{"_id":"5d9244dc8ebc3e017232700f","slug":"possitive-sahawar-raja-ka-rampur-kasganj-news-agr4084042136","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहावर और राजा का राम को इसलिए आदर्श निकाय की श्रेणी में शामिल किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहावर और राजा का राम को इसलिए आदर्श निकाय की श्रेणी में शामिल किया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहावर। नगर पंचायत को आदर्श पंचायत की श्रेणी में शामिल किए जाने की तैयारी चल रही है। पंचायत अध्यक्ष की पहल पर जिला प्रशासन ने इस पंचायत को आदर्श घोषित कराने के लिए चयनित किया है।
पंचायत अध्यक्ष जाहिदा सुल्तान ने विकास कार्यों का पूरा ब्यौरा जिला प्रशासन को दिया और काम के प्रति रुचि दिखाई। डीएम सीपी सिंह ने इस पंचायत को आदर्श पंचायत बनाने को पहल शुरू की है। चयन कर प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है। जिला प्रशासन द्वारा यह प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। शासन से जब इस पंचायत को आदर्श घोषित किया जाएगा तो यहां विकास की तमाम उम्मीदें तलाशी जाएंगी। क्योंकि सरकार जिस पालिका और पंचायत को आदर्श बनाती है तो वहां विकास के लिए अतिरिक्त बजट मिलता है।
विधायक ने भी की संस्तुति
सहावर। नगर पंचायत को आदर्श पंचायत घोषित कराने के लिए अमांपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक देवेंद्र प्रताप ने भी संस्तुति कर दी है। विधायक ने पंचायत द्वारा कराए गए कार्यों पर संतोष जताते हुए यह संस्तुति की है।
विज्ञापन
- नगर पंचायत में तेजी से विकास कार्य करा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि जिलाधिकारी ने पंचायत को आदर्श पंचायत घोषित कराने के लिए चयन किया है। पूरा प्रयास है कि नगर पंचायत में विकास की कहीं कोई कमी न रहे। जाहिदा सुल्तान, पंचायत अध्यक्ष।
आदर्श नगर पंचायत योजना के लिए इस साल22 निकायों का चयन
एटा। सरकार की घोषणा के मुताबिक आदर्श नगर पंचायत योजना के लिए इस वित्तीय वर्ष के लिए प्रदेश के 22 नगर निकायों का चयन किया गया है। निकायों से संबंधित जिलों के डीएम द्वारा भेजे गये प्रस्तावों का परीक्षण करने के बाद नगर विकास विभाग ने निकायों के चयन को मंजूरी दे दी है। हालांकि योजना के तहत निकायों के चयन का काम अप्रैल में ही होना था, लेकिन जिले से प्रस्ताव न आने की वजह से चयन का काम करीब 7 महीने बाद हो पाया है। इन निकायों में विकास कार्यों के लिए अलग से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें एटा के राजा का रामपुर को भी शामिल किया गया है।
सरकार ने बड़े नगर निकायों की तरह छोटे नगर निकायों में रहने वाले लोगों को भी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से पिछले वर्ष ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना’ को लागू किया था। सरकार का मानना था कि छोटे नगर निकायों की तुलना में बड़े नगर निकायों की आय अधिक है और सरकार के स्तर से भी बड़े निकायों को वित्तीय मदद दी जाती है। कम आमदनी और सरकारी मदद न मिलने की वजह से छोटे नगर निकायों में विकास कार्य नहीं हो पाते हैं। इसलिए सरकार ने इस योजना की शुरूआत करते हुए घोषणा किया था कि प्रति वित्तीय वर्ष हर जिले की एक नगर पंचायत का आदर्श नगर पंचायत के तौर पर चयन कर उसका विकास किया जाएगा।
2 से 4 करोड़ तक मिलेगी धनराशि
योजना के तहत वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक आबादी के हिसाब से नगर निकायों का वर्गीकरण किया गया है। इस मानक के अनुसार 10 हजार तक की आबादी वाले नगर निकायों को 2 करोड़, 10 से 20 हजार तक की आबादी वाले निकाय को 3 करोड़ और 20 से 50 हजार तक की आबादी वाले नगर निकायों को 4 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद सरकार द्वारा उपलब्ध कराएगी। इस धनराशि से नगर निकायों में अवस्थापना विकास से संबंधित कार्य ही कराए जाएंगे।
आदर्श नगर पंचायत योजना के लिए इनका भी किया चयन
दोस्तपुर (सुल्तानपुर), कटरा (गोंडा), सौनौली (महराजगंज),खड्डा (कुशीनगर), कम्पिल (फर्रूखाबाद), नदीगांव (जालौन), अमिला (मऊ), बेहट (सहारनपुर), कुरावली (मैनपुरी), फरिहा (फिरोजाबाद), राजा का रामपुर (एटा), शिवली (कानपुर देहात), बिलासपुर (गौतमबुद्ध नगर), गढ़ीपुख्ता (शामली), बेनीगंज (हरदोई), अमीनगर सराय (बागपत), जलालाबाद (बिजनौर), कोडा जहानाबाद (फतेहपुर), पिनाहट (आगरा), पिलखुआ (हापुड़), शाहाबाद (रामपुर)।
विज्ञापन
पंचायत अध्यक्ष जाहिदा सुल्तान ने विकास कार्यों का पूरा ब्यौरा जिला प्रशासन को दिया और काम के प्रति रुचि दिखाई। डीएम सीपी सिंह ने इस पंचायत को आदर्श पंचायत बनाने को पहल शुरू की है। चयन कर प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है। जिला प्रशासन द्वारा यह प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। शासन से जब इस पंचायत को आदर्श घोषित किया जाएगा तो यहां विकास की तमाम उम्मीदें तलाशी जाएंगी। क्योंकि सरकार जिस पालिका और पंचायत को आदर्श बनाती है तो वहां विकास के लिए अतिरिक्त बजट मिलता है।
विज्ञापन
विधायक ने भी की संस्तुति
सहावर। नगर पंचायत को आदर्श पंचायत घोषित कराने के लिए अमांपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक देवेंद्र प्रताप ने भी संस्तुति कर दी है। विधायक ने पंचायत द्वारा कराए गए कार्यों पर संतोष जताते हुए यह संस्तुति की है।
विज्ञापन
- नगर पंचायत में तेजी से विकास कार्य करा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि जिलाधिकारी ने पंचायत को आदर्श पंचायत घोषित कराने के लिए चयन किया है। पूरा प्रयास है कि नगर पंचायत में विकास की कहीं कोई कमी न रहे। जाहिदा सुल्तान, पंचायत अध्यक्ष।
आदर्श नगर पंचायत योजना के लिए इस साल22 निकायों का चयन
एटा। सरकार की घोषणा के मुताबिक आदर्श नगर पंचायत योजना के लिए इस वित्तीय वर्ष के लिए प्रदेश के 22 नगर निकायों का चयन किया गया है। निकायों से संबंधित जिलों के डीएम द्वारा भेजे गये प्रस्तावों का परीक्षण करने के बाद नगर विकास विभाग ने निकायों के चयन को मंजूरी दे दी है। हालांकि योजना के तहत निकायों के चयन का काम अप्रैल में ही होना था, लेकिन जिले से प्रस्ताव न आने की वजह से चयन का काम करीब 7 महीने बाद हो पाया है। इन निकायों में विकास कार्यों के लिए अलग से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें एटा के राजा का रामपुर को भी शामिल किया गया है।
सरकार ने बड़े नगर निकायों की तरह छोटे नगर निकायों में रहने वाले लोगों को भी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से पिछले वर्ष ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना’ को लागू किया था। सरकार का मानना था कि छोटे नगर निकायों की तुलना में बड़े नगर निकायों की आय अधिक है और सरकार के स्तर से भी बड़े निकायों को वित्तीय मदद दी जाती है। कम आमदनी और सरकारी मदद न मिलने की वजह से छोटे नगर निकायों में विकास कार्य नहीं हो पाते हैं। इसलिए सरकार ने इस योजना की शुरूआत करते हुए घोषणा किया था कि प्रति वित्तीय वर्ष हर जिले की एक नगर पंचायत का आदर्श नगर पंचायत के तौर पर चयन कर उसका विकास किया जाएगा।
2 से 4 करोड़ तक मिलेगी धनराशि
योजना के तहत वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक आबादी के हिसाब से नगर निकायों का वर्गीकरण किया गया है। इस मानक के अनुसार 10 हजार तक की आबादी वाले नगर निकायों को 2 करोड़, 10 से 20 हजार तक की आबादी वाले निकाय को 3 करोड़ और 20 से 50 हजार तक की आबादी वाले नगर निकायों को 4 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद सरकार द्वारा उपलब्ध कराएगी। इस धनराशि से नगर निकायों में अवस्थापना विकास से संबंधित कार्य ही कराए जाएंगे।
आदर्श नगर पंचायत योजना के लिए इनका भी किया चयन
दोस्तपुर (सुल्तानपुर), कटरा (गोंडा), सौनौली (महराजगंज),खड्डा (कुशीनगर), कम्पिल (फर्रूखाबाद), नदीगांव (जालौन), अमिला (मऊ), बेहट (सहारनपुर), कुरावली (मैनपुरी), फरिहा (फिरोजाबाद), राजा का रामपुर (एटा), शिवली (कानपुर देहात), बिलासपुर (गौतमबुद्ध नगर), गढ़ीपुख्ता (शामली), बेनीगंज (हरदोई), अमीनगर सराय (बागपत), जलालाबाद (बिजनौर), कोडा जहानाबाद (फतेहपुर), पिनाहट (आगरा), पिलखुआ (हापुड़), शाहाबाद (रामपुर)।