{"_id":"5d612b188ebc3e0131497292","slug":"priest-dies-during-singing-bhajan-in-the-temple-on-janmashtami-2019-in-kasganj","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'मुझे अपनी शरण में ले लो प्रभु' भजन गा रहा था पुरोहित, अचानक हुई मौत, मचा कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'मुझे अपनी शरण में ले लो प्रभु' भजन गा रहा था पुरोहित, अचानक हुई मौत, मचा कोहराम
Sat, 24 Aug 2019 05:48 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 24 Aug 2019 05:48 PM IST
विज्ञापन
पुरोहित टिल्लू बरबारिया
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज के सोरों में वराह मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर हैरान करने वाली घटना हुई। मंदिर में श्रद्धालु भजन कीर्तन कर रहे थे। उसी समय एक तीर्थ पुरोहित की मौत कान्हा के भजन करते करते हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर वराह मंदिर में शुक्रवार रात भजन कीर्तन चल रहा था। कान्हा की भक्ति के भजन गाए जा रहे थे। इसमें तीर्थ पुरोहित टिल्लू बरबारिया(30) मुझे अपनी शरण में ले लो प्रभु भजन गाते हुए ढोलक बजाने में तल्लीन थे।
टिल्लू बरबारिया के बड़े भाई गोपाल बरिबारिया वायलिन बजा रहे थे। जैसे जैसे कान्हा के जन्म की घड़ी रात 12 बजे नजदीक आती जा रही थी, भजन की तीव्रता भी बढ़ रही थी। लोग भजन कीर्तनों पर झूम रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर वराह मंदिर में शुक्रवार रात भजन कीर्तन चल रहा था। कान्हा की भक्ति के भजन गाए जा रहे थे। इसमें तीर्थ पुरोहित टिल्लू बरबारिया(30) मुझे अपनी शरण में ले लो प्रभु भजन गाते हुए ढोलक बजाने में तल्लीन थे।
विज्ञापन
टिल्लू बरबारिया के बड़े भाई गोपाल बरिबारिया वायलिन बजा रहे थे। जैसे जैसे कान्हा के जन्म की घड़ी रात 12 बजे नजदीक आती जा रही थी, भजन की तीव्रता भी बढ़ रही थी। लोग भजन कीर्तनों पर झूम रहे थे।
विज्ञापन
दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत
इसी बीच रात्रि लगभग पौन बजे टिल्लू को दिल का दौरा पड़ा और उनके प्राण पखेरू उड़ गए। वह प्रभु के भजन गाते गाते उनमें ही विलीन हो गए। उनकी मौत से उनके परिजनों में कोहराम मच गया।
उनकी तीन वर्षीय पुत्री के सिर से पिता का साया उठ गया। उनकी मौत को लेकर लोगों में चर्चाएं थीं कि भगवान को याद करते करते वह भगवान में ही विलीन हो गए। लोगों का कहना था कि प्रभु ने उन्हें हमेशा के लिए अपनी शरण में लेकर मौक्ष दे दिया।
उनकी तीन वर्षीय पुत्री के सिर से पिता का साया उठ गया। उनकी मौत को लेकर लोगों में चर्चाएं थीं कि भगवान को याद करते करते वह भगवान में ही विलीन हो गए। लोगों का कहना था कि प्रभु ने उन्हें हमेशा के लिए अपनी शरण में लेकर मौक्ष दे दिया।