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इमरजेंसी में चार घंटे तक तड़पती रही गर्भवती: चिकित्सकों का नहीं पसीजा दिल, महिला ने तोड़ दिया दम; जांच शुरू
Sat, 03 Oct 2026 04:42 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 03 Oct 2026 04:42 PM IST
सार
आगरा के एसएन मेडिकल काॅलेज में शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। एक गर्भवती इलाज के लिए चार घंटे तक तड़पती रही। परिजनों के मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने और पुलिस के बुलाने पर महिला को भर्ती किया गया, लेकिन उसकी माैत हो गई।
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महिला का फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिला को चार घंटे तक भर्ती नहीं किया गया। मामले में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की। बाद में गर्भवती को भर्ती किया गया। पुलिस को भी फोन किया। शनिवार तड़के तीन बजे महिला की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है।
तांतपुर निवासी गौरव ने बताया कि उनकी साली विजय कुमारी (22 वर्ष) को परिवार में झगड़ा होने के कारण पेट में चोट लग गई थी। वह आठ माह की गर्भवती थी। ऐसे में उनको शुक्रवार की शाम सात बजे इमरजेंसी लेकर आए थे। वहां पर स्टाफ ने कहा कि इसे स्त्री रोग विभाग में लेकर जाओ, वहां जाने पर बताया कि यहां नहीं इनको इमरजेंसी लेकर जाइए।
इस तरह से चक्कर विभागों के काटते रहे पर भर्ती नहीं किया। ऐसे में परिचित को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल और फेसबुक पेज पर अपलोड किया। हमने 112 नंबर पर कॉल भी किया, इसके बाद महिला को भर्ती किया गया। सुबह महिला की मौत हो गई है। मृतका के पति लाखन सिंह ने बताया कि पत्नी की हालत खराब हो रही थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की। समय पर इलाज मिल जाता तो मेरी पत्नी की जान बच जाती।
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पत्नी आठ महीने की गर्भवती थी। बीते साल नवंबर में ही शादी हुई है। प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता ने बताया कि रात की घटना है। पुलिस भी आई थी, उनसे बात की गई है। मरीज को भर्ती करने की हम जांच कर रहे हैं। इसके लिए तीन सदस्य की टीम बना दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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तांतपुर निवासी गौरव ने बताया कि उनकी साली विजय कुमारी (22 वर्ष) को परिवार में झगड़ा होने के कारण पेट में चोट लग गई थी। वह आठ माह की गर्भवती थी। ऐसे में उनको शुक्रवार की शाम सात बजे इमरजेंसी लेकर आए थे। वहां पर स्टाफ ने कहा कि इसे स्त्री रोग विभाग में लेकर जाओ, वहां जाने पर बताया कि यहां नहीं इनको इमरजेंसी लेकर जाइए।
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इस तरह से चक्कर विभागों के काटते रहे पर भर्ती नहीं किया। ऐसे में परिचित को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल और फेसबुक पेज पर अपलोड किया। हमने 112 नंबर पर कॉल भी किया, इसके बाद महिला को भर्ती किया गया। सुबह महिला की मौत हो गई है। मृतका के पति लाखन सिंह ने बताया कि पत्नी की हालत खराब हो रही थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की। समय पर इलाज मिल जाता तो मेरी पत्नी की जान बच जाती।
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पत्नी आठ महीने की गर्भवती थी। बीते साल नवंबर में ही शादी हुई है। प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता ने बताया कि रात की घटना है। पुलिस भी आई थी, उनसे बात की गई है। मरीज को भर्ती करने की हम जांच कर रहे हैं। इसके लिए तीन सदस्य की टीम बना दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।