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Agra News: जनप्रतिनिधियों ने पुलिस पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

Sat, 27 Dec 2025 02:42 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 27 Dec 2025 02:42 AM IST
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Public representatives accuse the police of corruption
समन्वय बैठक के मिनट्स का वायरल स्क्रीनशॉट
आगरा। जिले के जनप्रतिनिधियों ने कमिश्नरी पुलिस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। हाल ही में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई समन्वय बैठक के दौरान कई एमएलसी-एमएलए ने पुलिस के भ्रष्ट आचरण पर सवाल उठाए थे। एक विधायक ने शांतिभंग की धारा में जेल भेजने के नाम पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप भी लगाए। बैठक में उठे मुद्दों और सुझावों के बिंदुओं को सीएम कार्यालय भेजा गया था। अब यही सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
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दरअसल, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने प्रभारी मंत्री के तौर पर पिछले महीने प्रशासनिक अफसरों और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक की थी। इस बैठक के दौरान जो विषय सामने आए, उनके मिनट बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय भेजे गए थे। अब यही मिनट्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इससे पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
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मिनट्स के अनुसार एमएलसी शिवहरे ने नए बैच के दरोगाओं को चौकी इंचार्ज न बनाने की ही मांग कर डाली। उनका निशाना 2023 बैच के दरोगाओं पर था। भाजपा के विधायक खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि आगरा पुलिस शांतिभंग की धारा में जेल भेजने के नाम पर अवैध वसूली कर रही है।
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वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया ने भाजपा के मंडल अध्यक्ष से मारपीट के आरोपी थाना प्रभारी को हटाने के नाम पर डीसीपी के दूसरे थाने का चार्ज देने का मुद्दा भी उठाया था। इन गंभीर आरोपों को बैठक के दौरान तो आला अफसरों ने टाल दिया, लेकिन अब यह चर्चा का विषय बन गया है। दरोगाओं से लेकर अफसरों तक के व्हाट्सएप ग्रुपों में यह मिनट वायरल हो रहे हैं।

प्रक्रिया के तहत होती है तैनाती

पुलिस अपना काम कानून के अनुसार करती है। अगर किसी मामले में गलत कार्रवाई के आरोप हैं तो लोग शिकायत कर सकते हैं। इस पर जांच कराई जाएगी। साक्ष्य मिलने पर दोषी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की जाएगी। चाैकी-थाने का प्रभार देने में भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है। पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। - राम बदन सिंह, अपर पुलिस आयुक्त

प्रभावित होती है सरकार की छवि
पुलिसकर्मियों को पर्याप्त ट्रेनिंग और अनुभव के बाद ही चौकी इंचार्ज की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। ऐसा न होने पर उनके गलत कार्यों से सरकार की छवि प्रभावित होती है। मैंने समन्वय बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया था।

विजय शिवहरे, एमएलसी, भाजपा

पुलिसिंग पर पड़ता है प्रतिकूल प्रभाव
पुलिस के आला अधिकारियों को मातहतों पर आंख बंद करके विश्वास नहीं करना चाहिए। कई बार वो गलत रिपोर्ट दे देते हैं। ऐसा होने से पुलिसिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। - पुरुषोत्तम खंडलेवाल, विधायक, भाजपा
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