नशे का कारोबार: आगरा पुलिस ने जयपुरिया गैंग के सरगना की दो बेटियों को भी भेजा जेल
नशे की दवाओं का अवैध कारोबार करने वाले जयपुरिया गैंग से जुड़े लोगों पर पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने गैंग के सरगना पंकज गुप्ता की दो बेटियों को भी गिरफ्तार जेल भेज दिया है।
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आगरा में नशे की दवाओं का अवैध कारोबार करने के आरोपी जयपुरिया गैंग के सरगना पंकज गुप्ता की दो बेटियों को भी पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इनमें बड़ी बेटी बीडीएस की छात्रा है, जबकि दूसरी इंटरमीडिएट पास कर चुकी है। पुलिस पंकज गुप्ता सहित आठ आरोपियों को पूर्व में जेल भेज चुकी है। अब उसकी पत्नी सहित चार आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
नशे की दवाओं का अवैध कारोबार करने वाले जयपुरिया गैंग पर औषधि विभाग और पुलिस ने शिकंजा कसा था। 19 से 21 दिसंबर 2020 तक बल्केश्वर के तेज नगर निवासी सरगना पंकज गुप्ता के गोदाम पर छापा मारकर सात करोड़ की दवाओं को जब्त किया था।
14 फरवरी को गिरफ्तार हुआ था सरगना
पंकज के बेटे अमन गुप्ता, सूर्यकांत गुप्ता, गोदाम में पार्टनर किशन अग्रवाल समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में थाना कमला नगर में दो मुकदमे दर्ज हुए थे, जिनमें 17 आरोपी बनाए गए थे। पुलिस ने 14 फरवरी को सरगना पंकज गुप्ता उर्फ चंद्रकांत को गिरफ्तार किया था।
थाना कमला नगर के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि मुकदमे में नामजद पंकज गुप्ता की पत्नी रीता, बेटी आकांक्षा और श्रुति के अलावा अनिल करीरा, सरदार हरप्रीत और प्रीतम समेत अन्य आरोपी फरार थे। उनकी तलाश की जा रही थी। मंगलवार सुबह पंकज गुप्ता की बेटियों आकांक्षा और श्रुति को वाटरवर्क्स से गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें जेल भेज दिया गया है।
बेटियां भी बनाई थीं आरोपी
थाना कमला नगर के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि आकांक्षा ने बीडीएस में प्रवेश लिया है, जबकि उसकी छोटी बहन श्रुति इंटरमीडिएट कर चुकी है। दोनों पिता के साथ अवैध कारोबार में संलिप्त थीं। इसलिए उन्हें औषधि निरीक्षक ने आरोपी बनाया था। वह फरार हो गई थीं।
उनकी तलाश की जा रही थी। अब भी उनकी मां रीता फरार है। उनकी और एक अन्य आरोपी अनिल करीरा की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अनिल की पत्नी मन्नत करीरा को जेल भेजा जा चुका है। अनिल भी इस काम में पंकज गुप्ता का साथी है।
दो आरोपियों के नहीं मिले पते
थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि मुकदमे में हरप्रीत और प्रीतम के नाम भी हैं। यह दवाओं को लाने का काम करते थे। मगर, इन लोगों के पते नहीं मिल पाए हैं। वहीं आरोपियों की संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई भी नहीं हुई है, जबकि गैंग की गिरफ्तारी पर तत्कालीन एसएसपी ने आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने और संपत्ति जब्तीकरण की बात कही थी। मगर, अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।