आगरा: मुख्यमंत्री के मार्ग पर नगर निगम का अमला, बाकी शहर के जलभराव से जूझते रहे लोग
टेढ़ी बगिया, मदिया कटरा, सेंट जोंस, बल्केश्वर, दयालबाग, पश्चिमपुरी में जलभराव
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को शहर में थे। शाम को उनके लखनऊ जाने से पहले ही बारिश शुरू हो गई। नगर निगम के आला अफसर 13 किलोमीटर के रूट पर कदम-कदम पर जलभराव से निपटने के इंतजाम में जुटे रहे।
खेरिया मोड़, अर्जुन नगर, फतेहाबाद रोड पर 10 पंपसेट, सुपरसकर मशीन और सक्शन मोटरें लगाकर पानी निकाला गया, ताकि मुख्यमंत्री का काफिला जलभराव में फंस न जाए। पूरे अमले के जुटने से सीएम का काफिला तो आसानी से निकल गया, लेकिन बाकी शहर में लोग देर रात तक जलभराव से जूझते रहे।
टेढ़ी बगिया, मदिया कटरा, कैलाशपुरी, आवास विकास, सेंट जोंस, बल्केश्वर, दयालबाग, पश्चिमपुरी, ट्रांसयमुना कॉलोनी, रामबाग, एत्माद्दौला क्षेत्र में दो से चार फुट तक सड़कों से लेकर गलियों तक में पानी भरा रहा।
एक इंच भी पानी न भरे, झाड़ू लेकर बैठाए सफाईकर्मी
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल फतेहाबाद रोड स्थित एसएनजे गोल्ड कन्वेंशन सेंटर से लेकर खेरिया हवाई अड्डे के गेट तक जलभराव से निपटने के लिए नगर निगम ने कदम कदम पर सफाई कर्मचारी लगा दिए। पंपसेट और सुपरसकर मशीन से पानी निकालने के बाद जो पानी बच गया, उसे झाड़ू लेकर सफाईकर्मियों से निकलवाया गया। नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे समेत सभी आला अधिकारी पूरे रूट पर जलभराव न हो, इसलिए अलग-अलग जगह तैनात रहे।
टेढ़ी बगिया पर गलियों में तीन से चार फुट तक पानी
वार्ड 28 नाई की सराय के टेढ़ी बगिया, जलेसर रोड, कालिंदी विहार 100 फीट रोड पर नाले के ढहने के बाद बारिश का पानी क्षेत्र से निकल नहीं पाया। यहां गलियों में तीन से 4 फीट तक पानी भर गया। लोगों के घरों में अंदर एक फीट तक पानी भरा रहा, जो देर रात तक निकल नहीं पाया। बीते पखवाड़े बारिश के दौरान नाला ढह जाने के बाद मलबा भी वहीं भरा रहा, जिससे पानी निकल नहीं पाया।
नगर निगम के अधिकारियों ने जलभराव निकासी के लिए न तो पंप लगाया और न ही नाले से मलबा हटाया। क्षेत्रीय पार्षद मिथिलेश देवी ने बताया कि कृष्णा बाग, स्वरूप नगर, जगजीवन नगर, लक्ष्मीपुरम, विकास नगर, पार्वती विहार, पवन विहार, जगदंबा रोड पर सभी जगह जलभराव हुआ।
मदिया कटरा रोड पर जलभराव में फंसे निगम के जेडएसओ
वीआईपी रूट को छोड़कर पूरे शहर में लोग तो जलभराव से जूझे ही, नगर निगम के अफसरों को भी इससे जूझना पड़ा। मुख्यमंत्री के लौटने के बाद नगर निगम के जेडएसओ जब मदिया कटरा रोड से कैलाशपुरी की ओर आ रहे थे तो मानसिक आरोग्य संस्थान के पास उनकी कार जलभराव में फंस गई। इस रोड पर हलवाई की बगीची, कैलाशपुरी रोड तक एक से दो फीट तक पानी भरा हुआ था, जो डिवाइडर के ऊपर तक आ गया। नालों के चोक होने के कारण हुए जलभराव में जब जेडएसओ इंद्रजीत सिंह फंसे तो पीछे से आ रहे नगर निगम के एक अन्य अधिकारी ने उन्हें अपनी कार में बैठाया। देर रात उनकी कार को क्रेन से हटवाया गया।
रविवार शाम की बारिश में कम्मू टोला, फव्वारा की गलियों में पानी भर गया, जो लोगों के ड्राइंग रूम, किचन, बेडरूम तक पहुंच गया। कम्मू टोला की गलियों में दो फीट तक पानी भर गया। क्षेत्रीय निवासी आशीष शर्मा ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत के बाद सुपरवाइजर मौके पर देखने आए, लेकिन निदान के उपाय नहीं कर गए। केवल यह कहकर चले गए कि धर्मस्थल द्वारा नाले के ऊपर निर्माण के कारण सफाई नहीं हो पाई। जब तक वहां सफाई नहीं होगी, तब तक कम्मू टोला में पानी भरा रहेगा।
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