फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   raining in mainpuri

आसमान से फिर बरसी आफत, कई क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि

Thu, 05 Mar 2020 11:43 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 05 Mar 2020 11:43 PM IST
विज्ञापन
raining in mainpuri
05एमएनपी-06-तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से गिरी सरसों की फसल - फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। बदलता मौसम किसानों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। लगातार हो रही बारिश से अब गेहूं की फसल पर खतरा मंडराने लगा है। अगर मौसम साफ न हुआ तो जल्द ही खेतों में गेहूं और सरसों खराब होना शुरू हो जाएगी। वहीं कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने के चलते अधिक नुकसान हुआ है।
विज्ञापन

मौसम विभाग ने चार मार्च से सात मार्च के दौरान तेज हवाओं के साथ बारिश की आशंका जताई थी। बुधवार शाम को अचानक मौसम बदला तो किसानों की चिंता बढ़ गई। हालांकि शाम को हल्की बूंदाबांदी के बाद ही बारिश थम गई लेकिन बृहस्पतिवार को एक बार फिर सुबह पांच बजे से ही मूसलाधार बारिश ने लोगों को परेशान कर दिया। जिले भर में दोपहर एक बजे तक रुक रुककर बारिश होती रही। सबसे अधिक बारिश दन्नाहार क्षेत्र और करहल क्षेत्र में हुई। करहल क्षेत्र में ओलावृष्टि होने के चलते सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। गांव नगला मदारी निवासी कपिल दुबे ने बताया कि उनके गांव में करीब आधे घंटे तक ओले पड़े। इससे खेतों में खड़ी सरसों की फसल टूट गई तो गेहूं को भी नुकसान हुआ है। वहीं अन्य क्षेत्रों में भी फसल खेतों में बिछ गई है। इससे गेहूं का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका और भी प्रबल हो गई है।
विज्ञापन

वहीं दन्नाहार क्षेत्र में अधिक बारिश होने के चलते खेतों में जलभराव हो गया है। आलू में जलभराव के चलते सबसे अधिक नुकसान होने की आशंका है। अगर आलू में तीन दिन तक पानी भरा रहा तो आलू सड़ना शुरू हो जाएगा। ऐसे में किसान परेशान हैं। वहीं आसमान में छाए बादलों से अभी बारिश का खतरा टला नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लागत निकालना भी होगा मुश्किल
फसलों में लगातार हो रहे नुकसान से किसान परेशान हैं। उनकी चिंता जायज है। दरअसल धान की पैदावार कम होने के चलते पहले ही किसान परेशान थे। अब बेमौसम बारिश ने गेहूं की अच्छी पैदावार की उम्मीद भी तोड़ दी है। अब अगर बारिश नहीं रुकी तो किसानों को फसल की लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा।
दोबारा होगा नुकसान का आकलन
29 फरवरी को तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ था। कृषि विभाग के आकलन के बाद करीब पांच से सात प्रतिशत नुकसान की बात कही गई थी। अब एक बार फिर बारिश के बाद कृषि विभाग नुकसान का आकलन करेगा। शुक्रवार तक पूरा आंकड़ा सामने आ जाएगा।

किसानों की बात
चाहे कोई भी मौसम हो किसान तो हर बार ही नुकसान उठाता है। लगातार हो रही बारिश से इस बार गेहूं की फसल में नुकसान होगा।
यादराम, दन्नाहार।
लाख कोशिशों के बाद भी किसानों को खेती में कुछ भी लाभ नहीं हो पा रहा है। चाहे कोई भी फसल केवल नुकसान ही होता है।
सत्यपाल, नगला छेड़ी
मौसम विभाग द्वारा बारिश की चेतावनी जारी कर दी जाती है। लेकिन इस चेतावनी से आखिर किसान क्या कर सकते हैं।
सतेंद्र सिंह, दन्नाहार।
सरकार को नुकसान का आकलन करना चाहिए। किसानों को उनकी भूमि के अनुसार मुआवजा दिलाना चाहिए।
श्रीकृष्ण, नगला आशा।
हाईलाइटर्स
-3.64 लाख हेक्टेयर है कुल कृषि योग्य भूमि
-3.25 लाख के करीब हैं जिले में किसान
-1.80 लाख हेक्टयेर है गेहूं का क्षेत्रफल
-05 हजार हेक्टेयर है सरसों का क्षेत्रफल
बारिश से लगातार फसलों में नुकसान हो रहा है। इसे रोक पाना संभव नहीं है लेकिन किसान बारिश के बाद भीगी सरसों की फसल को सुखाने का प्रयास करें। आलू और गेहूं की फसल में भरे पानी निकाल दें।
डॉ. गगनदीप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed