधिकारियों के दावों की पोल खोल रहे हैं। अधिकारी 91 फीसदी घरों से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने का दावा कर रहे हैं, जबकि पार्षदों की शिकायत है कि घर-घर से कूड़ा उठता तो नालों की सफाई में कचरे के पहाड़ कैसे निकलते। नालों का चोक होना इस बात की तस्दीक है कि डोर टू डोर कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है।
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बुद्ध विहार चक्कीपाट- सड़क किनारे औलिया रोड चीलघर चौराहे से बुद्ध विहार चक्कीपाट बस अड्डे तक कचरे के ढेर लगे हैं। चक्कीपाट में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किसी ने नहीं देखा।
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पंचकुईयां इंटर कॉलेज- पंचकुईयां में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के गेट के सामने ही कचरे के ढेर हैं। इंटर कॉलेज प्रबंधन नगर निगम से कई बार अवैध डलाबघर हटाने की मांग कर चुका।
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गढ़ी भदौरिया- जगदीशपुरा से प्रताप नगर के बीच गढ़ी भदौरिया में सड़क के बीचोबीच कचरा फैला है। तीन गलियों के लोग इसी कचरे के ढेर के बीच से निकलकर जाने को मजबूर हैं।
घटिया आजम खां- सिटी स्टेशन रोड पर कचरे के ढेर हैं। नगर आयुक्त यहां से डलाबघर हटाने के निर्देश दे चुके, लेकिन उनके आदेश भी नहीं सुने जा रहे।
पहले प्राइवेट कंपनी और अब नगर निगम, दोनों की व्यवस्था में डोर टू डोर कचरा नहीं उठाया जा रहा। मैने एक जगह से डस्टबिन हटवाया तो दूसरी कॉलोनी के गेट पर अवैध डलाबघर बना दिया। लोगों के घर से कचरा उठ रहा है तो कॉलोनी के गेट पर कचरा कैसे पहुंच रहा है। - राहुल चौधरी पार्षद, आजमपाड़ा
ये केवल नारा है कि न खाऊंगा, न खाने दूंगा। अगर ऐसा है तो उनकी नाक के नीचे डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, डस्टबिन घोटाला कैसे हो गया और कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो पाई। अब भी दोनों व्यवस्थाएं ठप हैं। कागजों पर करोड़ों का भुगतान किया जा रहा है। ये भ्रष्टाचार की श्रेणी में नहीं आता क्या। - शिरोमणि सिंह पार्षद, घटिया आजम खां
एक-दो गलियों को छोड़कर कहीं भी डोर टू डोर कूड़ा नहीं लिया जा रहा। घरों से कचरा उठ भी रहा है तो मोहल्ला प्रथा के सफाईकर्मी उठा रहे हैं। नगर निगम की गाड़ियां केवल मेन रोड से निकलती दिखती हैं, कूड़ा लेने अंदर नहीं पहुंचतीं। हम लोग कई बार शिकायतें कर चुके, पर प्रभारी सख्ती नहीं कर सके। - प्रियंका प्रजापति पार्षद, खातीपाड़ा
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की गड़बड़ियों को हमने उजागर किया ताकि व्यवस्था सुधरे, लेकिन कोई सुधार ही नहीं हुआ। नगर निगम के अधिकारी केवल मशीनों की खरीद, कमीशनखोरी में लगे हैं। बिना निगम सदन की सहमति के करोड़ों की खरीद की जा रही है, पर कचरा उठाने की व्यवस्था सुधर नहीं पाई। - रवि बिहारी माथुर पार्षद, पीपलमंडी
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ये केवल नारा है कि न खाऊंगा, न खाने दूंगा। अगर ऐसा है तो उनकी नाक के नीचे डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, डस्टबिन घोटाला कैसे हो गया और कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो पाई। अब भी दोनों व्यवस्थाएं ठप हैं। कागजों पर करोड़ों का भुगतान किया जा रहा है। ये भ्रष्टाचार की श्रेणी में नहीं आता क्या। - शिरोमणि सिंह पार्षद, घटिया आजम खां
एक-दो गलियों को छोड़कर कहीं भी डोर टू डोर कूड़ा नहीं लिया जा रहा। घरों से कचरा उठ भी रहा है तो मोहल्ला प्रथा के सफाईकर्मी उठा रहे हैं। नगर निगम की गाड़ियां केवल मेन रोड से निकलती दिखती हैं, कूड़ा लेने अंदर नहीं पहुंचतीं। हम लोग कई बार शिकायतें कर चुके, पर प्रभारी सख्ती नहीं कर सके। - प्रियंका प्रजापति पार्षद, खातीपाड़ा
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की गड़बड़ियों को हमने उजागर किया ताकि व्यवस्था सुधरे, लेकिन कोई सुधार ही नहीं हुआ। नगर निगम के अधिकारी केवल मशीनों की खरीद, कमीशनखोरी में लगे हैं। बिना निगम सदन की सहमति के करोड़ों की खरीद की जा रही है, पर कचरा उठाने की व्यवस्था सुधर नहीं पाई। - रवि बिहारी माथुर पार्षद, पीपलमंडी
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