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राम मंदिर पर बोले तोगड़िया, कोर्ट के जरिए नहीं निकल सकता समस्या का हल
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 05 Sep 2017 03:19 PM IST
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प्रवीन तोगड़िया
- फोटो : अमर उजाला
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विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डा. प्रवीन भाई तोगड़िया का कहना है कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का रास्ता न्यायालय के माध्यम से नहीं निकल सकता। संसद में कानून बनाकर ही अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया सकता है। डा. तोगड़िया सोमवार को यहां सूरसदन प्रेक्षागृह में ‘श्रीराम जन्मभूमि राष्ट्रीयता का आधार स्तंभ’ विषय पर आयोजित गोष्ठी में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
डा. प्रवीन तोगड़िया ने कहा कि मान लिया कि कोर्ट ने फैसला दे दिया कि अयोध्या में 40×80 मीटर भूमि, जहां रामलाल विराजमान हैं वह, हिंदुओं की दे दी तो शेष करीब 67 एकड़ भूमि जो सरकार ने अधिगृहीत की है वह मसजिद बनाने के लिए दे दी गई तो क्या हिंदू इसे स्वीकार करेगा? उन्होंने साफ कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कराना है और वहां किसी नई मसजिद की नींव नहीं रखने देनी है।
न्यायालय संपत्ति का फैसला कर सकता है, क्या कोर्ट 100 करोड़ हिंदुओं की आस्था का फैसला कर सकता है। जो मानते हैं कि राम का जन्म अयोध्या में हुआ था। हम कोई भीख नहीं मांग रहे ये हमारे पुरखों का अधिकार है। राम मंदिर निर्माण का रास्ता सरदार पटेल सोमनाथ मंदिर बनवा कर पहले ही दिखा चुके हैं। उन्हीं के रास्ते पर चलकर मंदिर का निर्माण होगा।
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डा. प्रवीन तोगड़िया ने कहा कि मान लिया कि कोर्ट ने फैसला दे दिया कि अयोध्या में 40×80 मीटर भूमि, जहां रामलाल विराजमान हैं वह, हिंदुओं की दे दी तो शेष करीब 67 एकड़ भूमि जो सरकार ने अधिगृहीत की है वह मसजिद बनाने के लिए दे दी गई तो क्या हिंदू इसे स्वीकार करेगा? उन्होंने साफ कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कराना है और वहां किसी नई मसजिद की नींव नहीं रखने देनी है।
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न्यायालय संपत्ति का फैसला कर सकता है, क्या कोर्ट 100 करोड़ हिंदुओं की आस्था का फैसला कर सकता है। जो मानते हैं कि राम का जन्म अयोध्या में हुआ था। हम कोई भीख नहीं मांग रहे ये हमारे पुरखों का अधिकार है। राम मंदिर निर्माण का रास्ता सरदार पटेल सोमनाथ मंदिर बनवा कर पहले ही दिखा चुके हैं। उन्हीं के रास्ते पर चलकर मंदिर का निर्माण होगा।
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यह झगड़ा भगवान राम के जन्मस्थान का
तोगड़िया ने कहा कि देश को अब तय करना होगा कि राम के साथ हैं या बाबर के। बाबर के साथियों को लिए यहां कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि झगड़ा मंदिर का नहीं है। मंदिर तो कहीं भी बन सकता है। यह झगड़ा है भगवान राम के जन्मस्थान का।
क्या कोई किसी का जन्मस्थान बदल सकता है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी का जन्म पाकिस्तान में हुआ तो क्या उनका जन्मस्थान आगरा या मथुरा किया जा सकता है। तोगड़िया ने कहा कि देश में राम मंदिर का निर्माण और रामराज की स्थापना करनी है।
क्या कोई किसी का जन्मस्थान बदल सकता है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी का जन्म पाकिस्तान में हुआ तो क्या उनका जन्मस्थान आगरा या मथुरा किया जा सकता है। तोगड़िया ने कहा कि देश में राम मंदिर का निर्माण और रामराज की स्थापना करनी है।
राम मंदिर बनने से मिट्टी मिलेगा आतंकवाद
डा. प्रवीन तोगड़िया ने कहा कि आतंकवाद बाबर की विचारधारा हो सकती है। राम का आदर्श मानववाद है। राम मंदिर का संघर्ष जेहादी आतंकवाद के प्रति संघर्ष है। पूरी दुनिया में अब दो विचारधाराएं चल रही हैं एक प्रेम की और दूसरी हिंसा की। हम चाहते हैं कि अयोध्या में राम का मंदिर बने। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण ही इस्लामिक आतंकवाद को मिट्टी में मिला सकता है।