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कोरोना के बीच बढ़ी घड़ों की बिक्री

Sat, 23 May 2020 10:18 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 23 May 2020 10:18 PM IST
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23एमएनपी-04-एक दुकान पर बिक्री के लिए रखे घड़े - फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। कोरोना वायरस के बीच डॉक्टरों ने ठंडे पेय पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों की सलाह के चलते लोगों ने कोल्ड ड्रिंक तो पीना बंद कर दिया है। फ्रिज के ठंडे पानी से भी दूरी बना ली है। गर्मी केे मौसम में ठंडे पानी के लिए लोग घड़े का सहारा ले रहे हैं। इससे अचानक घड़ों की मांग बढ़ है। बाजार बंद होने के कारण दुकानदार अपने घरों से ही घड़े बेच रहे हैं।
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कुम्हारों के चलने लगे चाक
शहर में कुम्हार मंडी, बंशीगोहरा, प्रजापति कॉलोनी में कुम्हारों के चाक चलने लगे हैं। घरों में घड़े बनाने के बाद मांग के अनुसार उनकी बिक्री की जा रही है। कुम्हार मंडी और बंशीगोहरा में तो लोगों ने घरों के बाहर ही दुकानें लगा ली हैं। गर्मी के मौसम में ठंडा पानी पीने के लिए ग्राहक घड़ा खरीदने के लिए दोनों स्थानों पर पहुंच रहे हैं।
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कीमत भी 50 से 200 रुपये तक
घडा़ें की मांग बढने से घड़ों की कीमत भी बढ़ी है। बाजार में 50 रुपये से लेकर 200 रुपये तक
कीमत में घड़े बेचे जा रहे हैं। बाजार में सुराही भी 80 रुपये से लेकर 150 रुपये तक में बिक रही है। गर्मी में सुराही की मांग भी अचानक ही बढने से कीमत भी बढ़ने लगी है।
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मिट्टी महंगी होने के कारण घड़ा तैयार करने में खर्चा आता है। महंगाई और मांग दोनों ही अधिक होने के कारण ही घड़ा की कीमत भी इस बार बाजार में बढ़ी है।
कमरून निशा, दुकानदार
बाजार में छोटे से लेकर बड़े घड़े मौजूद हैं। इस बार सुराही की मांग भी बढ़ी है। ग्राहकों की मांग के हिसाब से ही घड़ा और सुराही बनवाई जा रही हैं। घड़े के काम में कोई विशेष मुनाफा भी नहीं है।
संतोष कुमार, दुकानदार
कोरोना के चलते डॉक्टरों ने फ्रिज के पानी और कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाने की सलाह दी है। गर्मी के मौसम में कोरोना से बचाव के लिए घड़ा और सुराही ही एकमात्र सस्ता साधन बचा है।

महेंद्र सिंह, ग्राहक
गर्मी में फ्रिज लेना हर किसी के बस की बात नहीं है। गरीब लोगों के लिए तो घड़ा और सुराही ही सस्ता साधन है। जो बाजार में आसानी से उपलब्ध है। घड़े के पानी को पीने से कोई नुकसान भी नहीं है।
राहुल कुमार, ग्राहक
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