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मंगोलिया के राष्ट्रपति ने किया ताजमहल का दीदार, पर्यटकों के लिए दो घंटे रहा बंद
Sat, 21 Sep 2019 07:30 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 21 Sep 2019 07:30 PM IST
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मंगोलियन राष्ट्रपति ने किया ताज का दीदार
- फोटो : अमर उजाला
मंगोलिया के राष्ट्रपति खल्तमागीन बत्तुल्गा ने अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ शनिवार को ताजमहल का दीदार किया। वो लगभग एक घंटे स्मारक में रहे। इस दौरान उन्होंने एतिहासिक धरोहर की जमकर तारीफ की। स्मारक और यहां की व्यवस्थाओं को जानने के प्रति भी उत्सुकता दिखाई।
दोपहर 12 बजे शिल्पग्राम से ताज पूर्वी गेट पर वह गोल्फ कार्ट से पहुंचे। इस दौरान आम पर्यटकों के लिए स्मारक में प्रवेश बंद कर दिया गया। स्मारक में भ्रमण के दौरान उन्होंने इसके तामीर होने के इतिहास और इसकी वास्तुकला के बारे में जानकारी हासिल की।
साथ में चल रहे गाइड और अधिकारियों से पूछा कि यह कितने साल में बनकर तैयार हुआ? साथ ही यहां प्रतिदिन कितने पर्यटक आते हैं और उनसे कितना प्रवेश शुल्क लिया जाता है। भ्रमण के दौरान उन्होंने सेंट्रल टैंक स्थित डायना सीट पर फोटो भी खिंचवाए।
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दोपहर 12 बजे शिल्पग्राम से ताज पूर्वी गेट पर वह गोल्फ कार्ट से पहुंचे। इस दौरान आम पर्यटकों के लिए स्मारक में प्रवेश बंद कर दिया गया। स्मारक में भ्रमण के दौरान उन्होंने इसके तामीर होने के इतिहास और इसकी वास्तुकला के बारे में जानकारी हासिल की।
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साथ में चल रहे गाइड और अधिकारियों से पूछा कि यह कितने साल में बनकर तैयार हुआ? साथ ही यहां प्रतिदिन कितने पर्यटक आते हैं और उनसे कितना प्रवेश शुल्क लिया जाता है। भ्रमण के दौरान उन्होंने सेंट्रल टैंक स्थित डायना सीट पर फोटो भी खिंचवाए।
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विजिटर बुक पर लिखा यह
स्मारक से लौटते हुए राष्ट्रपति के प्रतिनिधि ने उनकी ओर से विजिट बुक पर लिखा, भारत में ताजमहल के रूप में एतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है। यह काफी प्रभावशाली है। इसे काफी सहेजकर रखा गया है। प्रदेश सरकार में पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी ने राज्य सरकार की ओर से शिल्पग्राम पर मंगोलिया के राष्ट्रपति का स्वागत किया। दोपहर के भोजन के बाद पर्यटन मंत्री ने ही उन्हें विदाई दी।
बिना गुलदस्ता के किया स्वागत
राजकीय अतिथि के स्वागत में देने के लिए फूलों का गुलदस्ता तक प्रशासन नहीं जुटा पाया। मंगोलिया के राष्ट्रपति जैसे ही शिल्पग्राम पहुंचे तो पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी ने आसपास के खड़े अधिकारियों की ओर फूलों के गुलदस्ते के लिए इशारा किया। मगर, सब एक-दूसरे की ओर देखते रहे। बुके उपलब्ध न देख पर्यटन मंत्री राष्ट्रपति का हाथ जोड़कर ही स्वागत किया।
बिना गुलदस्ता के किया स्वागत
राजकीय अतिथि के स्वागत में देने के लिए फूलों का गुलदस्ता तक प्रशासन नहीं जुटा पाया। मंगोलिया के राष्ट्रपति जैसे ही शिल्पग्राम पहुंचे तो पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी ने आसपास के खड़े अधिकारियों की ओर फूलों के गुलदस्ते के लिए इशारा किया। मगर, सब एक-दूसरे की ओर देखते रहे। बुके उपलब्ध न देख पर्यटन मंत्री राष्ट्रपति का हाथ जोड़कर ही स्वागत किया।