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दूर नहीं हुई राशन की किल्ल्त, दुकानों पर लगा रहा ताला
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24एमएनपी-16-हिंदपुरम कॉलोनी में बंद राशन की दुकान
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। लगभग एक माह का समय बीतने के बाद भी जिले में राशन की किल्लत दूर नहीं हो सकी है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा। रविवार को राशन वितरण की अंतिम तिथि होने के बाद भी राशन की दुकानें बंद रहीं। राशन लेने के लिए पहुंचने वाले लोग नाउम्मीद होकर खाली हाथ ही लौट आए।
अप्रैल में अब तक दो बार राशन का वितरण किया गया है। प्रथम राशन वितरण दो अप्रैल से शुरू हुआ था। ये वह राशन था जो मार्च में विधानसभा चुनाव के चलते वितरित नहीं हो पाया था। इसी वितरण के साथ ही जिले में राशन की किल्लत शुरू हो गई थी। गोदामों पर राशन न होने के चलते पहले तो दुकानों पर देरी से राशन पहुंचा। वहीं, कम समय मिलने से वितरण भी पांच प्रतिशत कम हुआ था। अगर परिवारों के रूप में देखें तो 16 हजार से अधिक परिवार राशन से वंचित हो गए। वहीं, दूसरा सामान्य वितरण 20 अप्रैल तक होना था। राशन नहीं मिला तो शासन ने वितरण की तारीख बढ़ाकर 24 अप्रैल कर दी। लेकिन इसका भी कोई विशेष लाभ लोगों को नहीं मिला। राशन इस बार भी कम मिलने से कई जगह दुकानों पर वितरण ठप ही रहा। रविवार को ही देखें तो वितरण का अंतिम दिन था, लेकिन इसके बाद भी शहर से लेकर देहात तक राशन की दुकानें बंद रहीं। शहर में पड़ताल के दौरान हिंदपुरम, लेनगंज, अवधनगर समेत अन्य कई राशन की दुकानों पर ताला लटका हुआ मिला। इसका एक मात्र कारण राशन की उपलब्धता न होना था। भले ही शासन और प्रशासन की गलती के चलते राशन नहीं उपलब्ध हो सका पर खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
तृतीय राशन वितरण भी होना है संपन्न
अप्रैल में ही अभी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राशन वितरित किया जाना है। इसके साथ ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत मिलने वाले नमक, चना और रिफाइंड का भी वितरण उपभोक्ताओं को होना है। समय कम होने के साथ ही राशन की कमी इस वितरण में भी रोड़ा बनेगी। हालांकि अभी वितरण की तारीख शासन ने नहीं दी है।
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वर्जन
लगातार प्रयास है कि हर परिवार को राशन मिले। ब्लॉक गोदामों पर राशन की कमी के चलते इस बार परेशानी हुई है। इसे सुधारने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। उच्चाधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया गया है।
- क्यामुद्दीन अंसारी, जिला पूर्ति अधिकारी।
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अप्रैल में अब तक दो बार राशन का वितरण किया गया है। प्रथम राशन वितरण दो अप्रैल से शुरू हुआ था। ये वह राशन था जो मार्च में विधानसभा चुनाव के चलते वितरित नहीं हो पाया था। इसी वितरण के साथ ही जिले में राशन की किल्लत शुरू हो गई थी। गोदामों पर राशन न होने के चलते पहले तो दुकानों पर देरी से राशन पहुंचा। वहीं, कम समय मिलने से वितरण भी पांच प्रतिशत कम हुआ था। अगर परिवारों के रूप में देखें तो 16 हजार से अधिक परिवार राशन से वंचित हो गए। वहीं, दूसरा सामान्य वितरण 20 अप्रैल तक होना था। राशन नहीं मिला तो शासन ने वितरण की तारीख बढ़ाकर 24 अप्रैल कर दी। लेकिन इसका भी कोई विशेष लाभ लोगों को नहीं मिला। राशन इस बार भी कम मिलने से कई जगह दुकानों पर वितरण ठप ही रहा। रविवार को ही देखें तो वितरण का अंतिम दिन था, लेकिन इसके बाद भी शहर से लेकर देहात तक राशन की दुकानें बंद रहीं। शहर में पड़ताल के दौरान हिंदपुरम, लेनगंज, अवधनगर समेत अन्य कई राशन की दुकानों पर ताला लटका हुआ मिला। इसका एक मात्र कारण राशन की उपलब्धता न होना था। भले ही शासन और प्रशासन की गलती के चलते राशन नहीं उपलब्ध हो सका पर खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
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तृतीय राशन वितरण भी होना है संपन्न
अप्रैल में ही अभी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राशन वितरित किया जाना है। इसके साथ ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत मिलने वाले नमक, चना और रिफाइंड का भी वितरण उपभोक्ताओं को होना है। समय कम होने के साथ ही राशन की कमी इस वितरण में भी रोड़ा बनेगी। हालांकि अभी वितरण की तारीख शासन ने नहीं दी है।
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लगातार प्रयास है कि हर परिवार को राशन मिले। ब्लॉक गोदामों पर राशन की कमी के चलते इस बार परेशानी हुई है। इसे सुधारने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। उच्चाधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया गया है।
- क्यामुद्दीन अंसारी, जिला पूर्ति अधिकारी।