फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Raksha Bandhan 2025 Date Tithi Rakhi Bandhane Ka Shubh Muhurat Puja Vidhi Thali Samagari In Hindi

Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन कब है, जान लें सही तारीख...इस शुभ मुहूर्त में बांधे भाई की कलाई पर राखी

Wed, 06 Aug 2025 09:42 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 06 Aug 2025 09:42 AM IST
सार

 रक्षाबंधन बहन-भाई के प्रेम,स्नेह और दुलार का प्रतीक है। यह हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहार में से एक है। इस बार रक्षाबंधन 9 अगस्त दिन शनिवार को मनाया जा रहा है।

विज्ञापन
Raksha Bandhan 2025 Date Tithi Rakhi Bandhane Ka Shubh Muhurat Puja Vidhi Thali Samagari In Hindi
रक्षाबंधन - फोटो : iStock

विस्तार

भाई-बहन के अटूट रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन 9 अगस्त को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन सावन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहन भाई की दीर्घायु, सफलता और समृद्धि की कामना करते हुए कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं। ज्योतिषाचार्य डॉ. पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त प्रात: काल 6:46 से 9 बजे तक और इसके बाद सुबह 10:30 से दोपहर 1:25 बजे तक है।
विज्ञापन


रक्षाबंधन का पूजा विधि
- रक्षाबंधन के दिन सबसे पहले स्नान करके भगवान की पूजा-आराधना करें और अपने-अपने इष्टदेव को रक्षासूत्र बांधे।
- पूजा के बाद बहनें राखी की थाली सजाएं।
- पूजा की थाली में रोली, अक्षत,कुमकुम, रंग-बिरंगी राखी, दीपक और मिठाई रखें।
-  शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखते हुए बहनें भाईयों के माथे पर चंदन, रोली और अक्षत से तिलक लगाएं।
- इसके बाद भाई के दाएं हाथ की कलाई पर रक्षासूत्र बांधे और भाई को मिठाई खिलाएं।
- अंत में बहनें भाई की आरती करते हुए अपने इष्टदेव का स्मरण करते हुए भाई की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करें।

 

रक्षाबंधन से जुड़ी कथाएं
कृष्ण-द्रौपदी कथा

रक्षाबंधन को लेकर महाभारत में कृष्ण भगवान और द्रौपदी की बीच एक प्रसंग का वर्णन मिलता है। महाभारत के अनुसार एक बार भगवान कृष्ण की उंगली में चोट लग गई थी। तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी का हिस्सा फाड़कर भगवान श्रीकृष्म की उंगली पर बांधा था। तब भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को हमेशा रक्षा करने का वचन दिया था। तभी से हर वर्ष सावन पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

देवी लक्ष्मी और राजा बाली कथा
सावन पूर्णिमा के दिन देवी लक्ष्मी ने राजा बली की कलाई में रक्षा सूत्र बांधा था। इसके बाद राजा बली ने भगवान विष्णु को वापस बैकुंठ धाम भेजने का वचन दिया था। इसके अलावा इंद्र की पत्नी ने इंद्र को ही राखी बांधी थी और यम को उनकी बहन यमुना ने रक्षा सूत्र बांधी थी।
विज्ञापन

शहर में राखियों का बाजार गुलजार 
शहर में विभिन्न इलाकों में राखियों की दुकानें सज गई हैं। कमला नगर, बल्केश्वर, दयालबाग, खंदारी, बेलनगंज, राजामंडी बाजार आदि में रिटेल की दुकानों के अलावा रावतपाड़ा और लुहारगली में थोक विक्रेताओं के यहां राखी खरीदारों की भीड़ उमड़ रही हैं। कमला नगर में राखी विक्रेता सौरभ अग्रवाल ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन पर तीन हजार से अधिक राखी की वैरायटी मौजूद है। इसमें सबसे ज्यादा अमेरिकन डायमंड (एडी) डिजाइन वाली राखी की मांग है। इसके अलावा कुंदन, जर्किन, इविल आई और मोती की हस्त निर्मित राखियां भी उपलब्ध हैं। एडी राखी की कीमत 70 से 500 रुपये है, जबकि जर्किन जड़ी राखी 30 से 250 रुपये तक और कुंदर राखी 50 से 150 रुपये तक की कीमत में उपलब्ध है।
 

कई वैरायटी उपलब्ध हैं
राखी विक्रेता केके मित्तल ने बताया कि इस बार राखी में बच्चों के लिए कई वैरायटी है। डोरेमोन, स्पाइडर मैन, सुपरमैन, टाॅम एंड जेरी, छोटा भीम व अन्य प्रकार के कार्टून कैरेक्टर की राखियां बच्चों को लुभा रही हैं। इसके अलावा मोर पंख से तैयार राखी भी बहनें खूब पसंद कर रही हैं। ये सभी राखियां 100 रुपये तक की कीमत में उपलब्ध है। किनारी बाजार के सर्राफ श्याम बिहारी ने बताया कि हर बार रक्षाबंधन पर चांदी की राखी की अच्छी खासी मांग रहती है। विभिन्न डिजाइन में चांदी की राखियां उपलब्ध हैं। चार से 20 ग्राम वजनी राखी की कीमत 400 से दो हजार रुपये तक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed