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जमीन से हटाए जाने के बाद धरने पर बैठा परिवार
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जेल तिराहे पर धरने पर बैठा एक परिवार
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। जेल अधीक्षक के आवास के पास एक जमीन पर कई वर्षों से रह रहे एक परिवार को परिसर की सीमा चिन्हांकन के बाद हटा दिया गया। इसके बाद परिवार वहीं पर धरना पर बैठ गया। आरोप लगाया कि बिना कोई पूर्व नोटिस व जानकारी परिवार को निकाल कर बाहर किया गया। यह जमीन उनके पास पट्टे पर थी। जेल अधीक्षक का कहना है कि राजस्व की टीम द्वारा चिन्हांकन के बाद कार्य कराया जा रहा है।
जेल चौराहा के पास जेल अधीक्षक आवास के पास ग्राम समाज की आबादी वाली जमीन पर राजबहादुर कई वर्षों से परिवार के साथ रहते आ रहे हैं। सोमवार की रात जेल प्रशासन की ओर से परिसर का निर्माण कार्य शुरू कराया गया। अतिक्रमण बताते हुए इस परिवार को सीमा में पड़ने वाली जगह से हटा दिया गया। जगह से हटाए जाने के बाद परिवार अब धरना पर बैठ गया है।
राजबहादुर का कहना है कि करीब 35 वर्ष पूर्व उन्हें प्रधान द्वारा उक्त जगह का पट्टा दिया गया था। अब इस जगह को जेल की बाउंड्रीबाल के अंदर किया जा रहा है। उन्हें न तो इस संबंध मे कोई नोटिस दिया गया न हीं कोई अन्य सूचना दी गई। वह परिवार के साथ जब तक धरना पर बैठे रहेंगे। जब तक की उन्हें न्याय नहीं मिलता।
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इस मामले को लेकर जेल अधीक्षक का कहना है कि राजस्व विभाग की टीम द्वारा जेल परिसर की जगह की पैमाइश के आधार पर ही कार्य कराया जा रहा है। वह लोग अतिक्रमण कर रह रहे थे। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह पूर्ण रूप से निराधार हैं।
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जेल चौराहा के पास जेल अधीक्षक आवास के पास ग्राम समाज की आबादी वाली जमीन पर राजबहादुर कई वर्षों से परिवार के साथ रहते आ रहे हैं। सोमवार की रात जेल प्रशासन की ओर से परिसर का निर्माण कार्य शुरू कराया गया। अतिक्रमण बताते हुए इस परिवार को सीमा में पड़ने वाली जगह से हटा दिया गया। जगह से हटाए जाने के बाद परिवार अब धरना पर बैठ गया है।
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राजबहादुर का कहना है कि करीब 35 वर्ष पूर्व उन्हें प्रधान द्वारा उक्त जगह का पट्टा दिया गया था। अब इस जगह को जेल की बाउंड्रीबाल के अंदर किया जा रहा है। उन्हें न तो इस संबंध मे कोई नोटिस दिया गया न हीं कोई अन्य सूचना दी गई। वह परिवार के साथ जब तक धरना पर बैठे रहेंगे। जब तक की उन्हें न्याय नहीं मिलता।
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इस मामले को लेकर जेल अधीक्षक का कहना है कि राजस्व विभाग की टीम द्वारा जेल परिसर की जगह की पैमाइश के आधार पर ही कार्य कराया जा रहा है। वह लोग अतिक्रमण कर रह रहे थे। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह पूर्ण रूप से निराधार हैं।