{"_id":"5f6cdeb78ebc3eded77e9b6c","slug":"ramdhari-singh-dinkar-rastriya-kavi-ramdhari-singh-dinkar-rastriya-kavi-ramdhari-shingh-dinkar-kasganj-news-agr4607609183","type":"story","status":"publish","title_hn":"कवि रामधारी सिंह दिन का निर्झर साहित्य संस्था ने मनाया जन्म दिवस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कवि रामधारी सिंह दिन का निर्झर साहित्य संस्था ने मनाया जन्म दिवस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। निर्झर साहित्य संस्था के द्वारा कवि रामधारी सिंह दिनकर का जन्म दिवस पर ई-काव्य संध्या आयोजित की गई। इसमें कवित्रियों ने कविताओं के माध्यम से राम धारी दिनकर को याद किया।
संस्था संरक्षक डॉ. अखिलेशचंद्र गौड़ ने दीप प्रज्ज्वलित कर ई- काव्य संध्या का शुभारंभ किया। कवयित्री सपना दत्ता ने मां सरस्वती वंदना पढ़ी। राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर को याद किया गया। अलीगढ़ से पूनम शर्मा ने कविता पढ़ी कि मेरी सोच कबीर है, मन है झेन फकीर।
निर्झर के अध्यक्ष डॉ. राम प्रकाश पथिक, डॉ दौलतराम शर्मा, प्रमेश लता पांडेय श्लत ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम अध्यक्ष अखिलेश गौड ने पढ़ा कि थी एक धधकती चिंगारी, दिनकर सा सिंह रामधारी, आओ दिनकर को नमन करें। इस काव्य पाठ में डॉ. विमलेश अवस्थी, संचालक अखिलेश सक्सेना, सपना दत्ता, डॉ. प्रवीना दीक्षित, दीपक सक्सेना, सुषमा सिंह आदि ने भी कविता पाठ किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
संस्था संरक्षक डॉ. अखिलेशचंद्र गौड़ ने दीप प्रज्ज्वलित कर ई- काव्य संध्या का शुभारंभ किया। कवयित्री सपना दत्ता ने मां सरस्वती वंदना पढ़ी। राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर को याद किया गया। अलीगढ़ से पूनम शर्मा ने कविता पढ़ी कि मेरी सोच कबीर है, मन है झेन फकीर।
विज्ञापन
निर्झर के अध्यक्ष डॉ. राम प्रकाश पथिक, डॉ दौलतराम शर्मा, प्रमेश लता पांडेय श्लत ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम अध्यक्ष अखिलेश गौड ने पढ़ा कि थी एक धधकती चिंगारी, दिनकर सा सिंह रामधारी, आओ दिनकर को नमन करें। इस काव्य पाठ में डॉ. विमलेश अवस्थी, संचालक अखिलेश सक्सेना, सपना दत्ता, डॉ. प्रवीना दीक्षित, दीपक सक्सेना, सुषमा सिंह आदि ने भी कविता पाठ किया।
विज्ञापन