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आगरा: निजी अस्पताल में प्रसूता की जिंदगी से हुआ खिलवाड़, नवजात की मौत के बाद मां की हालत गंभीर
Sun, 19 Sep 2021 05:14 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 19 Sep 2021 05:14 PM IST
सार
निजी अस्पताल पर महिला की बच्चेदानी निकालने का आरोप लगा है। उसके पति का आरोप है कि ऑपरेशन से प्रसव हुआ, लेकिन नवजात की मौत हो गई। इसके बाद चिकित्सकों ने बिना बताए पत्नी की बच्चेदानी भी निकाल दी। जब उसकी हालत बिगड़ी तो इसका पता चला।
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एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती महिला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा जिले के एक निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगे हैं। निजी अस्पताल में एक प्रसूता का ऑपरेशन से प्रसव कराया गया। प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल के चिकित्सकों ने प्रसूता के परिजनों को सूचना दिए बिना ही उसकी बच्चेदानी को निकाल दिया।
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अधिक खून बहने पर स्टाफ ने प्रसूता को दूसरे अस्पताल में भर्ती करा दिया। इसके बाद फरार हो गया। वहां भी हालत नहीं सुधरी तो महिला को पति उसे गंभीर हालत में लेकर रविवार को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। मामले की जानकारी होने पर सीएमओ ने जांच कराने की बात कही है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज में पत्नी को लेकर पहुंचे बाह क्षेत्र के बढ़हेरा गांव निवासी रामलाल प्रजापति ने बताया कि गर्भवती पत्नी रजनी को गांव की आशा सीमा प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल में न ले जाकर बाह के मां वैष्णवी हॉस्पिटल में छह सितंबर को भर्ती करा दिया।
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आशा ने पांच हजार रुपये लिए
आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने ऑपरेशन से प्रसव का खर्च 70 हजार रुपये बताया, 20 हजार जमा करा लिए। पांच हजार आशा ने लिए। यहां ऑपरेशन कर दिया। प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई और बिना बताए पत्नी की बच्चेदानी भी निकाल दी, किसने ऑपरेशन किया ये भी नहीं बताया।
रामलाल प्रजापति ने बताया कि अधिक खून बहने पर मां वैष्णवी हॉस्पिटल के स्टाफ ने आगरा के शहीद नगर स्थित आरएम हॉस्पिटल में पत्नी को भर्ती करा दिया। इसके बाद स्टाफ भाग गया। यहां चार-पांच दिन रहने के बाद भी पत्नी की हालत नहीं सुधरी। 56 हजार रुपये इलाज में खर्च हो गए।
रामलाल प्रजापति ने हालत न सुधरने पर पत्नी को फतेहाबाद रोड शांति मांगलिक हॉस्पिटल में भर्ती कराया। यहां 69 हजार रुपये खर्च के बाद भी कोई सुधार न होने पर एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। यहां हालत गंभीर बनी हुई है। इस मामले में सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि टीम भेजकर अस्प्ताल की जांच कराता हूं।
आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने ऑपरेशन से प्रसव का खर्च 70 हजार रुपये बताया, 20 हजार जमा करा लिए। पांच हजार आशा ने लिए। यहां ऑपरेशन कर दिया। प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई और बिना बताए पत्नी की बच्चेदानी भी निकाल दी, किसने ऑपरेशन किया ये भी नहीं बताया।
रामलाल प्रजापति ने बताया कि अधिक खून बहने पर मां वैष्णवी हॉस्पिटल के स्टाफ ने आगरा के शहीद नगर स्थित आरएम हॉस्पिटल में पत्नी को भर्ती करा दिया। इसके बाद स्टाफ भाग गया। यहां चार-पांच दिन रहने के बाद भी पत्नी की हालत नहीं सुधरी। 56 हजार रुपये इलाज में खर्च हो गए।
रामलाल प्रजापति ने हालत न सुधरने पर पत्नी को फतेहाबाद रोड शांति मांगलिक हॉस्पिटल में भर्ती कराया। यहां 69 हजार रुपये खर्च के बाद भी कोई सुधार न होने पर एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। यहां हालत गंभीर बनी हुई है। इस मामले में सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि टीम भेजकर अस्प्ताल की जांच कराता हूं।