फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Private ambulance not removed from SN's emergency gate because this is a fight for commission

Agra:  एसएन के इमरजेंसी गेट से नहीं हटी निजी एंबुलेंस, क्योंकि ये लड़ाई है कमीशन की...

Sun, 06 Oct 2024 09:24 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 06 Oct 2024 09:24 AM IST
सार

एसएन कॉलेज के बाहर मरीजों को लेकर जाने के लिए आए दिन झगड़ा होता है, इसके बाद भी निजी एंबुलेंस यहां से नहीं हटाई गई हैं। हालांकि प्राचार्य का कहना है कि पुलिस को निजी एंबुलेंस हटाने के लिए पत्र लिखा गया है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। 
 

विज्ञापन
Private ambulance not removed from SN's emergency gate because this is a fight for commission
एसएन मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के गेट पर निजी एंबुलेंस का जमावड़ा रहता है। मरीजों के एवज में मिलने वाले कमीशन के चलते आए दिन झगड़ा भी हो रहा है। इसके बावजूद इनको इमरजेंसी के गेट से हटाया नहीं जा रहा है।
विज्ञापन


बीते साल दिसंबर में इमरजेंसी में भर्ती कराने के बजाय कमीशन के लिए नवजात को ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। नवजात की मौत के बाद परिजन की शिकायत पर जांच भी हुई। इस पर इमरजेंसी के बाहर निजी एंबुलेंस के खड़े होने पर पाबंदी लगा दी गई थी। इसके लिए बोर्ड भी लगा दिया। इसके बाद भी ये धड़ल्ले से खड़ी हो रही हैं। पोस्टमार्टम हाउस पर निजी एंबुलेंस खड़ी रहती हैं। कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि इमरजेंसी के गेट पर निजी एंबुलेंस हटवाने के लिए थाना प्रभारी को पत्र लिख चुके हैं, फिर भी इनको नहीं हटा रहे हैं।
विज्ञापन




एंबुलेंस चालक-तीमारदार विवाद में मरीज की मौत पर मांगी रिपोर्ट
इमरजेंसी में एंबुलेंस चालक और तीमारदार के झगड़े और मरीज की मौत के मामले में इमरजेंसी प्रभारी से रिपोर्ट मांगी गई है। सादाबाद के हरीशंकर ने 70 वर्षाीय मां को इमरजेंसी में भर्ती कराया था। सीटी स्कैन के लिए एंबुलेंस में शिफ्ट कर दिया। स्टाफ ने कहा कि चिकित्सक जांच के लिए कहेंगे, तभी लेकर जाएंगे, इस पर विवाद हो गया। इन्होंने स्टाफ पर मारपीट करने का आरोप लगाया। बाद में एसएन स्थित रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर में सीटी स्कैन कराया गया, इमरजेंसी लाते वक्त मरीज की मौत हो गई। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed