कोरोना मरीजों से मनमानी वसूली: जांच में आगरा के दो कोविड अस्पताल पास, एक फेल
आगरा में निजी कोविड अस्पताल संक्रमित मरीजों के इलाज का मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। जिलाधिकारी ने शनिवार को गोपनीय टीम भेजकर जांच कराई तो यह बात सामने आई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
निजी कोविड अस्पतालों में कोरोना मरीजों से मनमानी वसूली का खेल जारी है। अस्पतालों के बाहर सरकारी की ओर से तय दर के हिसाब से शुल्क सूची चस्पा है, लेकिन भर्ती मरीजों से लाखों रुपये इलाज खर्च वसूला जा रहा है। शनिवार को जिलाधिकारी ने तीन अस्पतालों में गोपनीय टीम भेजकर जांच कराई। दो अस्पताल में मरीजों ने इलाज का खर्च तय दर के हिसाब से ही बताया, जबकि एक अस्पताल में अधिक बिल वसूलने की शिकायत की गई।
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री के आदेशों के अनुपालन में समीक्षा बैठक की। जिसके बाद एसीएमओ डॉ. वीरेन्द्र भारती के नेतृत्व में एक टीम को तीन अस्पतालों में भेजा गया।
सीएमओ डॉ. आरसी पाण्डेय ने बताया कि शाहदरा स्थित एपेक्स हॉस्पिटल और श्री कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों से पूछताछ में पता चला कि सरकार की ओर से तय दर के हिसाब से ही इलाज खर्च लिया जा रहा है। शास्त्रीपुरम मोड़ स्थित कारगिल पेट्रोल पंप के पास आयुष्मान हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों ने अधिक बिल वसूलने के आरोप लगाए हैं। मरीजों से लिखित शिकायत, बिल व अन्य साक्ष्य मांगे हैं। जांच के बाद अस्पताल के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
वापस कराएंगे मरीजों को पैसा
आईएमए आगरा के अध्यक्ष राजीव उपाध्याय ने कहा कि हमने आईएमए की सेल बनाई है। जहां अधिक इलाज खर्च वसूली की बात सामने आएगी, वहां मरीजों का पैसा अस्पतालों से वापस कराया जाएगा। पांच सदस्यीय कमेटी बिलों की जांच करेगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी पाण्डेय ने कहा कि कोई भी कोविड अस्पताल निर्धारित दर से अधिक पैसा मरीजों से नहीं लेगा। अगर किसी मरीज से कोई अस्पताल इलाज में खर्च का अधिक पैसा लेता है तो उसकी लिखित शिकायत मेरे कार्यालय में दर्ज कराएं। ऐसे अस्पतालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। महामारी एक्ट में इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
इलाज की कीमतों पर आईएमए में रार शुरू
कोविड अस्पतालों में आइसोलेशन बेड के आठ हजार, आईसीयू के 12 हजार और वेंटीलेटर के 18 हजार रुपये प्रतिदिन इलाज के खर्च पर आईएमए में रार शुरू हो गई है। आईएमए अध्यक्ष राजीव उपाध्याय ने आइसोलेशन बेड खर्च 12 हजार, आईसीयू 20 और वेंटीलेटर के 30 हजार रुपये तय करने की मांग की है।
वहीं आईएमए यूपी के पूर्व अध्यक्ष हरेन्द्र गुप्ता ने कीमत बढ़ाने पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अस्पतालों के लिए मरीजों का हित सर्वोपरि है न कि कमाई करना। आईएमए के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. ओपी यादव ने कहा है कि कीमत बढ़ने से गरीब मरीजों पर बोझ पढ़ेगा। कीमतें बढ़ाना न्यायोचित नहीं है।