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ताजमहल के पास हवेलियों का संरक्षण करेगा पुरातत्व विभाग, बनाई गई ये योजना
Sun, 09 Feb 2020 03:38 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 09 Feb 2020 03:38 PM IST
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ताजमहल पूर्वी गेट पर दशहरा घाट से सटी हवेली
- फोटो : अमर उजाला
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ताज के पास यमुना नदी के रिवर फ्रंट गार्डन की मुख्य हवेलियों का संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) करेगी। सुप्रीम कोर्ट में ताज मामलों के याचिकाकर्ता एमसी मेहता की एएसआई अधिकारियों के साथ हुई बैठक में नक्शा दिखाकर मेहता को संरक्षण की जानकारी दी गई। एएसआई ने ताजमहल के कांप्रहेंसिव साइट प्लान के रूप में आगा खां हवेली, ताज टैनरी और हाथीखाना के संरक्षण की योजना बनाई है।
ताजमहल पूर्वी गेट पर दशहरा घाट से सटी हवेली आगा खां और ताज टैनरी यानी हवेली खान ए दौर्रान और हाथी खाना को एएसआई ने एक साल पहले ही संरक्षित करने की कवायद की है। एएसआई प्री-नोटिफिकेशन जारी कर चुका है और हवेली आगा खां और हाथीखाना के संरक्षण की अंतिम अधिसूचना भी जारी हो चुकी है।
एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि हवेलियों के यमुना किनारे पर अवशेष रहे हैं। हवेलियों और हाथीखाना को संरक्षित किया गया है। तीनों स्मारकों के संरक्षण की कार्य योजना तैयार है। पुरावशेषों के संरक्षण का काम जल्द शुरू किया जाएगा।
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ताजमहल पूर्वी गेट पर दशहरा घाट से सटी हवेली आगा खां और ताज टैनरी यानी हवेली खान ए दौर्रान और हाथी खाना को एएसआई ने एक साल पहले ही संरक्षित करने की कवायद की है। एएसआई प्री-नोटिफिकेशन जारी कर चुका है और हवेली आगा खां और हाथीखाना के संरक्षण की अंतिम अधिसूचना भी जारी हो चुकी है।
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एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि हवेलियों के यमुना किनारे पर अवशेष रहे हैं। हवेलियों और हाथीखाना को संरक्षित किया गया है। तीनों स्मारकों के संरक्षण की कार्य योजना तैयार है। पुरावशेषों के संरक्षण का काम जल्द शुरू किया जाएगा।
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