आगरा कॉलेज में 'संग्राम': प्राचार्य के खिलाफ दीवारों पर चिपकाए पोस्टर, तीसरे दिन जारी रहा धरना
प्राचार्य डॉ. अनुराग शुक्ला का कहना है कि वह सिर्फ कॉलेज में सुचारू रूप से परीक्षाएं कराना चाहते हैं। किसी भी शिक्षक से उनका कोई दुराग्रह नहीं है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शिक्षकों का आगरा कॉलेज में चल रहा धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। महाविद्यालय की दीवारों पर जगह-जगह प्राचार्य विरोधी पोस्टर चिपकाए गए। वहीं प्राचार्य की ओर से समझौते की पहल नहीं हुई। हालांकि संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा के चलते शिक्षकों ने एक दिन के लिए अपना धरना स्थगित कर दिया है। सोमवार 29 मई से वो दोबारा धरने पर बैठेंगे।
पहली बार हुआ ऐसा
डॉ. भीमराव आंबेडकर से संबद्ध और शहर के सबसे पुराने महाविद्यालय के इतिहास में पहली बार किसी प्राचार्य के खिलाफ शिक्षकों ने मोर्चा खोला है। शिक्षक प्राचार्य पर नियमानुसार परीक्षा कार्य न कराने और अवकाश स्वीकृत करने में मनमानी का आरोप लगा रहे हैं। शिक्षकों का आरोप है कि प्राचार्य की ओर से स्टाफ क्लब के नाम पर एक ऐसे एनजीओ का पंजीकरण कराया गया है। जिसके संविधान में बाहरी लोगों को भी 5 लाख रुपये देकर सदस्य बनाने का प्रावधान रखा गया है। इस समानांतर स्टॉफ क्लब को भवन हस्तांतरित करना भी शंका पैदा करता है।
ये भी पढ़ें - UP: ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचे जयंत चौधरी, बोले- भाजपा राज में पूंजीपतियों की तरक्की
चिपकाए गए पोस्टर
महाविद्यालय की दीवारों पर प्राचार्य के खिलाफ उनकी योग्यता और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप वाले पोस्टर चिपकाए गए हैं। धरने में डॉ. अरुणोदय वाजपेयी, डॉ. शितिकंठ दुबे ने कहा कि प्राचार्य की हठधर्मिता का दुष्प्रभाव महाविद्यालय को भुगतना पड़ेगा।
ये बोले प्राचार्य
उधर, प्राचार्य डॉ. अनुराग शुक्ला का कहना है कि वह सिर्फ कॉलेज में सुचारू रूप से परीक्षाएं कराना चाहते हैं। किसी भी शिक्षक से उनका कोई दुराग्रह नहीं है। रही बात स्टाफ क्लब की तो शिक्षकों का एक ग्रुप उनके पास आया कि हमने अपना संगठन बना लिया तो हमें इससे क्या आपत्ति हो सकती है।