अंधेरगर्दी: ताजमहल के पास पीडब्ल्यूडी ने रात में बनाई सड़क, सुबह उखड़ गई, कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप
विकास कार्यों में किस तरह अंदरगर्दी होती है, इसकी बानगी ताजमहल के पास बुढ़ानी गांव में देखने को मिली। यहां रात को जिस सड़क का निर्माण कराया, सुबह उसकी गिट्टियां उखड़ गईं।
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आगरा में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की 3.50 लाख रुपये लागत से बनी सड़क 24 घंटे भी नहीं चल सकी। ताजमहल के पीछे बुढ़ाना गांव में रात में सड़क बनाई, सुबह गिट्टियां उखड़ गईं। सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने काम रुकवा दिया है।
बरौली अहीर ब्लॉक के बुढ़ाना गांव में कलाल खेड़ियां तक छह किमी सड़क नवीनीकरण हो रहा है। करीब 21 लाख रुपये लागत आएगी। प्रीमिक्स कारपेट (पीएमसी) तकनीक से 14 नवंबर की रात में करीब 3.50 लाख रुपये लागत से एक किमी सड़क सरोज कंस्ट्रक्शन ने बनाई। सुबह ग्रामीणों ने नई सड़क देखी तो हैरान रह गए। सड़क में डामर नहीं था।
पैरों की ठोकरों से उखड़ीं गिट्टियां
पैरों की ठोकरों से गिट्टियां उखड़ने लगीं। घटिया गुणवत्ता से आक्रोशित ग्रामीणों ने काम रुकवा दिया है। ग्रामीण अजय कुमार ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की मिलीभगत से ग्रामीण सड़कों के नवीनीकरण में इसी तरह लीपापोती की जा रही है। जनता के पैसे का बंदरबांट किया जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी अवर अभियंता संतोष यादव का कहना है कि सड़क निर्माण में 20 एमएम की परत बिछाई गई है। रात में ठंडी डामर मिलाने से सड़क उखड़ गई होगी। नया ठेकेदार है। वहीं, निर्माण खंड-2 के अधिशासी अभियंता जेपी सिंह का कहना है कि सड़क की जांच कराई जाएगी। खराब सड़क को दोबारा बनाया जाएगा। लापरवाही पर जवाब-तलब करेंगे।
'28 रुपये किलो डामर का भाव'
पीडब्ल्यूडी के पूर्व सहायक अभियंता आरपी सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण में डामर की गुणवत्ता से खिलवाड़ यूं हीं नहीं हो रहा। डामर का भाव 28 रुपये किलो है। एक हजार किलो का ड्रम 28 हजार रुपये का आ रहा है। मानक के मुताबिक एक किमी सड़क में दो से तीन ड्रम डामर इस्तेमाल होनी चाहिए। मुनाफाखोरी के लिए डामर में भी मिलावट शुरू हो गई है।