Exclusive: विश्वविद्यालय में घोर लापरवाही, दीमक-चूहों ने कुतर दिए परीक्षा विभाग के गोपनीय चार्ट
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में छात्रों के परीक्षा रिकॉर्ड रखने में लापरवाही बरती जा रही है। बदइंतजामी से परीक्षा विभाग के गोपनीय चार्ट (रिकॉर्ड) नष्ट हो रहे हैं। इनको दीमक और चूहों ने कुतर दिया है।
विस्तार
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में छात्रों के रिकॉर्ड के रखरखाव में घोर लापरवाही बरती जा रही है। बदइंतजामी से परीक्षा विभाग के गोपनीय चार्ट (रिकॉर्ड) नष्ट हो रहे हैं। इनको दीमक और चूहों ने कुतर दिया है। कमरे में छात्रों के रिकॉर्ड कचरे के ढेर की तरह पड़े हुए हैं।
विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग के चार्ट रूम में 1927 से चार्ट रखे हुए हैं। इन चार्ट में विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कॉलेजों से पढ़े छात्राें के प्राप्तांक दर्ज है। इनसे ही छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड सत्यापित किए जाते हैं। रखरखाव ठीक से न होने के कारण ये रिकॉर्ड नष्ट हो रहे हैं।
इनको दीमक लग गई है, चूहों ने भी कुतर दिया है। इससे चार्ट के कई पेज नष्ट हो गए हैं। कक्ष में जगह-जगह चार्ट के फटे पन्ने पड़े हैं और रजिस्टर भी बिखरे हुए हैं। रैक और मेज के नीचे पन्नों की कतरन के ढेर लगे हैं। इससे भविष्य में किसी छात्र के शैक्षणिक रिकॉर्ड का सत्यापन प्रभावित होगा।
टूटा फर्नीचर, आई सीलन
परीक्षा विभाग के रिकॉर्ड रूम का हाल बदतर है। यहां का फर्नीचर टूटा हुआ है, अलमारी और रैक भी जर्जर हैं। ऐसे ही टूटे फर्नीचर पर बेतरतीब तरीके से रिकॉर्ड रखे जा रहे हैं। इससे चार्ट धूल फांक रहे हैं। कक्ष में सीलन से भी बुरा हाल है। जगह-जगह सीलन के कारण गोपनीय चार्ट भी खराब हो रहे हैं।
चार्ट में दर्ज हैं लाखों छात्रों के अंक
विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग के चार्ट रूम में चार्ट में स्नातक, परास्नातक, मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत अन्य विषयों से पढ़ाई करने वाले लाखों छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड हैं। ये मूल कापी हैं, इनके न होने से छात्र का शैक्षणिक रिकार्ड नहीं मिलेगा। इससे किसी की अंकतालिका-डिग्री खो जाने पर दोबारा नहीं बन पाएगी।
बचाने के लिए कर रहे इंतजाम
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि परीक्षा विभाग में सीलन-दीमक से चार्ट खराब होने की जानकारी पर निरीक्षण किया है। प्रभारी को इनके रखरखाव करने और दीमक-चूहों से बचाने के लिए इंतजाम करने को सख्त हिदायत दी है। नया फर्नीचर-रैक भी मंगवाए हैं। इनका डिजिटलाइजेशन भी करा रहे हैं।