हमारे प्रधान: खारे पानी की समस्या का समाधान पहली प्राथमिकता, कौरई के प्रधान हैं स्नातक तक शिक्षित
नवनिर्वाचित प्रधान उमेश कुमार भी 1994 में कौरई सहकारी समिति के अध्यक्ष और 2000 में क्षेत्र पंचायत सदस्य रह चुके हैं। साथ ही वह परिवार की खेती भी संभालते हैं।
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विकास खंड फतेहपुर सीकरी के प्रधान उमेश कुमार उर्फ बंटी सिसौदिया की पृष्ठभूमि ही पंचायत की राजनीति की रही है। पूर्व में उनके दादा श्यामबाबू सिंह, पिता रामेंद्र सिंह, चाचा धर्मेंद्र सिंह और पत्नी रश्मि सिसौदिया प्रधान रह चुकी हैं। स्नातक तक शिक्षित नवनिर्वाचित प्रधान उमेश कुमार भी 1994 में कौरई सहकारी समिति के अध्यक्ष और 2000 में क्षेत्र पंचायत सदस्य रह चुके हैं। साथ ही वह परिवार की खेती भी संभालते हैं। बताया कि गांव में सबसे बड़ी समस्या खारे पानी की है। ग्रामीणों को मीठा पानी उपलब्ध कराना उनकी पहली प्राथमिकता है।
ये हैं गांव के विकास की प्राथमिकताएं
- खारा पानी की समस्या के समाधान के लिए मीठे पानी वाले स्थान पर बोरिंग कराना।
- जर्जर हो चुके स्वास्थ्य उपकेंद्र के पुनर्निर्माण का प्रयास।
- गांव में सफाई के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने का अभियान चलाना।
गांव की प्रमुख समस्याएं
- गांव में सबसे बड़ी समस्या जलभराव की है। बारिश के दिनों में रास्ते और गलियों तक पानी भर जाता है।
- पीने का पानी का इंतजाम करने के लिए ग्रामीणों को सिंचाई के नलकूप तक जाना होता है।
- मरम्मत और सफाई के अभाव में क्षतिग्रस्त पड़ी नालियां कचरे से भरी हुई हैं।
फतेहपुर सीकरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत कौरई में छह मजरे कौरई, खेड़ा कौरई, नगला कलंदर, नगला बोहरा, नगला केसरिया हैं। यहां की कुल आबादी करीब 6 हजार है। गांव के ज्यादातर परिवार खेती से जुड़े हैं। गांव में स्कूल, स्वास्थ्य उपकेंद्र भी हैं। पर, स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी से स्वास्थ्य उपकेंद्र का लाभ यहां के लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
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