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1.36 लाख कार्ड धारकों को अक्तूबर से नहीं मिलेगा केरोसिन
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मैनपुरी। जिले के 1.36 लाख राशन कार्ड धारकों को अगले महीने से केरोसिन (मिट्टी का तेल) नहीं मिलेगा। राशन की मिठास तो पहले ही छिन चुकी है। इसके बाद अब केरोसिन वितरण के लिए नया नियम लागू कर दिया है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को केवल राशन के रूप में गेहूं और चावल ही मिलेगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जिले में अब तक कुल 3.02 लाख राशन कार्डधारक हैं। इन सभी को अब तक प्रत्येक राशन कार्ड पर दो लीटर केरोसिन मिलता है। लेकिन सरकार ने अब केरोसिन वितरण के लिए नई पात्रता लागू कर दी है। इस नियम के अनुसार केवल उन्हीं लोगों को केरोसिन दिया जाएगा, जिनके घर में गैस और बिजली का कनेक्शन नहीं होगा।
इसके लिए शासन ने पूर्ति विभाग से रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद पूर्ति विभाग ने चिह्नांकन कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है।
इसमें ग्रामीण क्षेत्र में 1.10 लाख परिवारों को और शहरी क्षेत्र में 26 हजार परिवारों के पास बिजली और गैस कनेक्शन होने की बात कही गई है। राशन में केवल उन्हें गेहूं और चावल ही दिया जाएगा।
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2.65 लाख लीटर केरोसिन का बोझ कम हो जाएगा
नया नियम लागू होने के बाद विभाग पर 2.65 लाख लीटर केरोसिन का बोझ कम हो जाएगा। वर्तमान में इसकी कीमत लगभग 92 लाख रुपये है।
पात्र गृहस्थी कार्ड पर भी आधा हुआ केरोसिन
अब तक प्रत्येक राशन कार्ड पर दो लीटर केरोसिन मिलता था, लेकिन सितंबर से पात्र गृहस्थी कार्ड पर केरोसिन की मात्रा घटाकर एक लीटर कर दी गई थी। जिले में 2.56 लाख पात्र गृहस्थी कार्ड हैं। ऐसे में पूर्ति विभाग पर 2.56 लाख लीटर केरोसिन घटने से बोझ आधा ही रह गया था।
एनआईसी से होगी फीडिंग
राशन वितरण के दौरान केरोसिन को लेकर गड़बड़ी न हो इसके लिए नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यहां से ही पूर्ति विभाग पूरा डाटा फीड करेगा। वितरण के दौरान ई-पॉस मशीन में पूरी जानकारी आएगी कि किस पात्र को कैरोसिन देना है और किसे नहीं। इससे राशन डीलरों को आसानी होगी।
शासन ने ऐसे कार्डधारकों की सूची मांगी थी, जिनके पास बिजली और गैस कनेक्शन दोनों हैं। इन्हें चिह्नित कर शासन को भेज दिया गया है। अगले माह से इन्हें केरोसिन मिलना बंद हो जाएगा।
-यूआर खान, जिला पूर्ति अधिकारी।
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जिले में अब तक कुल 3.02 लाख राशन कार्डधारक हैं। इन सभी को अब तक प्रत्येक राशन कार्ड पर दो लीटर केरोसिन मिलता है। लेकिन सरकार ने अब केरोसिन वितरण के लिए नई पात्रता लागू कर दी है। इस नियम के अनुसार केवल उन्हीं लोगों को केरोसिन दिया जाएगा, जिनके घर में गैस और बिजली का कनेक्शन नहीं होगा।
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इसके लिए शासन ने पूर्ति विभाग से रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद पूर्ति विभाग ने चिह्नांकन कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है।
इसमें ग्रामीण क्षेत्र में 1.10 लाख परिवारों को और शहरी क्षेत्र में 26 हजार परिवारों के पास बिजली और गैस कनेक्शन होने की बात कही गई है। राशन में केवल उन्हें गेहूं और चावल ही दिया जाएगा।
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2.65 लाख लीटर केरोसिन का बोझ कम हो जाएगा
नया नियम लागू होने के बाद विभाग पर 2.65 लाख लीटर केरोसिन का बोझ कम हो जाएगा। वर्तमान में इसकी कीमत लगभग 92 लाख रुपये है।
पात्र गृहस्थी कार्ड पर भी आधा हुआ केरोसिन
अब तक प्रत्येक राशन कार्ड पर दो लीटर केरोसिन मिलता था, लेकिन सितंबर से पात्र गृहस्थी कार्ड पर केरोसिन की मात्रा घटाकर एक लीटर कर दी गई थी। जिले में 2.56 लाख पात्र गृहस्थी कार्ड हैं। ऐसे में पूर्ति विभाग पर 2.56 लाख लीटर केरोसिन घटने से बोझ आधा ही रह गया था।
एनआईसी से होगी फीडिंग
राशन वितरण के दौरान केरोसिन को लेकर गड़बड़ी न हो इसके लिए नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यहां से ही पूर्ति विभाग पूरा डाटा फीड करेगा। वितरण के दौरान ई-पॉस मशीन में पूरी जानकारी आएगी कि किस पात्र को कैरोसिन देना है और किसे नहीं। इससे राशन डीलरों को आसानी होगी।
शासन ने ऐसे कार्डधारकों की सूची मांगी थी, जिनके पास बिजली और गैस कनेक्शन दोनों हैं। इन्हें चिह्नित कर शासन को भेज दिया गया है। अगले माह से इन्हें केरोसिन मिलना बंद हो जाएगा।
-यूआर खान, जिला पूर्ति अधिकारी।