नशे का कारोबार: पंजाब पुलिस को आगरा के दो और मथुरा के एक हॉकर की तलाश
- फर्जी बिल बनाकर ले जाते थे नशे की दवाएं, पंजाब पुलिस की जांच में हुआ खुलासा,
- दो दिन की पूछताछ के बाद लौटी टीम, आगरा गैंग के अभी तक तीन सदस्यों की हो चुकी है गिरफ्तारी
विस्तार
आगरा मंडल में नशे की दवाओं के काले कारोबार में पंजाब पुलिस को तीन हॉकरों की तलाश है। इनमें से दो कमला नगर और एक मथुरा का है। दूसरे राज्यों में ये हॉकर तय कमीशन पर नशे की दवाएं पहुंचाते थे। दवाओं के बिल के लिए फर्जी फर्म बनाते थे।
इनसे एक-दो साल काला कारोबार करते फिर बंद कर देते। पंजाब पुलिस की जांच में यह जानकारी मिली है। पंजाब पुलिस की टीम दो दिन जांच के बाद मंगलवार को लौट गई है। मामले में अभी तक आगरा से तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पंजाब पुलिस आगरा गैंग के सरगना कमला नगर निवासी जितेंद्र अरोडा उर्फ विक्की और उसके भाई कपिल अरोड़ा, हॉकर नूरी दरवाजा निवासी गौरव को गिरफ्तार कर चुकी है। अभी तीन और हॉकरों की तलाश है। इसमें दो कमला नगर और एक मथुरा का बताया गया है।
जय हनुमान फार्मा से दवाओं की सप्लाई की गई थी, जांच में यह फर्म फर्जी मिली है। यह बीते साल जुलाई में फर्म बनी और गैंग पकड़े जाने के बाद से गोदाम खाली कर दवा माफिया फरार हो गया। इस गैंग के हॉकर 11 राज्यों के 50 से अधिक जिलों में इसी फर्म के नाम से सप्लाई करते थे।
दो दिन की पूछताछ के बाद पंजाब पुलिस चली गई है। हींग की मंडी चौकी प्रभारी राजकुमार ने बताया कि पंजाब पुलिस की पूछताछ में बताया कि फर्जी फर्म और आगरा गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
गोदाम में बंद 15 करोड़ की दवाओं के नहीं मिले बिल
विक्की अरोड़ा के कमला नगर में दो गोदाम मिले थे, जिसमें एक बिना लाइसेंस के चल रहा था। इसमें करीब 12 करोड़ की दवाएं हैं, दूसरे गोदाम में करीब तीन करोड़ की दवाएं हैं। इसमें से नशे की दवाओं को पंजाब पुलिस जब्त कर अपने साथ ले गई थी।
अभी तक की जांच में इन सभी दवाओं के खरीद-बिक्री के बिल नहीं मिले हैं। ऐसे में अभी यह गोदाम सील हैं। इन गोदामों से लिए गए नमूनों की जांच भी अभी आना बाकी है।