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पृथ्वीराज चौहान की शोभायात्रा प्रशासन ने रोकी
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कासगंज। क्षत्रिय समाज के लोगों के द्वारा पृथ्वीराज चौहान की शोभायात्रा शुक्रवार को निकाली जा रही थी। पुलिस प्रशासन ने इस शोभायात्रा को रोक दिया। आयोजकों को नोटिस भी जारी किया गया। शोभायात्रा रोके जाने को लेकर आयोजकों ने आक्रोश जताया।
शोभायात्रा का आयोजन किसरौली गांव से शुरू किया गया। ग्रामीण इलाके के क्षत्रिय समाज के तमाम लोग शोभायात्रा में शामिल थे। शोभायात्रा का संयोजन मयंक प्रताप सिंह निवासी किसरौली द्वारा किया गया। शोभायात्रा किसरौली गांव से शुरू होकर शहर में सोरों रोड बारह पत्थर से प्रभुपार्क तक निकाले जाने का कार्यक्रम था। इसके लिए संयोजक ने उपजिलाधिकारी से अनुमति भी मांगी। प्रशासन ने अनुमति जारी नहीं की। ऐसी स्थिति किसरौली से कासगंज आते समय फरीदपुर गांव पर शोभायात्रा को पुलिस ने रोक दिया। संयोजक मंडल के लोगों ने पुलिस से शोभायात्रा निकालने की मांग की, लेकिन सीओ दीप कुमार पंत ने शासन के निर्देशों का हवाला देकर शोभायात्रा को निकालने से रोक दिया। शोभायात्रा रोके जाने पर संयोजक मंयक प्रताप सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज के लोगों ने शोभायात्रा को लेकर काफी तैयारियां की हैं। यदि प्रशासन पहले ही रोक देता तो तैयारियों पर पैसा व्यय नहीं होता। प्रशासन का यह कदम युवाओं को आगे बढ़ने से रोकने का है। प्रशासन ने संयोजक मयंक को गैर परंपरागत तरीके से शोभायात्रा के आयोजन को लेकर नोटिस जारी किया है।
- बिना अनुमति के शोभायात्रा निकाली जा रही थी। यह आयोजन गैर परंपरागत था। शासन की स्पष्ट गाइडलाइन है कि यदि कोई भी नई परंपरा शुरू करके शोभायात्रा निकालता है तो अनुमति न दी जाए। प्रशासन ने शासन की गाइडलाइन का पालन किया है। - दीप कुमार पंत, सीओ।
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शोभायात्रा का आयोजन किसरौली गांव से शुरू किया गया। ग्रामीण इलाके के क्षत्रिय समाज के तमाम लोग शोभायात्रा में शामिल थे। शोभायात्रा का संयोजन मयंक प्रताप सिंह निवासी किसरौली द्वारा किया गया। शोभायात्रा किसरौली गांव से शुरू होकर शहर में सोरों रोड बारह पत्थर से प्रभुपार्क तक निकाले जाने का कार्यक्रम था। इसके लिए संयोजक ने उपजिलाधिकारी से अनुमति भी मांगी। प्रशासन ने अनुमति जारी नहीं की। ऐसी स्थिति किसरौली से कासगंज आते समय फरीदपुर गांव पर शोभायात्रा को पुलिस ने रोक दिया। संयोजक मंडल के लोगों ने पुलिस से शोभायात्रा निकालने की मांग की, लेकिन सीओ दीप कुमार पंत ने शासन के निर्देशों का हवाला देकर शोभायात्रा को निकालने से रोक दिया। शोभायात्रा रोके जाने पर संयोजक मंयक प्रताप सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज के लोगों ने शोभायात्रा को लेकर काफी तैयारियां की हैं। यदि प्रशासन पहले ही रोक देता तो तैयारियों पर पैसा व्यय नहीं होता। प्रशासन का यह कदम युवाओं को आगे बढ़ने से रोकने का है। प्रशासन ने संयोजक मयंक को गैर परंपरागत तरीके से शोभायात्रा के आयोजन को लेकर नोटिस जारी किया है।
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- बिना अनुमति के शोभायात्रा निकाली जा रही थी। यह आयोजन गैर परंपरागत था। शासन की स्पष्ट गाइडलाइन है कि यदि कोई भी नई परंपरा शुरू करके शोभायात्रा निकालता है तो अनुमति न दी जाए। प्रशासन ने शासन की गाइडलाइन का पालन किया है। - दीप कुमार पंत, सीओ।
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