{"_id":"69010a628eaaab9b2908af86","slug":"professor-suspended-for-allegedly-misbehaving-with-research-student-2025-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"शोध छात्रा से घिनाैना काम: एक्शन में कुलपति...आरोपी प्रोफेसर पर शिकंजा, प्रारंभिक जांच के बाद निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शोध छात्रा से घिनाैना काम: एक्शन में कुलपति...आरोपी प्रोफेसर पर शिकंजा, प्रारंभिक जांच के बाद निलंबित
Tue, 28 Oct 2025 11:55 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 28 Oct 2025 11:55 PM IST
सार
प्रोफेसर पर आरोप है कि शादी का झांसा देकर शोध छात्रा का शारीरिक शोषण किया। मामले में पुलिस में भी मुकदमा दर्ज कराया है। अब विश्वविद्यालय की ओर से मामले में कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
आगरा विश्वविद्यालय।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर पर शोध छात्रा की ओर से लगाए गए शारीरिक शोषण के गंभीर आरोपों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कुलपति प्रो. आशु रानी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी प्रोफेसर जेसवार गौतम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निर्णय विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।
समिति ने अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपते हुए प्रकरण की गंभीरता और नैतिक आचरण से जुड़े पहलुओं पर तत्काल कार्रवाई की सिफारिश की थी। इस पर कुलपति ने तत्काल प्रभाव से एक्शन लेते हुए प्रोफेसर को निलंबित करने के निर्देश दिए। कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि विश्वविद्यालय में किसी भी स्तर पर लैंगिक उत्पीड़न या नैतिक आचरण के उल्लंघन को सहन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपी प्रोफेसर के विरुद्ध विस्तृत जांच आईसीसी की ओर से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम के अनुरूप की जा रही है।
विज्ञापन
पीड़ित शोध छात्रा ने थाना न्यू आगरा में तहरीर देकर प्रोफेसर पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण, मानसिक उत्पीड़न करने और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। छात्रा ने पुलिस को चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। सूत्रों के अनुसार आंतरिक कमेटी ने भी छात्रा से वार्ता कर सभी साक्ष्य और तथ्य के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
विज्ञापन
समिति ने अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपते हुए प्रकरण की गंभीरता और नैतिक आचरण से जुड़े पहलुओं पर तत्काल कार्रवाई की सिफारिश की थी। इस पर कुलपति ने तत्काल प्रभाव से एक्शन लेते हुए प्रोफेसर को निलंबित करने के निर्देश दिए। कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि विश्वविद्यालय में किसी भी स्तर पर लैंगिक उत्पीड़न या नैतिक आचरण के उल्लंघन को सहन नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपी प्रोफेसर के विरुद्ध विस्तृत जांच आईसीसी की ओर से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम के अनुरूप की जा रही है।
विज्ञापन
पीड़ित शोध छात्रा ने थाना न्यू आगरा में तहरीर देकर प्रोफेसर पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण, मानसिक उत्पीड़न करने और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। छात्रा ने पुलिस को चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। सूत्रों के अनुसार आंतरिक कमेटी ने भी छात्रा से वार्ता कर सभी साक्ष्य और तथ्य के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत की है।